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IBN7 के कैमरे में कैद ये ड्रग माफिया, पढ़ें- कैसे आपकी जिंदगी डाल रहा खतरे में

News18India
Updated: December 2, 2015, 5:47 PM IST

ड्रग माफिया ने खुफिया कैमरे पर आईबीएन7 से दावा किया कि वो कई बड़ी कंपनियों के नाम पर नकली दवाएं हमें सप्लाई करेगा। ड्रग माफिया ने कई दवा कंपनियों के नाम भी लिए।

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  • Last Updated: December 2, 2015, 5:47 PM IST
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इंद्रजीत राय

नई दिल्ली। आईबीएन7 आपको उन ड्रग माफियाओं से मिलवाता हैं, जो इस अंडरवर्ल्ड के अहम किरदार हैं। ड्रग माफिया ने खुफिया कैमरे पर आईबीएन7 से दावा किया कि वो कई बड़ी कंपनियों के नाम पर नकली दवाएं हमें सप्लाई करेगा। ड्रग माफिया ने कई दवा कंपनियों के नाम भी लिए। लेकिन एक जिम्मेदार चैनल के होने के नाते आईबीएन7 आपको उन कंपनियों के नाम नहीं सुनाएंगे क्योंकि नकली दवाओं के इस अंडरवर्ल्ड से किसी भी दवा कंपनी का कोई लेना-देना नहीं है।

दवा माफिया शानू- नकली दवाओं के धंधे का एक बड़ा और शातिर खिलाड़ी। ये गद्दार पैसों के लिए कुछ भी कर सकते थे। इसलिए आईबीएन7 के रिपोर्टर ने भी शानू को पैसों का लालच दिया और शानू के सामने एक बड़ी डील रखी।

इस डील के लिए आईबीएन7 को भी शानू की जुबान में ही बातचीत करनी पड़ी और जब शानू को आईबीएन7 के रिपोर्टर पर यकीन हो गया तो उसने गारंटी दी कि नकली दवाओं की पैकिंग एकदम असली दवा जैसी होगी। जिसके बीच कोई भी फर्क नहीं कर पाएगा।

शानू का दावा था कि वो हमें जानी-मानी कंपनी के कफ सिरप की नकली खेप दे सकता है, जिसका एमआरपी है 45 रुपये। हम जानने चाहते थे कि 45 रुपये की असली दवा, नकली बाजार में कितने की होगी, लेकिन शानू ने हमें जो कुछ भी बताया, उसे सुनकर हमारे भी होश उड़ गए।




शानू दावा कर रहा था कि वो चार से पांच दिन में हमें ऑर्डर की पहली खेप पहुंचा देगा। ये हमारा मकसद सिर्फ उन नकली दवाओं को हासिल करना नहीं, बल्कि इस अंडरवर्ल्ड के नेटवर्क की गहराई को समझना भी था और ये सबकुछ हमें शानू ने ही बताया। उसने बताया कि वो इस काली दुनिया का अकेला खिलाड़ी नहीं है। डील तय हो गई  लेकिन इस डील में सबसे चौंकाने वाला सच था। वो दवाएं, वो कंपनियां, जिनका नाम सुनकर हम भी सन्न कर गए।शानू को सिर्फ पैसों से मतलब था सिर्फ पैसे। उन पैसों के बदले वो नकली दवा की शीशियों में कोई भी कैमिकल घोलकर सप्लाई के लिए तैयार था। हमारे अंडरकवर रिपोर्टर ने जानबूझकर शानू से वही नकली दवाएं मांगी, जिनकी कारोबार वो बरसों से कर रहा है। शानू बार-बार ये दावा करता रहा कि नकली दवाओं की वो शीशियां, असली कंपनी का मालिक भी नहीं पहचान पाएगा।

डील फाइनल होने के बाद शानू ने हमसे पहली एडवांस पेमेंट भी ले ली,  लेकिन इसके बाद हमने शानू से एक और गुजारिश की। वो ये कि हम उसकी फैक्ट्री को देखना चाहते हैं लेकिन इस धंधे के शातिर खिलाड़ी ने शानू ने हमारी तमाम गुजारिशों के बाद भी हमें अपनी कारखाने में आने की इजाजत नहीं दी। वो कहता है कि ये उसके धंधे का उसूल है।

देश की जनता के भरोसे से खेलने वाले ये लोग, दावा करते हैं कि उनके अंडरवर्ल्ड में बेईमानी का धंधा भी पूरी ईमानदारी से होता है। यहां इंसानियत की कोई कीमत नहीं क्योंकि ये काली दुनिया सिर्फ एक जुबान जानती है पैसा।

अबतक हमने आपको दिखाया कि कैसे खुफिया कैमरे में कैद एक ड्रग माफिया ये दावा कर रहा था कि वो कई बड़ी कंपनियों की पैकिंग में हमें नकली दवाएं सप्लाई करेगा। अब बारी थी दूसरे नेटवर्क की। जिससे हमने दिल, लीवर और किडनी जैसी गंभीर बीमारियों की नकली दवाएं मांगी और उस गद्दार ने हमें वो तमाम दवाएं सप्लाई भी कीं। वो सबकुछ देखने से पहले आपको दिखाते हैं कि वो बेईमान ड्रग माफिया हमसे क्या डील कर रहा था?

ड्रग माफिया निखिल- ड्रग माफियाओं के अंडरवर्ल्ड का एक और शातिर खिलाड़ी है निखिल। निखिल का नेटवर्क बड़ा था इसलिए हमें भी एक बड़ा कवर लेना पड़ा। हमारे अंडरकवर रिपोर्टर ने मेरठ में ही एक फर्जी दफ्तर खोला। एक फर्जी कंपनी और एक फर्जी कान्ट्रैक्ट की आड़ ली ताकि इस बड़े फर्जीवाड़े तक पहुंचना आसान हो। इस धंधे की गहराई समझने के लिए हमने निखिल के सामने पहले से बड़ी डील रखी। पैसों के लालच में निखिल बहुत कुछ बोला। उसकी बातें, उसके दावे इतने बड़े थे कि उन्हें सुनकर हमारे भी होश उड़ गए।

निखिल खुफिया कैमरे पर जिन दवाओं की नकली खेप देने की बात कर रहा है वो दवाएं थीं बुखार, दर्द, किडनी और लीवर जैसी गंभीर बीमारियों की। ये वो दवाएं हैं, जो इंसान की जिंदगी बचा भी सकती है और इनके बिना इंसान की जिंदगी खत्म भी हो सकती है। कुछ ही देर की बातचीत के बाद निखिल ने हमें बताया कि वो कौन-कौन सी कंपनियों की नकली खेप हम तक पहुंचाएगा हालांकि एक जिम्मेदार चैनल होने के नाते हम आपको उन कंपनियों के नाम नहीं दिखाएंगे।

निखिल भी यही दावा कर रहा था कि वो नकली दवाएं हमें ऐसी पैकिंग के साथ देगा, कि कोई असली और नकली में फर्क नहीं कर सकता। इस अंडरवर्ल्ड को करीब से देखने के बाद हमें पता लगा कि ये धंधा हर मौसम में बदल जाता है। सर्दियों के मौसम में कफ सीरप की सप्लाई शुरु होती है तो गर्मियों और बरसात में मलेरिया और डेंगू की।

पूरी खबरे के लिए वीडियो देखें।

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First published: December 1, 2015, 11:03 PM IST
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