भारत पर नए हमले के लिए आतंकी हाफिज सईद ने तैयार किए थे ये कोड वर्ड!

टूटेगा दुश्मन का वो कोड वर्ड जो भारत पर नए हमले करवाने के लिए तैयार किया गया था। इसे पाकिस्तान की गोद में बैठे लश्कर ए तैयबा के चीफ आतंकवादी हाफिज मोहम्मद सईद ने तैयार किया था।

  • News18India
  • Last Updated: February 11, 2016, 11:09 PM IST
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नई दिल्ली। टूटेगा दुश्मन का वो कोड वर्ड जो भारत पर नए हमले करवाने के लिए तैयार किया गया था। इसे पाकिस्तान की गोद में बैठे लश्कर ए तैयबा के चीफ आतंकवादी हाफिज मोहम्मद सईद ने तैयार किया था। ये कोड वर्ड तोड़ा है अमेरिका की जांच एजेंसी एफबीआई ने। ये कोड रचा गया था 2008 में मुंबई पर हुए भयानक हमले के बाद और इसका जमकर इस्तेमाल करता था लश्कर का आतंकवादी दाऊद सैयद गिलानी उर्फ डेविड कोलमैन हेडली।

जी हां, इसी हेडली की गवाही आजकल मुंबई की एक अदालत में चल रही है। अमेरिका में बैठे इस आतंकवादी को 35 साल की सजा अमेरिका में मिल चुकी है। हेडली ने भारत में हुई गवाही में इस कोड वर्ड का जिक्र किया, लेकिन ibn7 ने एफबीआई के दस्तावेज हासिल कर लिए हैं जिसमें इसी हेडली ने इन कोड वर्ड्स का चौंकाने वाला खुलासा किया था। ये खुलासा पाकिस्तान के खिलाफ भारत के पास मजबूत सबूत बन सकता है।

लाहौर में उस घर में बैठा वो इंसान इन हमलों को रचने वालों में शामिल था, उसका नाम था दाऊद सैयत गिलानी उर्फ डेविड कोलमैन हेडली। वो एक अमेरिकी था। नाम बदलने वाला अमेरिकी, वो डेविड हेडली जो बड़ा हुआ अमेरिका के फिलाडेल्फिया में, उसका बचपना उस बार में गुजरा जिसे अपने पाकिस्तानी शौहर को तलाक देने के बाद से उसकी मां चलाती थी। उस बार में दाऊद उर्फ डेविड को लोग प्यार से प्रिंस कहते थे। वो प्रिंस जिसके दिमाग में शैतान बसता था। प्रिंस नशे की गिरफ्त में आ गया और नशे की तस्करी के साथ गुनाह की दुनिया में कूद पड़ा।



कानून से आंखमिचौली जारी रही और 1998 में 50 लाख डॉलर की हीरोइन के साथ एयरपोर्ट पर पकड़ा गया। लेकिन कानून से बचने के लिए वो वादा माफ गवाह बन गया, अपने साथियों को गिरफ्तार करवाकर अमेरिका का मुखबिर बन गया। मुखबिर बनकर ही वो पाकिस्तान पहुंचा। वही डेविड कोलमैन हेडली अब भारत का वादा माफ गवाह है। उसे 26-11 के मुंबई हमले के लिए अमेरिका में 35 साल की कैद मिली है। भारत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हेडली की गवाही जारी है। भारत के मोस्ट वांटेड हाफिज मोहम्मद सईद का प्यादा हेडली अब एक कोड वर्ड उगल रहा है।
हेडली के आकाओं को भारत पर हमला करना था। इसलिए उन्होंने बेहद पेचीदा जाल फैलाया था। और कई कोड वर्ड रचे। ऐसी जबान जिसे सुनकर लगता जैसे कोई कारोबारी भारत में पैसा लगाने को बेताब है। मुंबई में भारत की अदालत के सामने पेशी में हेडली तोते की तरह बोल रहा है। अमेरिका में उसे सजा मिल चुकी है, वो जानता है कि अमेरिका की कैद से उसका छूटना नामुमकिन है, सो अब वो लश्कर ए तैयबा के शैतानी खेमे के राज खोल रहा है।

