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ये है मोस्ट वांटेड डॉन का टॉर्चर रूम, जहां लोगों को दी जाती थीं खौफनाक यातनाएं

News18India
Updated: August 9, 2016, 9:59 PM IST

एक डॉन जिसे तीन राज्यों की पुलिस तलाश रही है वो पुलिस की पकड़ से दूर अपना साम्राज्य चला रहा है। वो फिरौती के लिए लोगों को अगवा करवाता है। उन्हें तरह तरह की यातनाएं देता था।

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  • Last Updated: August 9, 2016, 9:59 PM IST
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जयपुर। एक डॉन जिसे तीन राज्यों की पुलिस तलाश रही है वो पुलिस की पकड़ से दूर अपना साम्राज्य चला रहा है। वो फिरौती के लिए लोगों को अगवा करवाता है। उन्हें तरह तरह की यातनाएं देता था। एक चार मंजिला हवेली नुमा मकान वो लोगों को कैद करके रखता था। इस मकान में एक लोहे का पिंजड़ा है, जिसमें दीवारों पर सुराख हैं। 3 राज्यों का मोस्ट वांटेड डॉन आनंद पाल सिंह के सिर पर 5 लाख कैश का इनाम है।

जब पुलिस के साथ आईबीएन7 की टीम इस टॉर्चर रूम में दाखिल हुई तो हर कोई दंग रह गया। यहां लोहे के दरवाजे और खिड़कियां ऐसी थीं जिन गोलियों का असर नहीं होता हो, ये वो जगह थी जहां ये डॉन अपने शिकार को रखता था और कई बार उनकी जान तक ले लेता और दिल खोल कर हंसता। ये मोस्ट वांटेड डॉन आज भी कानून की पकड़ से दूर है।

जानकारी के मुताबिक आनंदपाल अपहरण और फिरौती के लालच में अपने शिकार पर बेरहमी का हर तरीका आजमाता था, उन्हें तरह-तरह की यातनाएं दी जाती थीं, चौबीसों घंटे उनकी पिटाई की जाती, भूखा प्यासा रखा जाता। ये ऐसा यातनाग्रह था जहां यातनाओं के बाद जीता जागता इंसान अधमरा हो जाता और कई बार तिल तिल कर दम तोड़ देता। राजस्थान पुलिस के मुताबिक आनंदपाल ने छात्र नेता जीवन राम गोदारा को इसी पिंजड़े में कैद करके मारा था।

आनंदपाल ने अपने इस अड्डे को अभेद्य किला बना रखा था। इस मकान का हर दरवाजा, हर खिड़की लोहे की मोटी चादरों की बनाई गई है। जिनपर गोलियां का भी कोई असर नहीं होता। मकान की भीतरी दीवारों पर जैसे ही पुलिस आईबीएन 7 की टीम के साथ दाखिल हुई तो दीवार में कई छोटे छोटे छेद देखकर चौंक पड़ी। पुलिस का कहना है कि इनका इस्तेमाल बाहर खड़े दुश्मन पर गोलियां बरसाने के लिए किया जाता था यानि आनंदपाल के शैतान घर के भीतर से दुशमन को ढेर कर देते लेकिन वो खुद लोहे की चादरों के कवच में छिपे रहते।

डॉन आनंदपाल कितना शातिर दिमाग है इसका अंदाजा उसके बंकरनुमा कमरे को देखकर लगाया जा सकता है। चारों तरफ लोहे की बड़ी-बड़ी खिड़कियां और दरवाजे। इन खिड़कियों को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि कमरे में बैठे-बैठे बाहर खड़े दुश्मन पर निशाना साधा जा सके.य़

इतना ही नहीं आनंदपाल ने इस मकान में अपनी और अपने गुर्गों की हिफाजत का भी पूरा इंतजाम कर रखा था। नीचे की दो मंजिलों का इस्तेमाल आनंदपाल और उसके साथी सेफ हाउस के तौर पर करते थे। भीतर की ओर एक खुफिया तहखाना भी है जिसमें एक साथ कई लोग छिप सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक आनंद पाल इस मकान में अपनी अदालत लगाता था जहां जमीन के विवाद, फिरौती और दूसरे मामलों का निपटारा किया जाता था। राजस्थान पुलिस ने डॉन के इस मकान को तो अपने कब्जे में ले लिया है लेकिन आखिर खुद कहां है इस टॉर्चर रूम और किलेनुमा हवेली का मालिक।

दो हफ्ते पहले 22 जुलाई को पुलिस मोस्ट वांटेड आनंद पाल के बेहद करीब पहुंच गई थी। पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली थी कि फरार आनंदपाल सिंह नागौर के लाडनूं गांव में छिपा हुआ है। पूरी तैयारी के साथ पुलिस ने गांव को घेर लिया लेकिन इस घेरेबंदी की जानकारी आनंदपाल को मिल गई। इसके बाद उसने एके-47 से अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। एक गोली सर्किल इंस्पेक्टर लाडू सिंह को लग गई अपने अफसर को जख्मी देख पुलिस बैकफुट पर आ गई और आनंदपाल एक बार फिर वहां से भाग निकला।कौन है आनंदपाल सिंह?

आनंदपाल मोस्ट वांटेड अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का फैन है। अपने हर अंदाज, हर स्टाइल में वो दाऊद को फॉलो करता है। उसे भी दाऊद की तरह डिजाइनर कपड़े, चश्मे पहननने का शौक है और दाऊद की ही तरह पार्टियों का भी शौक है। आनंदपाल को करीब से जानने वाले लोगों का कहना है कि वो बहुत गुस्सैल और खूंखार अपराधी है। एक विवाद में नाम आने के बाद 2005 में उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा तब से उसके गुनाहों की लिस्ट बढ़ती रही। आनंदपाल 2012 में पुलिस के हाथ आया, उस वक्त पुलिस को उसके ठिकाने से AK-47 राइफल, एक अमेरिकी कार्बाइन, 6 राइफल, बुलेटप्रूफ जैकेट, 500 कारतूस और वॉकी टॉकी बरामद की गई।

गिरफ्तारी के बाद आनंदपाल को बीकानेर जेल में रखा गया। 2014 में बीकानेर जेल के भीतर आनंदपाल और दूसरे गिरोह के बीच भीषण गैंगवार हुई जिसमें 2 लोग मारे गए। आनंदपाल भी घायल हुआ और उसे अजमेर जेल शिफ्ट कर दिया गया लेकिन 3 सितबंर 2015 को आनंदपाल के गुर्गों ने पुलिस टीम पर हमला कर उसको छुड़ा लिया। जांच में पता चला कि आनंद पाल की सुरक्षा में तैनात कमांडो भी उसे भगाने की साजिश में शामिल थे उसके बाद से अब तक कई बार पुलिस और आनंदपाल का सामना हो चुका है लेकिन अभी तक वो पुलिस की पकड़ में नहीं आ सका।

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First published: August 9, 2016, 9:58 PM IST
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