कैशलेस हुई जिस्मफरोशी की मंडी, ऐसे बिना करंसी फलफूल रहा जिस्म का बाजार

सेक्स रैकेट से जु़ड़े दलालों ने नोटबंदी का तोड़ कुछ इस तरह निकाला कि जिस दौर में दूसरे कारोबार में लोगों की कमाई आधी रह गई थी, उस दौर में इनका धंधा दिन दूनी और रात चौगुनी रफ्तार से तरक्की कर रहा था।

  • News18India
  • Last Updated: January 3, 2017, 12:05 AM IST
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नई दिल्ली। राजधानी की तेज रफ्तार जिंदगी को अचानक उस वक्त ब्रेक सा लग गया था जब आठ नवंबर के बाद सरकार ने 500 और 1000 के नोटों का चलन बंद कर दिया। शायद ही ऐसा कोई कारोबार बचा हो, जिस पर इस नोटबंदी की मार न पड़ी हो। लेकिन, जिस्म की मंडी में कैश के बिना भी लोग ऐश कर रहे हैं।

आप शायद यकीन भी न करें, लेकिन ये सच है कि सेक्स रैकेट से जु़ड़े दलालों ने नोटबंदी का तोड़ कुछ इस तरह निकाला कि जिस दौर में दूसरे कारोबार में लोगों की कमाई आधी रह गई थी, उस दौर में इनका धंधा दिन दूनी और रात चौगुनी रफ्तार से तरक्की कर रहा था। क्योंकि कैश, कार्ड और पीटीएम, कोई भी जरिया हो इनका पेमेंट कभी नहीं रुका।

न्यूज 18 इंडिया के संवाददाताओं ने ग्राहक की शक्ल अख्तियार की और निकल पड़े दिल्ली की सड़कों पर और जहां-जहां उन्हें इस धंधे से ताल्लुक रखने वाले लोग मिलते गए, देसी और विदेशी हर तरह के उन तमाम लोगों को कैमरे में कैद किया जिनका दावा है कि कैश हो या न हो, ऐश में कोई कमी नहीं आने देंगे।



लक्ष्मीनगर- 05:30 बजे
दलाल- कितना दोगे बताओ...
रिपोर्टर- पांच-पांच हजार रुपए नाइट यार....
दलाल- नहीं होगा....
रिपोर्टर- चलो लास्ट टाईम तुम्हें 6 दिया था
दलाल- 6 दिए थे जिस टाइम जैसी लड़की आती है वैसे ही रेट होता है....
रिपोर्टर- अच्छा ये बताओ पेमेंट कैसे लोगे....
दलाल- पेमेंट तो कैश दोगे....
रिपोर्टर- कैश नहीं दे पाएंगे... कैश कहां से दे पाएंगे यार...
दलाल- तो सब कैसे दोगे...
रिपोर्टर- कैसे लोगे पेमेंट... कैसे ले रहे हो आज कल....
दलाल- आज कल तो पेमेंट कैश ही लेता हूं....
रिपोर्टर- झूठ क्यों बोल रहे हो यार...?
दलाल- झूठ नहीं बोल रहा हूं...
रिपोर्टर- कैश नहीं दे पाउगा, बात करना है तो आगे करो नहीं तो खत्म करो, मैंने फोन पर ही बोला था ये बात।
दलाल- फोन पर तो बोला था, पेटीएम है, पेटीएम पर तो सारे नही लूगां, आधा-आधा देना पड़ेगा।
रिपोर्टर- आधा-आधा दूं या पूरा दूं सब तो तुम्हें ही जाएगा... तुम मुझे तीन पेटीएम नम्बर दो मैं तुम्हारे एकाउंट में डाल दूगां....
दलाल- ठीक है पर मुझे तो लड़कियों को कैश देना पड़ेगा ना...
रिपोर्टर- वो तुम्हारी सिरदर्द है मेरी नहीं है....
दलाल- नहीं-नहीं इतना नहीं
रिपोर्टर- तो फिर कैसे करोगे बताओ
दलाल- आधा पेटिएम में दे दो, आधा कैश दे दो...
रिपोर्टर- आधा पेटिएम, आधा कैश...
दलाल- हां....

हमने एक पता बताने वाली हेल्पलाइन कम्पनी से फोन पर कुछ मसाज पार्लर के नम्बर मांगे। कुछ सेकेंड बाद ही हमारे फोन पर कॉल आना शुरू हो गया। हमें एक कॉलर सीधे-सीधे लड़कियों का रेट बताने लगा। हम समझ गए कि ये सेक्स रैकेट का दलाल ही है।

