आईएस ने दी पोप, पुतिन और ट्रंप को धमकी, घर में घुसकर मारेंगे

'हम तुम्‍हारे ही घर में तुम्‍हें मारने आ रहे हैं', ये धमकी आईएसआईएस के लड़ाकों ने उस ताकतवर मुल्क के सबसे ताकतवर राजनेता को दी है, जिसका जिक्र करने से पहले दुनिया का सबसे ताकतवर मुल्क भी सौ बार सोचता है।

  • News18India
  • Last Updated: December 22, 2016, 11:57 PM IST
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नई दिल्ली। 'हम तुम्‍हारे ही घर में तुम्‍हें मारने आ रहे हैं', ये धमकी आईएसआईएस के लड़ाकों ने उस ताकतवर मुल्क के सबसे ताकतवर राजनेता को दी है, जिसका जिक्र करने से पहले दुनिया का सबसे ताकतवर मुल्क भी सौ बार सोचता है। ये राजनेता हैं रूस के राष्ट्रपति पुतिन, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और वेटिकन सिटी के पोप। गरज ये कि क्या ये धमकी बस दिखावा है सुर्खियों में बना रहने के लिए या फिर ये बगदादी का कोई नयां पैंतरा है।

आपको याद होगा कि करीब 50 जिन पहले बग़दादी के आतंकियों ने सोशल मीडिया के जरिए ये बात पूरी दुनिया में फैलाई थी कि अमेरिकी राष्ट्रपति के चुनाव से सच्चे मुसलमान पीछे हट जाएं। उसमें शिरकत न करें क्योंकि राष्ट्रपति के चुनाव में वो खून बहाने की तैयारी कर रहे हैं और राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डॉनल्ड ट्रंप को निशाना बनाने की कसम खाने की बात आईएस के लड़ाकों ने खूब जोर शोर से फैलाने की कोशिश की थी। यही नहीं, अपनी बात के हक में कई वीडियो भी जारी किए थे।





वी़डियो में आईएस के लड़ाकों ने पुतिन और ईसाई धर्म के सबसे बड़े धर्म गुरू वेटिकन के पोप उनके निशाने पर हैं। सीरिया हो या इराक़ या फिर लीबिया की ज़मीन का वो छोटा सा टुकड़ा जहां इस्लामिक स्टेट के लड़ाकों के कदम अब पूरी तरह से उखड़ चुके हैं। सीरिया में रुस की सेना और जंगी जहाजों ने इस्लामिक स्टेट के आतंकियों पर इस कदर बम बरसाये कि उन्हें पनाह लेने के लिए वहां से भागना ही पड़ा। इराक़ की रेतीली ज़मीन से इराक़ी और पेशमरगा सैनिकों की टुकड़ी के साथ साथ अमेरिकी फौज की ताकत ने बग़दादी के आतंकियों के परखचे उड़ा दिए।
रूस के राष्ट्रपति पुतिन पहले ही ऐलान कर चुके हैं कि उनके जंगी जहाज एटम बम से लैस हैं। पुतिन की इस धमकी को भी हल्के में नहीं लिया जा सकता। साफ है कि अगर बगदादी की ब्रिगेड पूरी तरह बेकाबू हो गई तो रूस सबसे घातक हथियार भी इस्तेमाल करने से नहीं चूकेगा। अगर ऐसा हुआ तो उसका अंजाम क्या होगा इस बात से पूरी दुनिया वाकिफ है। वहीं अमेरिका के साथ उसके सहयोगी देशों की सेना भी आतंकियों को तबाह करने में पीछे नहीं है।



अब सवाल उठता है कि रूस और अमेरिका की फौजें तो बग़दादी के आतंकियों के परखचे उड़ाने के लिए रेतीली ज़मीन को बारूद की आग से झुलसा रही हैं, लेकिन वेटिकन के पोप ने किसी का क्या बिगाड़ा। आतंकी पोप को इस लिए निशाना बनाना चाहते हैं क्योंकि पोप ने सीरिया और इराक से भागकर आने वाले शरणार्थियों की मदद करने का ऐलान किया था। उन्होंने पूरे यूरोप के कैथोलिक पादरियों, मठों और धार्मिक समुदाय के लोगों से अपील की थी हर कोई कम से कम एक शरणार्थी परिवार को पनाह दे।

आपको बता दें यूरोप में पादरियों की हजारों बस्तियां हैं। सिर्फ इटली में ही 25 हजार पादरी बस्तियां हैं जबकि जर्मनी में ऐसी बस्तियों की तादाद 12 हजार से ज्यादा है। वेटिकन पर निशाना साधकर आईएस के आतंकी यूरोप के साथ-साथ दुनिया की बहुत बड़ी आबादी को जज्बाती ठेस पहुंचाना चाहते हैं। आतंकी चाहते हैं कि ईसाई समुदाय के दिल में मुसलमानों के खिलाफ नफरत पैदा हो जाए। जिससे उनकी ये जंग एक धार्मिक लड़ाई में बदल जाए। अगर ऐसा हुआ तो पूरी दुनिया में जेहाद का जहर फैलाने की उनकी साजिश को पर लग जाएंगे।

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