जंग-ए-मैदान में बदहाल हुए आईएसआईएस के आतंकी, कपड़े उतार किया सरेंडर!

आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेटे (आईएसआईएस) के खिलाफ इराक के मोसुल में चल रही जंग में आतंकवादी अपनी जान बचाने के लिए रेतीली ज़मीन पर हाथ में अपनी शर्ट और पैंट लिए भाग रहे हैं। आतंकी हाथ में अपनी शर्ट और पैंट लिए इसलिए अपने ठिकाने से निकलते हैं ताकि इराकी सैनिक उसकी जान बक्श दें। आतंकी अपने ठिकाने से निकलकर धीरे-धीरे इराकी फौज की तरफ बढ़ता जाता है और एक जगह आकर रुक जाता है। जिसके बाद इराकी सैनिक बढ़ते हैं और उसे गिरफ़्तार कर लेते हैं।

  • News18India
  • Last Updated: November 27, 2016, 11:55 PM IST
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नई दिल्ली। आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेटे (आईएसआईएस) के खिलाफ इराक के मोसुल में चल रही जंग में आतंकवादी अपनी जान बचाने के लिए रेतीली ज़मीन पर हाथ में अपनी शर्ट और पैंट लिए भाग रहे हैं। आतंकी हाथ में अपनी शर्ट और पैंट लिए इसलिए अपने ठिकाने से निकलते हैं ताकि इराकी सैनिक उसकी जान बक्श दें। आतंकी अपने ठिकाने से निकलकर धीरे-धीरे इराकी फौज की तरफ बढ़ता जाता है और एक जगह आकर रुक जाता है। जिसके बाद इराकी सैनिक बढ़ते हैं और उसे गिरफ़्तार कर लेते हैं।

दरअसल मोसुल की जंग में अब धीरे-धीरे आतंक के आका बग़दादी के गुर्गे हर मोर्चे पर शिकस्त खा रहे हैं। इसलिए अब उन्हें ये डर सताने लगा है कि पकड़े जाने पर उनका भी वहीं अंजाम हो सकता है जो वो मासूम और निहत्थे लोगों के साथ करते थे। लिहाजा वो अब जंग-ए-मैदान को छोड़-छोड़ कर भाग रहे हैं।

इराक के बाद जब से सीरिया में भी अबू बकर अल बग़दादी और उसके आतंकी संगठन आईएसआईएस के आतंकवादियों को खदेड़ने की जंग की शुरुआत हुई है उस दिन से सीरिया में आईएसआईएस का गढ़ माने जाने वाले रक्का और उसके आस-पास के इलाकों से आतंक के आका की खौफ की सलत्नत की बुनियाद तक हिल चुकी है। दरअसल आईएसआईएस के खिलाफ छिड़ी इस जंग में रूसी सेना सीरिया का साथ दे रही है।



आईएसआईएस को सीरिया से बाहर खदेड़ देने के ही मकसद से रूसी सेना ने अपने एक जंगी जहाज एडमिरल कुज़नेत्सोव को सीरिया की एक तटीय इलाके के पास पूर्वी भूमध्य सागर में तैनात कर दिया है। एडमिरल कुज़नेत्सोव एक एयरक्राफ्ट कैरियर श्रेणी का युद्धपोत है और पिछले कई दिनों से रूसी वायुसेना के जंगी जहाज़ एडमिरल कुज़नेत्सोव से उड़ान भर कर आईएसआईएस के कब्ज़े वाले दक्षिणी एलेप्पो में रोज़ाना उसके आतंकवादियों के ठिकानों को तबाह और बर्बाद करने के लिए बमबारी कर रही है।
आपको बता दें कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ये पहला मौका है कि रूस ने अपना इतना बड़ा जंगी जहाज़ किसी देश की सीमा में तैनात किया हो। एडमिरल कुज़नेत्सोव यूं तो कई तरह की तोपों, मिसाइलों, एंटी एयरक्राफ्ट गन से तो लगी हैं। इसके अलावा एडमिरल कुज़नेत्सोव फिलहाल 20 मिग और सुखोई फाइटर जेट्स से भी लैस है। यानि दुश्मन को नेस्तानाबूद कर देने का हर सामान इस युद्धक पोत पर मौजूद है।

इसके अलावा भूमध्य सागर से लगे सीरिया के लटाकिया के हीमीम एयरबेस पर भी रूसी वायुसेना के 30 जंगी जहाज़ मौजूद है। यानि रूस ने अब सीरिया से आईएसआईएस को बाहर खदेड़ने की जंग छेड़ दी है। यही वो बात है जिसने अमेरिका समेत नाटो फौज को परेशान कर रखा है। जानकारों का मानना है कि सीरिया के पास पूर्वी भूमध्य सामगर में एडमिरल कुज़नेत्सोव की तैनाती का मतलब ये निकलता है कि अब रूस की सेना इस इलाके में अपना दबदबा बढ़ना चाहती है।

एडमिरल कुज़नेत्सोव पर लगी तोपों से आईएसआईएस के ठिकानों पर बमबारी शुरू हो गई है। इतना ही नहीं इस जंगी जहाज़ से हर दिन आईएसआईएस के अड्डों पर लंबी दूरी तक मार करने वाले मिसाइलें से भी हमला किया जा रहा है। इसके अलावा रूसी वायु सेना के फाइटर जेट्स ने सीरिया के दक्षिणी एलेप्पो, इदलिब और हॉम्स में भी भयानक बमबारी की। रूसी सेना के सूत्रों का कहना है कि आईएसआईएस के ठिकानों पर बमबारी करने से पहले उसकी वायु सेना के जंगी जहाज़ों ने कुछ दिन तक उन जगहों के ऊपर से उड़ान भरी थी जिन जगहों पर आईएसआईएस के आतंकवादियों के छिपे होने का शक हो सकता है। इसके बाद ही इन जगहों पर रुसी फाइटर जेट्स ने भंयकर बमबारी की।
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