मुंबई में लुटेरों का कहर, क्लोरोफॉर्म सुंघाकर देते है लूट को अंजाम

मायानगरी मुंबई पर आजकल लुटेरों की नजर है। ये गिरोह घातक हथियारों से लैस है और किसी वक्त भी अपने शिकार पर हमला बोल सकता है।

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नई दिल्ली। मायानगरी मुंबई पर आजकल लुटेरों की नजर है। ये गिरोह घातक हथियारों से लैस है और किसी वक्त भी अपने शिकार पर हमला बोल सकता है। इनका ताजा शिकार बनी है एलटी मार्ग की एक कुरियर कंपनी। जहां इस गिरोह ने सुबह सवेरे हमला बोलकर लाखों की लूट को अंजाम दिया। अपराधियों ने बेहद शातिराना तरीके से हमला बोला और कई लाख रूपये लूटकर फरार हो गए। लेकिन वो इस बात से बेखबर थे कि उनकी एक-एक हरकत पर किसी की निगाह है। जी हां लूट की इस पूरी वारदात का गवाह बन गया है सीसीटीवी कैमरा।

कुरियर कंपनी का एक कर्मचारी पानी की बालटी लेकर अपने कमरे में दाखिल हुआ। उसकी शक्ल देखकर अंदाजा लगाया जा सकता था कि वो नींद में है। लेकिन मुंबई शहर में पानी ऐसी जरूरत है कि अगर सुबह सवेरे बालटी नहीं भरी तो फिर मुंह धोने के भी लाले पड़ जाते हैं। बहरहाल ये शख्स तीन सेकेंड के अंदर कमरे में ऐसी जगह पहुंच चुका था जहां कैमरे की नजरें नहीं जा सकती थीं। इसके बाद तकरीबन 11 सेकेंड तक वो कैमरे की आंखों से ओझल रहा।

इस बीच वो उस पानी को किसी दूसरे बरतन में उलट रहा था ताकी बालटी को दोबारा भरा जा सके। वो दोबारा कैमरे के फ्रेम में आया तो घड़ी में वक्त हुआ था 7 बजकर 55 मिनट और 43 सेकेंड। तकरीबन पांच सेकेंड के बाद वो एक बार फिर दरवाजे के बाहर कदम बढ़ा रहा था। लेकिन अचानक ही उसके कदम रुक गए। क्योंकि किसी ने उसका रास्ता रोक लिया था। दो सेकेंड बाद वो शख्स कमरे के अंदर लौट आया।



लेकिन वो अपनी मर्जी से नहीं आया था। बल्कि किसी ने उसे धक्का देकर कमरे में अंदर भेजा था। उस वक्त घड़ी में वक्त हुआ था 7 बजकर 55 मिनट और 50 सेकेंड। अब आप देखिये दो सेकेंड बाद ही एक शख्स कमरे में दाखिल हुआ है। उसने नीली शर्ट और नीली जींस पहनी हुई है। फौरन ही उसके पीछे-पीछे एक और शख्स कमरे के अंदर दाखिल हुआ उसने हरी और काली टीशर्ट के साथ नीली जींस पहनी हुई है।
इस शख्स के बाएं हाथ में एक शीशी है जबकि दाएं हाथ में एक रूमाल है। अब देखिये घड़ी में वक्त हुआ है 7 बजकर 55 मिनट और 55 सेकेंड। अब कमरे में एक तीसरा शख्स दाखिल हुआ है इसने भी नीली शर्ट पहनी हुई है लेकिन उसके हाथ में एक लंबा चाकू भी मौजूद है। चाकू वाला शख्श सीधे बालटी वाले आदमी के पास गया और एक हाथ से उसका सिर पकड़कर चाकू को उसकी गर्दन से सटा दिया। अब घड़ी में वक्त हो चुका था 7 बजकर 56 मिनट और 2 सेकेंड।

इस बीच शीशी और रूमाल वाले लुटेरे ने शीशी में से कोई पदार्थ रुमाल पर उंडेलना शुरु किया। इसी बीचे एक शख्स और कमरे में दाखिल हुआ घड़ी में वक्त हुआ था 7 बजकर 56 मिनट और 3 सेकेंड। अब कमरे में मौजूद थे चार लुटेरे। इसके बाद शुरू हुआ वो काम जिसके लिए ये गिरोह मशहूर है। रूमाल वाले लुटेरे ने रुमाल को हाथ में पकड़ा और नीचे की तरफ झुककर किसी के नाक से सटाया।

दरअसल इस कमरे में बालटी वाले शख्स के अलावा भी कोई है जो शायद सो रहा है। हरी टीशर्ट वाले लुटेरे ने ये रूमाल सोए हुए शख्स की नाक से सटाया था। इसके बाद वो अचानक ही मुड़ा और बंधक के मुंह पर रुमाल रख दिया। लेकिन बंधक रुमाल से बचने की कोशिश करने लगा। इस वक्त उसकी जान दोहरी मुसीबत में थी।

गर्दन पर खतरनाक किस्म का खंजर रखा हुआ था और उस रूमाल में ना जाने क्या था जो वो उसकी नाक पर रखकर दबाना चाहते थे। उसने जद्दोजहद जरूर की लेकिन 18 सेकेंड से ज्यादा विरोध नहीं कर सका। जिस वक्त घड़ी में 7 बजकर 56 मिनट और 23 सेकेंड हुए थे वो शख्स बेहोश हो चुका था। इसके बाद हरी टीशर्ट वाले लुटेरे जब रूमाल को फिर से तर किया तो घड़ी में वक्त हुआ था 7 बजकर 56 मिनट और 27 सेकेंड। वो फिर से नीचे झुका और सोए हुए शख्स के मुंह पर रुमाल रख दिया।

तकरीबन 11 सेकेंड तक रुमाल सोए हुए शख्स की नाक से सटा रहा और जब ग्रीन टीशर्ट वाला वापस खड़ा हुआ थो वक्त हुआ था 7 बजकर 56 मिनट और 39 सेकेंड। आप सोच रहे होंगे कि आखिर इस रूमाल में क्या था। तो आपको बता दें लुटेरे उस शीशी में कलोरोफॉर्म लेकर आए थे। जिससे वो अपने शिकार को बेहोश कर रहे थे।

लुटेरे इस कमरे में 7 बजकर 55 मिनट और 48 सेकेंड पर दाखिल हुए थे। और महज 55 सेकेंड में वहां मौजूद सभी लोगों को बेहोश कर चुके थे। अब आपको थोड़ा सा और पीछे लिये चलते हैं। आप देखिये जिस वक्त रूमाल वाला और चाकू वाला लुटेरा बंधक को बेहोश करने में जुटे हुए थे उसी वक्त नीली शर्ट वाले लुटेरे ने वहां मौजूद पैकेट्स को खंगालना शुरू कर दिया था।

इधर ये दो लुटेरे बेहोश करने का काम कर रहे थे वहीं नीली शर्ट वाला पैकेट्स को खंगालने में जुटा था। ऐसा लग रहा था जैसे उसे किसी खास पैकेट की तलाश है। वो एक चाकू से पैकेट्स को फाड़-फाड़कर देख रहा था। ये तीन लुटेरे अपना-अपना काम करने में मगन थे जबकि दरवाजे पर मौजूद सफेद शर्ट वाला चौथा लुटेरा सबकुछ देख रहा था। 7 बजकर 56 मिनट और 50 सेकेंड पर जब बेहोश करने वाला काम पूरा हो गया तो सफेद शर्ट वाले लुटेरे ने ग्रीन टी शर्ट वाले लुटेरे को पैकेट तलाशने का हुक्म दिया।

ऐसा लग रहा था कि सफेद शर्ट वाला लुटेरे इस गिरोह का सरगना था। उसका हुक्म सुनकर ग्रीन टी शर्ट वाला लुटेरे पैकेट्स की तरफ बढ़ा और उन्हें उलटने पलटने लगा। कुछ देर बाद गिरोह के सरगना का हाथ शर्ट के अंदर गया जब वापस आया तो उसमें एक खतरनाक खंजर मौजूद था।

घड़ी में वक्त हुआ था 7 बजकर 57 मिनट और 5 सेकेंड। गिरोह के सरगना ने खंजर के ऊपर लगी पन्नी को उतारा और खंजर हरी टीशर्ट वाले लुटेरे के हवाले कर दिया। इसके बाद घड़ी की सुइंया अपनी रफ्तार से चल रही थी लेकिन उससे भी तेज चल रहे थे लुटेरों के हाथ। नीली शर्ट वाला लुटेरा पहले ही कई पैकेट्स को फाड़ चुका था अब ग्रीन टी शर्ट वाले का हाथ भी तेजी से चल रहा था।

उसने भी पैकेट्स को उठाकर चाकू से काटना शुरू कर दिया। उनकी ये मशक्कत तकरीबन तीस सेकेंड तक चलती रही। लेकिन जिस वक्त घड़ी की सुइंया 7 बजकर 58 मिनट और 5 सेकेंड पर पहुंची तो गिरोह के सरगना की नजरें ऊपर रखे एक पैकेट पर गई। अगले पांच सेकेंड में पैकेट नीचे आ चुका था। महज 12 सेकेंड में नोटों से भरे बंडल लुटेरों के सामने थे।

आपने लूट की इस पूरी वारदात को देख लिया है। ये अपराधी बेहद खतरनाक हैं। घातक हथियारों से लैस होकर आते हैं लेकिन अपने शिकार को बेहोश करके बड़े सुकून से लूट की घटना को अंजाम देते हैं। इन लुटेरों ने महज चार सेकेंड में लूट की इस घटना को अंजाम दिया और कई लाख रुपये लेकर रफूचक्कर हो गए। वो लुटेरे बेहद शातिर थे लेकिन उनसे ज्यादा चालाक था वहां मौजूद वो सीसीटीवी कैमरा जिसने उनकी एक-एक हरकत को कैद कर लिया।
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