दिल्लीः धरा गया सीरियल रेपिस्ट, सैकड़ों स्कूली बच्चियों को बनाया शिकार

दिल्ली पुलिस ने कई मासूम बच्चों से बलात्कार के आरोपी एक शख्स को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक सुनील रस्तोगी नाम का ये शख्स मासूम बच्चों को बहलाकर अपने साथ ले जाता था।

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नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने कई मासूम बच्चों से बलात्कार के आरोपी एक शख्स को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक सुनील रस्तोगी नाम का ये शख्स मासूम बच्चों को बहलाकर अपने साथ ले जाता था और फिर रेप की वारदात को अंजाम देता था। सुनील रस्तोगी की उम्र 38 साल है और इसके परिवार में पत्नी और 5 बच्चे हैं। सुनील यूपी के रामपुर का रहने वाला है।

सुनील रस्तोगी को आज कड़कडूमा कोर्ट में पेश किया जाएगा। पेशे से दर्जी सुनील पिछले 13 साल से रामपुर से दिल्ली एनसीआर आकर बच्चियों के साथ छेड़खानी और रेप की वारदात को अंजाम दे रहा था। पुलिस के मुताबिक सुनील अबतक करीब 600 बार छेड़खानी और दर्जन भर से ज्यादा बच्चियों का रेप कर चुका है।

दिल्ली एनसीआर का सबसे बड़ा सीरियल रेपिस्ट सुनील रस्तोगी अपना भरा पूरा परिवार होने के वावजूद एक ऐसे जुर्म का हिस्सा बन गया, जिसे सुन हर कोई हैरान है। पेशे से टेलर सुनील रस्तोगी पिछले 4 साल से रामपुर से ट्रेन से दिल्ली एनसीआर के सफर पर निकलता था और उसके बाद दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद में 7 से 11 साल की मासूम बच्चियों को बहला-फुसलाकर अपने साथ सुनसान जगह ले जाकर उनकी अस्मत लूटता था।



पुलिस की मानें तो ये सिलसिला पिछले 4 साल से लगातार जारी था। जब-जब सुनील की टेलरिंग की शॉप बंद होती वह अपने शिकार के लिए निकल जाता था। अब तक पुलिस ये भी पता नहीं लगा पा रही थी कि आखिर कौन मासूमों की अस्मत को तार-तार कर रहा है। अब तक पुलिस के पास ना तो मुल्जिम की कोई पहचान थी और ना कोई चेहरा।
एक ही तरह का लिबास पहनता था

सुनील वक्त मिलते ही रामपुर से ट्रेन से दिल्ली एनसीआर के अलग अलग शहरों में अपनी हवस की खुराक की तलाश में घूमता और मौका मिलते ही अपने काम को अंजाम देकर चलता बनता। सबसे खास बात यह कि पिछले चार साल में जब-जब सुनील रस्तोगी मासूम बच्चियों के साथ रेप और छेड़छाड़ की वारदात को अंजाम देता, तब-तब एक ही कपड़े पहनकर आता था।

सुनील के कबूलनामे ने पुलिस को भी हैरान कर दिया है। यह एक ही कपड़े पहनकर रेप की वारदात करता था और हमेशा एक ही जूते, एक ही जैकेट पहनता था। एक ही दिन वारदात को अंजाम देने के लिए घर से निकलता था और एक ही नंबर की ट्रेन में सफर भी करता था।

ऐसे देता था वारदात को अंजाम

पुलिस के मुताबिक सुनील रस्तोगी बच्चों को नए कपड़े दिखाता था और उनसे कहता था कि ये कपड़े उनके पापा ने भेजे हैं। वो बच्चों को ये कहकर भी फुसलाता था कि उनके पापा ने उनको मिलने के लिए किसी जगह पर बुलाया है। मासूम बच्चे इस दरिंदे की बातों में फंसकर उसके साथ चलने को तैयार हो जाते थे। फिर वो बच्चों को किसी सुनसान जगह पर ले जाता था और रेप करके वहां से फरार हो जाता था।

पुलिस पूछताछ में इस सीरियल रेपिस्ट ने कबूल किया है कि वो एक ही कपड़े में रेप की सभी वारदात को अंजाम दे चुका है। एक ही जोड़ी के इस कपड़े से सुनील को एक खास लगाव था। इन्हीं कपड़ों की एक महक सुनील को कामुक और वहशी बनने पर मजबूर करती थी। कई दफा सुनील अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हुआ। वह अपने साथ छोटे बच्चों के नए कपड़े रखता था। बच्चों को बहला फुसलाने के लिए वह दिल्ली एनसीआर के सरकारी स्कूलों की बच्चियों को निशाना बनाता था।

पुलिस के मुताबिक 2004 में सुनील रूद्रपुर में जाकर बस गया था। दिल्ली से इसको इसलिए रामपुर जाना पड़ा क्योंकि इसकी नजर बच्चियों पर थी। दिल्ली के अशोक नगर थाने में जब तीन मासूम बच्चियों के साथ छेड़छाड़ और रेप की शिकायत पुलिस को मिली तो पुलिस ने छानबीन की। इस दौरान एक सीसीटीवी में सुनील रस्तोगी का चेहरा पुलिस को पता चला। इसके बाद पुलिस ने एक टीम बनाई और ये पुलिस के हत्थे चढ़ गया।

सुनील हल्द्वानी  में भी रेप के मामले में जेल जा चुका है। जब उस जेल से सुनील की मानसिक प्रोफाइलिंग करवाई गई तो पता चला कि वह एक सायको रेपिस्ट है।
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