लश्कर के निशाने पर नए साल का जश्न, 8 राज्यों में कर सकता है आत्मघाती हमला

न्यू ईयर, बड़ा टेरर, ऐसा इसलिए क्योंकि नए साल से ठीक पहले पाकिस्तान में बैठे आतंक के आका सक्रिय हो गए हैं और उनके निशाने पर हैं भारत।

  • News18India
  • Last Updated: December 13, 2015, 9:59 PM IST
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नई दिल्ली। न्यू ईयर, बड़ा टेरर, ऐसा इसलिए क्योंकि नए साल से ठीक पहले पाकिस्तान में बैठे आतंक के आका सक्रिय हो गए हैं और उनके निशाने पर हैं भारत। इंटेलिजेंस ब्यूरो ने अलर्ट जारी किया है कि लश्कर और दूसरे आतंकी संगठन देश के 8 राज्यों में हमले को अंजाम दे सकते हैं। आईबी के मुताबिक आतंकी आत्मघाती हमले भी कर सकते हैं और उनकी नजर भीड़भाड़ वाले बाजार, रेलवे स्टेशन और अहम इमारतों पर है।

दरअसल लंबे अरसे से भारत में आतंकी हमला कर पाने में नाकाम आईएसआई और लश्कर का आका हाफिज सईद बौखला गए हैं, वो हर हाल में भारत में आतंकी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। और इस बार उनके निशाने पर है नए साल का जश्न। वो चाहते हैं नए साल की शुरुआत खुशियों से नहीं बल्कि मातम से हो।

नए साल पर हर इंसान सारे गम भुलाकर नए साल का शानदार स्वागत करता है। लेकिन इस दफा नए साल के जश्न में खलल पड़ सकता है क्योंकि इस बार आतंकियों ने भी नए साल के लिए धमाकेदार तैयारी की है। सीमा पार से घुसपैठ के जरिए भारत में घुस आए लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी नए साल के आसपास बड़े हमले की फिराक में है। इस बार आतंकियों की साजिश बेहद खतरनाक है। लंबे अरसे से भारत पर हमले की रणनीति बना रहे आतंक के आकाओं ने बेहद बड़े पैमाने पर हमले की तैयारी की है।



खुफिया एजेंसी इंटेलिजेंस ब्यूरो को भी नए साल के आसपास आतंकी हमले की साजिश की जानकारी मिली है। इसे देखते हुए आईबी ने आतंकी हमले का अलर्ट जारी किया है। आईबी के मुताबिक, आतंकी उत्तर भारत के 8 राज्यों में आतंकी हमले करने की फिराक में हैं। आतंकी महत्वपूर्ण इमारतों, टूरिस्ट स्पॉट और धार्मिक स्थलों को निशाना बना सकते हैं। साथ ही शॉपिंग मॉल, भीड़-भाड़ वाले बाजार, रेलवे स्टेशन और बस स्टेशन पर भी हमले की आशंका जताई है।
आईबी के मुताबिक लश्कर के आतंकी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में आतंकी हमले का खतरा ज्यादा है। यूपी में लखनऊ, कानपुर और वाराणसी जैसे शहर आतंकियों के निशाने पर हैं। राजस्थान में जयपुर, अजमेर, जोधपुर और सीकर जैसे शहरों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। खुफिया एजेंसियों का कहना है कि कड़ी चौकसी और पुख्ता सुरक्षा इंतजाम के चलते लश्कर के आतंकी इंटरनेट और सोशल नेटवर्किंग साइट्स के जरिए एक-दूसरे से संपर्क रख रहे हैं। पकड़े जाने के डर से ये आतंकी एक-दूसरे से कोडवर्ड में बात कर रहे हैं ताकि किसी को उनकी साजिश की भनक नहीं लग पाए।

केंद्र और तमाम राज्य सरकारों ने एजेंसियों को सोशल मीडिया और इंटरनेट की कड़ी निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। देश के अलग अलग हिस्सों में आतंकी हमले की आशंका इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि बीते कुछ दिनों में देश के अलग अलग हिस्सों से 7 से ज्यादा आईएसआई एजेंट गिरफ्तार किए गए हैं। जबकि कश्मीर में पाकिस्तान से सटी सीमा पर घुसपैठ की कोशिशों में भी इजाफा हुआ है। जानकारी के मुताबिक ठंड बढ़ने के साथ कश्मीर के ज्यादातर इलाकों में भारी बर्फबारी होती है। और बर्फबारी के बीच घुसपैठ कर पाना आतंकियों के लिए मुश्किल होता है। लिहाजा सरहद के आसपास बैठे आतंकी हर कीमत पर घुसपैठ की कोशिश कर रहे हैं।