मुनिरका- 06:05 बजे
रिपोर्टर- पेमेंट का... पहले रेट बताओ इसका...रेट बताओ...
दलाल- रेट तो आपको बता दिया....फोन पर...
रिपोर्टर- क्या रेट बता दिया, एक बार फिर से बताओ... फोन पर बात होना और सामने बैठकर बात करने में.....
दलाल- 6 हजार रुपए....
रिपोर्टर- कुछ तो कम करो यार...
दलाल- कुछ भी नहीं बचता है....
रिपोर्टर- 6 तीनों लड़की का...
दलाल- एक लडकी का... आप क्या बात कर रहे हो भईया
रिपोर्टर- कुछ तो कम करो यार.... इस समय मार्केट डाउन चल रहा है, कुछ कर दो, पांच-पांच कर दो तीनों लड़की का।
दलाल- चलो ठिक है....
रिपोर्टर- पेमेंट कैसे लोगे...
दलाल- कैश कर सकते हो तो कैश कर देना नहीं तो आधा कैश कर देना आधा पेटिएम कर देना....
रिपोर्टर- क्या हाफ
दलाल- हाफ कैश कर देना हाफ पेटिएम कर देना...
रिपोर्टर- यार, कैश कहां से देंगे, इतना मारा-मारी चल रही है
दलाल- थोड़ा बहुत होगा... पांच हजार तो हो जाएगा कैश
रिपोर्टर- कोशिश करेंगे यार...
दलाल- बाकि पेटिएम कर देना कोई बात नहीं....
रिपोर्टर- कुछ कर देगे... कितना पेटिएम कर दें बताओ....
दलाल- देख लेना अपने हिसाब से... जितना कैश हो बाकि पेटिएम कर देना...

दलालों ने एक ऑनलाइन शापिंग साइट के जरिए और कार्ड स्पाइप मशीन के जरिए पैसे वसूलने शुरू किए हैं...

मुनीरका - 09:00 बजे
रिपोर्टर- अच्छा ये बताईए... आप लोग अभी पेटिएम से पैसे ले रहे हो ना तो उसको मैंनेज कैसे कर रहे हो....
दलाल- कुछ नहीं पेटिएम में जो बौलेंस आता है उसे एकाउंट में ट्रांसफर कर देता हूं बैंक में
रिपोर्टर- अगर आपसे बैंक कल पूछेगा तो....
दलाल- एक पेटिएम थोड़े ना है भईया....
रिपोर्टर- सारा व्यवस्था कर रखा है ?
दलाल- हां....या आप एकाउंट में ट्रांसफर कर देना...
रिपोर्टर- नहीं वो लफड़ा नहीं पेटिएम ही करेंगे... एकाउंट में हम भी फंस जाएंगे न भाई...
दलाल- पेटिएम ही कर देना
रिपोर्टर- कितने पेटिएम एकाउंट है अभी...
दलाल- तीन है...
रिपोर्टर- पेटिएम का शायद लिमिट भी होता है कुछ...
दलाल- 20 हजार
रिपोर्टर- एक दिन में या...
दलाल- एक महीना में...
रिपोर्टर- तीन से काम चल जा रहा है तुम्हारा यार...
दलाल- एक तो लिमिट पूरा हो गया...
रिपोर्टर- अच्छा एक पेटिएम का....
दलाल- और बचा हुआ है...
रिपोर्टर- मतलब की जब से नोटबंदी हुआ है तब से काम इसी पर चल रहा है पेटिएम पर
दलाल- कैश भी आ रहा है... दोनों हो रहा है.... पेटिएम भी कैश भी आ रहा है...
रिपोर्टर- ज्यादा किस तरह के ग्राहक हैं... पेटिएम वाले या कैश वाले...
दलाल- दोनों है...

डिफेंस कॉलोनी
रिपोर्टर- ठीक है.... अच्छा रेट आपका डाउन हुआ है कि वही है....
दलाल- किस चीज का रेट....
रिपोर्टर- जो आप सर्विस दे रहे है उसका रेट डाउन हुआ है या पहले वाला रेट है....
दलाल- रेट 2500 के आसपास चल रहा है... दो हजार वाला जाता है, 2500 बोला जाता है, दो हजार तक 18 सौ तक फाईनल होता है।
रिपोर्टर- नोटबंदी का असर हुआ है कि नहीं आप लोग पर....
दलाल- नहीं सबके कारोबर पर होगा नोटबंदी पर असर... साल भर तक कोई कारोबार नहीं उठ पाएगा... कैश फ्लो है ही माकेर्ट में....
रिपोर्टर- आप लोग का काम तो कैश पर ही चलता था ना....
दलाल- सब कैश पर ही चलता है पर वही कुछ र्फक तो आएगा ही आएगा... बिलकुल आएगा.
रिपोर्टर- पर आप लोग तो पेटिएम यूज करना शुरू कर दिए हैं पेटियम
दलाल- पेटियम यूज करना शुरू कर दिए हैं, लेकिन हमारा पेटीएम से बैलेंश गड़बड होना शुरू हो गया है... आप बताओ बैंक में पेमेंट एक बार ले लेंगे तो हमारा.... पेटीएम सैलरी कहा ये बाटेंगे....
रिपोर्टर- फिर भी ऑपशन तो है कम से कम आपके पास....
दलाल- नहीं ऑपशन तो है लेकिन जब बहुत क्रिटिकल प्रांब्लेम होती है तब लास्ट में पेटीएम आता है....

देह व्यापार के इस धंधे की जड़ दिल्ली में बरगद के पेड़ की तरह फैली हुई है। लक्ष्मी नगर, मुनिरका, कैलाश कॉलोनी और डिफेंस कॉलोनी ये तो बस उन इलाकों के नाम हैं जहां हम अपना कैमरा लेकर पहुंचे और स्टिंग ऑपरेशन को अंजाम दिया और खुद अपनी आंखों से देखा कि ये धंधा बिना कैश के भी खूब फल-फूल रहा है।
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