डोनाल्ड ट्रंप की ताजपोशी पर आईएसआईएस और अलक़ायदा की नजर, बनाया खूनी प्लान

अमेरिका के नए राष्ट्रपति की ताजपोशी के खिलाफ साजिश रची जा रही है. जी हां, ये साज़िश रची है आईएसआईएस और अल क़ायदा ने मिलकर और उसे अंजाम तक पहुंचाने के लिए फरमान दिया गया है

  • News18India
  • Last Updated: January 19, 2017, 11:41 PM IST
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अमेरिका के नए राष्ट्रपति की ताजपोशी के खिलाफ साजिश रची जा रही है. जी हां, ये साज़िश रची है आईएसआईएस और अल क़ायदा ने मिलकर और उसे अंजाम तक पहुंचाने के लिए फरमान दिया गया है उन स्लीपिंग सेल के आतंकियों को जो उसी भीड़ में कहीं छुपे हुए हैं, जो शायद ताजपोशी के वक्त तमाशबीन की शक्ल में मौजूद हों. दुनिया में अपनी दहशत की हुकूमत कायम करने वाले आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट और अलक़ायदा किसी भी सूरत में अमेरिका को फिर से दहलाने की गहरी साज़िश रच रहे हैं. दोनों ही संगठन के मुखिया ने दुनिया भर में फैले अपने अपने स्लीपिंग सेल यानी भीड़ में गुम आतंकियों को हरकत में आने की हिदायत दे दी है. अगर खुफिया एजेंसियों से मिली रिपोर्ट पर यकीन किया जाए तो आईएसआईएस और अल क़ायदा ने डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह की परेड पर निशाना साधने की ऐसी ही साज़िश रची है.

आईएसआईएस पहले से ही ये धमकी देता आ रहा है कि उसके निशाने पर अमेरिका का राष्ट्रपति और उसका चुनाव है. खासतौर पर उम्मीदवारी के दौर में जब डोनाल्ड ट्रंप ने इस्लाम और दुनिया भर के मुसलमानों के खिलाफ अपना ख्याल जाहिर किया था तभी से ये आतंकी संगठन बौखलाए बैठे हैं. तभी से बग़दादी के आतंकी इस बात की धमकी को अलग अलग शक्ल में दुनिया के सामने ला चुके हैं कि वो अमेरिका के इस नए राष्ट्रपति से बदला लेकर रहेंगे.

दरअसल अमेरिका के नए राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह पर पूरी दुनिया की निगाहें लगी रहती हैं. दुनिया के करोड़ों लोग टीवी पर इस मौके के गवाह भी होते हैं. यानी उस वक्त अगर कोई ऐसी साज़िश अंजाम दी जाती है तो यकीनन उसका असर दुनिया के करोड़ों लोगों तक पलक झपकते ही पहुंच सकता है. यानी दहशत के जिस बादल को वो अपनी छोटी छोटी वारदात से वीडियो मैसेज और सोशल मीडिया के जरिए दुनिया भर में फैलाने पर आमादा रहते हैं.



बस एक ऐसी वारदात उनकी दहशत को दुनिया में फैलाने में कामयाब हो जाएगी. ऐसा आतंकी संगठन सोच रहे हैं. आतंकी संगठन जुमा यानी शुक्रवार को इस काम को इसलिए भी अंजाम देना चाहते हैं क्योंकि इस दिन को वो हर दिन के मुकाबले ज्यादा पाक समझते हैं. जब 2009 में बराक ओबामा ने राष्ट्रपति की शपथ ली थी उस वक्त वॉशिंगटन में व्हाइट हाउस के आस पास समारोह में करीब 20 लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए थे.
अब डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति के तौर पर शुक्रवार को शपथ लेंगे. माना यही जा रहा है कि विवादित छवि और जबरदस्त लोकप्रियता की वजह से डोनाल्ड ट्रंप को राष्ट्रपति बनता हुआ देखने के लिए इससे भी कहीं ज्यादा लोग सड़कों पर उतर सकते हैं और इसी भीड़ को निशाना बनाने के लिए बग़दादी के गुर्गे और अल क़ायदा के आतंकियों को अपने अपने बिलों से निकलकर वॉशिंगटन की सड़कों पर फैलने के लिए हिदायतें मिल चुकी हैं.
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