नवंबर में बरेली से गिरफ्तार हुए आईएसआई एजेंट एजाज और राजौरी से धरे गए दो और आईएसआई एजेंटों ने पूछताछ में कई अहम जानकारियां दी हैं। बताया जा रहा है कि ये गद्दारों हमारी फौज और खुफिया ठिकानों से जुड़ी कई अहम जानकारियां पाकिस्तान तक पहुंचा चुके हैं। साथ ही इन्होंने ताजमहल समेत कई अहम ठिकानों की रेकी भी की थी।

दिसंबर की शुरुआत में दिल्ली पुलिस ने बताया था कि लश्कर-ए-तैयबा के दो खूंखार आतंकी दुजाना और उजाना सीमा पार से घुसपैठ करके हमारे देश में आ चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक लश्कर के इन दोनों आतंकियों पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकी हमले की पूरी ट्रेनिंग ली। अपनी पहचान छिपाने के लिए ये दोनों आतंकी लगातार अपना नाम बदल रहे हैं। साथ ही साथ उजाना और दुजाना पहले से भारत में मौजूद लश्कर के आतंकियों से भी संपर्क में हैं।

जानकारी के मुताबिक, संदिग्धों के पास भारी संख्या हथियार भी मौजूद हैं। भारत में घुसपैठ के बाद फिलहाल ये दोनों खतरनाक आतंकी कहां हैं, ये कोई नहीं जानता। इनकी योजना कब और कहां हमला करने की है। इसकी जानकारी किसी को नहीं है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में एक दिसंबर को एफआईआर भी दर्ज की थी। दिल्ली पुलिस के मुताबिक ये आतंकवादी राजधानी दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में आत्मघाती हमले कर सकते हैं। इस एफआईआर के बाद उत्तर भारत के कई शहरों में आतंकियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही हैं।

खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक भारत में आतंकी हमलों की पूरी साजिश पाकिस्तान की बदनाम खुफिया एजेंसी आईएसआई और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की है। दरअसल सीमा पर सख्त पहरे और पूरे देश में कड़ी सुरक्षा के चलते आईएसआई और लश्कर हमारे मुल्क में किसी बड़े आतंकी हमले को अंजाम नहीं दे पाए हैं। इस नाकामी से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई बुरी तरह बौखलाई हुई है। भारत में आतंकी हमले नहीं करा पाने से आईएसआई नाराज है। बौखलाई आईएसआई ने लश्कर के कर्ताधर्ता हाफिज सईद को धमकी दी है। आईएसआई ने कहा है कि भारत में आतंकी हमले नहीं कराए तो फंडिंग बंद कर दें। फंडिंग बंद होने के डर से घबराए हाफिज ने अपने गुर्गों को जल्द ही हमला करने का हुक्म दिया है।

खुफिया सूत्रों के मुताबिक भारत में आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए आईएसआई हाफिज सईद के साथ साथ मोस्ट वांटेड अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की भी मदद ले रही है। आईएसआई ने दाऊद को सख्त लहजे में कहा है कि वो लश्कर के आतंकियों को भारत में मौजूद अपने नेटवर्क के जरिए मदद पहुंचाए। नहीं तो पाकिस्तान में उसके लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। सूत्रों के मुताबिक लश्कर-ए-तैयबा ने आतंकी वारदात को अंजाम देने के लिए भारत में सक्रिय जैश-ए-मोहम्मद और इंडियन मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों से भी हाथ मिला लिया है। अब ये तीनों आतंकी संगठन मिलकर हमारे मुल्क को दहलाने की तैयारी में हैं।

आशंका जताई जा रही है कि ये आतंकी क्रिसमस से लेकर नए साल के दौरान बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं क्योंकि इन दिनों ज्यादातर जगहों पर सरकारी छुट्टियां रहती हैं। जिसके चलते टूरिस्ट स्पॉट और बाजारों में भीड़भाड़ बढ़ जाती है। सिर पर बड़ा खतरा मंडराता देख खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों ने कमर कस ली है। केंद्र और राज्य सरकारों ने तमाम संवेदनशील जगहों की निगरानी बढ़ा दी है। भीड़भाड़ वाली जगहों पर सुरक्षा सख्त कर दी गई। सरकार का कहना है कि वो किसी भी कीमत पर आतंकियों को उनके नापाक मंसूबों में कामयाब नहीं होने देगी।
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