यहां नशे के सौदागरों में हुई वर्चस्व की लड़ाई, बिछ गई कई लाशें

क्या आप जानते हैं दुनिया में एक ऐसा खतरनाक शहर भी है जहां सिर्फ जुर्म की हुकूमत चलती है। इस शहर का उसूल है जिंदा रहना तो दूसरों को मार डालो।

  • News18India
  • Last Updated: February 12, 2016, 11:38 PM IST
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मैक्सिको। क्या आप जानते हैं दुनिया में एक ऐसा खतरनाक शहर भी है जहां सिर्फ जुर्म की हुकूमत चलती है। इस शहर का उसूल है जिंदा रहना तो दूसरों को मार डालो। यहां कब किस पर मौत झपट पड़ेगी कोई नहीं जानता। जी हां ऐसा ही कुछ नजारा है मैक्सिको की टोपो चिको जेल का, बंद ज्यादातर अपराधी नशे के सौदागर हैं और मैक्सिकों को नशे के सौदागरों की राजधानी कहा जाता है। इस शहर में कारोबार के नाम पर सिर्फ नशे का धंधा होता है। इस जेल के सभी गैंग एक दूसरे के खून के प्यासे रहते हैं और वो जरा सी बात के लिए किसी की भी जान ले सकते हैं।

हाल ही में सामने आए एक वीडियो में इस जेल में भी गैंगवार हुई थी। इस जंग में शामिल मैक्सिको के सबसे खतरनाक गिरोह जोर्ज इवान हरनानडेज केंटू और जुआन पेरडो फारियास थे। इन दोनों गिरोह के बीच इलाके और ड्रग्स के काले कारोबार पर हुकूमत को लेकर पिछले कई साल से जंग जारी है। बुधवार रात करीब 11.30 बजे दोनों गिरोह के कुछ लोगों का झगड़ा हुआ और देखते ही देखते पूरी जेल में दोनों ग्रुप के लोगों में खूनी संघर्ष शुरू हो गया, कुछ ही देर में पूरी जेल आग की लपटों में घिर गई। चारों तरफ गोलियों की तड़तड़ाहट और चीख पुकार से माहौल दहल गया।

हालांकि इस जेल में कैदियों के पास घातक हथियार होना कोई अजीब बात नहीं थी। जेल प्रशासन की मिली भगत से उन्हें सब मुहैया हो जाता है, लेकिन इस गैंगवार में बात हद से आगे निकल गई। बता दें टोपो चिको जेल में क्षमता से दुगने कैदी बंद हैं और उन्हें संभालने वाले पुलिस वालों की संख्या काफी कम पड़ने लगी है। उस रात भी ऐसा ही हुआ कैदियों में जंग शुरू हुई और हर तरफ लाशें गिरने लगीं। गोलियों की आवाज से शहर गूंजने लगा। इस गैंगवार की खबर जल्दी ही पूरे शहर में फैल गई। इस खबर से वो लोग परेशान हो गए जिनके अपने इस जेल में बंद थे। कुछ ही देर में जेल के बाहर कैदियों के परिवारों का जमावड़ा लग गया।



कैदियों के परिवार वालों ने जेल को घेर लिया और जेल के हालात जानने के लिए हंगामा खड़ा कर दिया। वीडियो में साफ पता चलता है कि जेल के बाहर कितनी भीड़ जमा हो गई है। इन लोगों ने जेल से बाहर निकलने वाली गाड़ियों का रास्ता रोक दिया। जेल प्रशासन ने हालात पर काबू करने की बहुत कोशिश की। लेकिन साफ था कि मामला उनकी हद से बाहर जा चुका था, थोड़ी देर में आर्मी बुला ली गई। पूरे लाहो लश्कर के साथ भारी संख्या में पुलिस बल और सेना के जवान जेल में दाखिल हो गए। लेकिन इसके बाद भी जेल के अंदर से रुक रुक कर गोलियों की आवाज और चीख पुकार सुनाई दे रही थी। जेल के अंदर कई महिला कैदी नजर आ रही थीं जो बहुत घबराई हुई थीं। अब तक बाहर मौजूद लोगों के सब्र का पैमाना छलक चुका था और उन्होंने पुलिस पर हमला कर दिया।
पत्थर और डंडो से जेल के गेट को तोड़ने की कोशिश शुरू कर दी। अंदर पहुंच चुकी सेना ने धीरे- धीरे खून खराबे पर उतारू नशे के उन सौदागरों को कब्जे में ले लिया और पूरी जेल पर अपना नियंत्रण बना लिया, लेकिन तब तक इस जंग में करीब 52 कैदियों की मौत हो चुकी थी।

बता दें मैक्सिको की जेल में कैदियों के बीच हुई जंग की ये कोई पहली घटना नहीं है। साल 2013 में हुई ऐसी ही एक हिंसा में 13 लोगों की मौत हुई थी। 2015 में जेल में हुई हिंसा में 44 कैदी मारे गए थे, जबकि 30 फरार हो गए थे।

 
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