अमेरिका में बेड़ियों में जकड़े हेडली ने भारतीय अदालत को बताया कि वो लश्कर ए तैयबा के कमांडर से ई-मेल पर बात करता था, इन बातों को दुनिया से छुपाने के लिए रहस्य के कई परदे रचे गए थे। भारत के ये दुश्मन कोड वर्ड्स का इस्तेमाल कर रहे थे। हेडली ने भारतीय अदालत को बताया कि उसने मुंबई के ताड़देव में एक इंटरनेट कैफे में एक लॉगिन आईडी बनाई। Immigration.us नाम से उसने लश्कर के कमांडर साजिद मीर, डॉ. राणा और आईएसआई के कमांडर समझे जा रहे मेजर इकबाल को ईमेल भेजे। सारी बातें कोड वर्ड्स में हो रही थीं।

हेडली शातिर है, भारतीय अदालत के सामने वो ये बताने से बच निकला कि उसने लश्कर चीफ हाफिज मोहम्मद सईद से बात की या नहीं, आखिर किन कोड वर्ड्स में बातें की जा रही थीं, वो बातें आखिर थी क्या और उन कोड़्स का सही अर्थ क्या था। लेकिन हेडली जैसा आतंकवादी भी ये भूल गया कि अमेरिका में भी इन्हीं गुनाहों का केस चल चुका है और वहां भी उसने एक कबूलनामा दिया था।

जी हां, IBN7 ने वो कबूलनामा निकाल लिया, एफबीआई का वो दस्तावेज जो दुश्मन के कोड वर्ड की पोल खोल रहा है। इसे देखकर साफ हो जाता है कि ये कोड वर्ड देखने वालों को लगता कि कोई भारत में पैसा लगाना चाहता है। कोडवर्ड जानने से पहले ये जान लीजिए कि आखिर डेविड कोलमैन हेडली ये ईमेल किसे भेज रहा था।

अमेरिकी दस्तावेजों में भी उस इंसान का नाम नहीं लिखा है। लिखा है लश्कर का मेंबर A, लेकिन उस मेंबर A के बारे में जो कुछ लिखा गया है उससे ये जानने में खास मुश्किल नहीं होती। लिखा है मेंबर A को पाकिस्तानी सरकार बखूबी जानती है, उसकी लश्कर में ऊंची पहुंच के बारे में भी सरकार जानती है, उसे 2009 में कुछ वक्त के लिए हिरासत में लिया गया था। लेकिन बाद में छोड़ दिया गया। हकीकत में ये मेंबर A और कोई नहीं खुद हाफिज मोहम्मद सईद है। हाफिज को ही 2008 के मुंबई हमले के बाद पाकिस्तान में हिरासत में लिया गया था लेकिन बाद में सबूतों के अभाव मे बरी कर दिया गया।

हेडली सीधे लश्कर चीफ से बातें कर रहा था। हेडली और हाफिज मोहम्मद सईद के बीच कई लफ्ज लिखे जा रहे थे, ये थे कोड वर्ड्स इन्वेस्टमेंट प्लान, बिजनेस एक्शन, राहुल का शहर, नॉर्दर्न डायरेक्शन, हार्ट अटैक, कंपनी बैंक्रप्ट हो जाएगी। भले ही भारतीय एजेंसियों के लिए हेडली के कोड वर्ड्स नए हों, लेकिन हकीकत ये है कि वो अमेरिका को पहले ही ये सबकुछ बता चुका है, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने ये कोड्स तोड़ भी लिए हैं। दिलचस्प बात ये है कि मुंबई हमले के बाद अपनी गिरफ्तारी से हाफिज सईद बौखलाया हुआ था और वो दोबारा भारत पर हमले की गहरी साजिश रच रहा था।
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