लाइव टीवी

दिल्ली सरकार से अनुदान लेकर गोसेवा के नाम पर चलाते हैं गोरखधंधा!

News18India
Updated: August 24, 2016, 12:14 AM IST

IBN7 के खुफिया कैमरे में राजधानी की गोशालाओं का सच कैद हुआ। यहां गोशालाओं में गायों की भीषण दुर्दशा दिखी। गऊ सेवा के नाम पर गोरखधंधा चलाया जा रहा।

  • News18India
  • Last Updated: August 24, 2016, 12:14 AM IST
  • Share this:
नई दिल्ली। IBN7 के खुफिया कैमरे में राजधानी की गोशालाओं का सच कैद हुआ। यहां गोशालाओं में गायों की भीषण दुर्दशा दिखी। गऊ सेवा के नाम पर गोरखधंधा चलाया जा रहा। दिल्ली में 16 महीने में 15 हजार से अधिक गायों की मौत हो चुकी है। यहां हर महीने करीब 1 हजार गायों की मौत हो रही। रोजाना 30 से ज्यादा गायों की मौत हो रही। खास बात यह है कि इन गोशालाओं को गायों की सेवा के लिए सरकारी पैसा मिलता है। दिल्ली सरकार के अनुदान पर 5 गोशालाएं चलती हैं।

सुशील गोसदन में महज एक महीने में 474 गायों की मौत हो चुकी है। एक महीने में ही गायों की संख्या 1719  से घटकर 1245 हो गई। दिल्ली के मानव गोसदन में तकरीबन 550 गायें हैं।

गोशालाओं को हर गाय पर रोज 40 रुपए मिलता है। गोशालाओं को सरकार की तरफ से 20 रुपए और MCD की तरफ से 20 रुपए दिए जाते हैं। सरकारी पैसे के बावजूद कई गोशालाओं में बदहाली है। यहां गायों के मरने के बाद गाय की लाशों की भी नीलामी होती है। इसका पैसा MCD को मिलता है।

IBN7 से बातचीत में आचार्य सुशील गोसदन की पूर्व संचालिका गुरु छाया ने बेहद संगीन इल्जाम मढ़े। उन्होंने दावा किया कि पैसे लेकर गायें बेची भी जाती हैं। इन आरोपों की सत्यता परखने हमारा खुफिया कैमरा पहुंचा मान गोसदन के प्रबंधक मानव जैन के पास। हमने बहाना गढ़ा - कहा कि हमें दान में देने के लिए एक बछिया चाहिए।

मानव जैन को मालूम था कि गोसदन में मौजूद गायों को बेचना गैरकानूनी है, लेकिन जब हमने थोड़ी मनुहार की तो नकाब झट से उतर गया। थोड़ी ही देर में इस कथित गोरक्षक ने जैसे गाय के दलाल का रूप बना लिया। फिर शुरू हुई बछिया की सौदेबाजी। शुरू में तो मानव गोसदन के मानव जैन ने काफी देर तक हमसे इधर-उधर की बातें की, लेकिन आखिर 51 सौ रुपये में बछिया का सौदा करने पर राजी हो गया।

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए इंडिया 9 बजे से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: August 23, 2016, 9:19 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर