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जल्द सुलझेगी कृपाल सिंह की हत्या की गुत्थी, अहम आरोपी पांडे गिरफ्तार

आसाराम केस में अहम गवाह कृपाल सिंह की हत्या किसने की और साजिश किसने रची, जोधपुर से एक आरोपी नारायण पांडे की गिरफ्तारी के बाद अब कृपाल सिंह की हत्या की गुत्थी सुलझ सकती है।

  • News18India
  • Last Updated: July 22, 2015, 11:55 PM IST
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नई दिल्ली। आसाराम केस में अहम गवाह कृपाल सिंह की हत्या किसने की और साजिश किसने रची, जोधपुर से एक आरोपी नारायण पांडे की गिरफ्तारी के बाद अब कृपाल सिंह की हत्या की गुत्थी सुलझ सकती है। शाहजहांपुर पुलिस को इस केस में जिन तीन आरोपियों की तलाश थी उनमें एक नारायण पांडे भी था। हालांकि आसाराम ने नारायण पांडे से पूरी तरह पल्ला झाड़ने की कोशिश की है।

कृपाल सिंह के हत्यारे के लिए यूपी के शाहजहांपुर की पुलिस दिन रात एक किए हुए थी। लेकिन लगता है शाहजहांपुर पुलिस की मेहनत अब कामयाब होने वाली है। क्योंकि पुलिस को जिन तीन आरोपियों की तलाश थी उनमें से मुख्य आरोपी नारायण पांडे अब उसके कब्जे में है।

दरअसल नारायण पांडे को जोधपुर पुलिस ने सोमवार को जिला कोर्ट परिसर से धर दबोचा था। शुरू में वो पुलिस को चकमा देने की कोशिश में था लेकिन जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने बता दिया कि वो वही नारायण पांडे है। जिसकी तलाश में शाहजहांपुर की पुलिस भटक रही है।



आपको बता दें कानपुर के नोबास्ता इलाके का रहने वाला नारायण पांडे वही शख्स है जिसने पीड़िता के भाई को केस वापस लेने के लिए धमकाया था। नारायण पांडे ने पीड़िता के भाई को जान से मारने की धमकी भी दी थी। पुलिस के मुताबिक पिछले साल दिसंबर में पीड़िता के भाई की शिकायत के बाद यूपी पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। लेकिन उसके बाद वो जमानत पर रिहा हो गया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी नारायण पांडे साल 2004 से आसाराम का भक्त है। वो प्रवचन और सत्संग में आसाराम के साथ रुकता था।
लेकिन जब आसाराम से नारायण पांडे के बारे में पूछा गया तो उन्होंने पांडे को पहचानने से ही इंकार कर दिया। गौरतलब है कि जिस नाबालिग से यौन शोषण के आरोप में आसाराम जेल में बंद है। मारा गया कृपाल सिंह उस मामले में मुख्य गवाह था। और नारायण पांडे पर उसी गवाह के कत्ल का आरोप है। कृपाल सिंह को 17 जुलाई को शाहजहांपुर के सदर बाजार इलाके में उस वक्त गोली से हमला किया गया था जब वो बाईक से घर जा रहे थे। तभी मोटरसाईकिल पर सवार तीन शूटर्स उन्हें गोली मारकर फरार हो गए थे। कृपाल सिंह की अस्पताल में मौत हो गई थी।

पुलिस को शक है कि उन तीन शूटर्स में से एक नारायण पांडे भी हो सकता है। बहरहाल अब नारायण पांडे शाहजहांपुर पुलिस की गिरफ्त में है। और पुलिस उससे पूछताछ कर इस केस की सभी कड़ियां खोलने की कोशिश जरूर करेगी। जांच अधिकारी इस हत्याकांड से जुड़े हर सिरे को जोड़ते हुए हत्या की साजिश के मास्टर माइंड तक भी पहुंचने की कोशिश करेंगे।

कृपाल सिंह के हत्यारों के जोधपुर में छुपे होने की आंशका में जोधपुर कोर्ट परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी, साथ में जेल में आसाराम की भी सुरक्षा बढ़ा दी। पुलिस और जेल प्रशासन को अब डर गवाहों की सुरक्षा का ही नहीं इस केस में जिस तरह से पेचिदगी बढ़ती जा रही है आसाराम की सुरक्षा की भी रिस्क नहीं लेना चाहता पुलिस और जेल प्रशासन।
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