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अब कार खोलेगी शीना की हत्या के राज, फांसी के फंदे तक पहुंचेंगे कातिल!

News18India
Updated: September 5, 2015, 10:11 PM IST

शीना की हत्या की पहली गवाही सामने आ गई है। ये गवाही शायद इस चुलबुली लड़की के कातिलों को फांसी के फंदे तक ले जाए।

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  • Last Updated: September 5, 2015, 10:11 PM IST
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मुंबई। शीना की हत्या की पहली गवाही सामने आ गई है। ये गवाही शायद इस चुलबुली लड़की के कातिलों को फांसी के फंदे तक ले जाए। ये गवाही कई अहम जानकारियां दे सकती है जैसे क्या शीना को मारते वक्त उसने बचने की कोशिश की थी, क्या शीना अपने हत्यारों से लड़ी या वो पहले ही बेसुध हो चुकी थी, क्या उसे नशा देकर पहले ही बेहोश कर दिया गया और उसके बाद उसे गला दबा कर मार ड़ाला गया? क्या बचने की छटपटाहट में शीना ने किसी को नकोटा, किसी को काटा। जी हां, शीना की हत्या की पहली गवाही देने वाली सिल्वर कलर की शेवर्ले ऑप्ट्रा कार है। जिसका नंबर- MH01 MA 2605 है।

यकीनन ये परफेक्ट मर्डर था। एक अमीर इंसान, उसकी अमीर बीवी जो विदेश से लौटते ही एक गाड़ी किराए पर लेती है। उसका अपना ड्राइवर उस गाड़ी को चलाता है। गाड़ी में उसका दूसरा पति और अपने पहले पति से हुई उसकी अपनी बेटी बैठती है। और इसके बाद ये गाड़ी जो चलना शुरू करती है तो फिर उसकी बेटी की मौत के साथ ही थमती है। यानि ये गाड़ी ही तो है इस कत्ल की सबसे अहम और पहली गवाह।

ये कार पुलिस के कब्जे में है। शायद ही कभी भारत में किसी मर्डर केस में किसी एक गाड़ी की ऐसी जांच की गई हो। इस एक कार की हर संभव वैज्ञानिक तहकीकात की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, फोरेंसिक टीम के पांच एक्सपर्ट इस कार की जांच कर रहे हैं। कार की सीट पर फोम के कवर हैं। जांचकर्तां का मानना है कि अगर शीना के कत्ल के दौरान खून की एक बूंद भी उसपर गिरी होगी तो इसका पता चल जाएगा। फोम किसी भी तरह का लिक्विड सोख लेता है इसीलिए भले ही नंगी आंखों से खून का धब्बा नजर न आए लेकिन कैमिकल जांच से ऐसा कोई भी दाग छुप न सकेगा।



इतना ही नहीं अल्ट्रावायलेट लाइट से भी कार के भीतर के पूरे हिस्से को स्कैन किया जा रहा है। ये लाइट छोटे से छोटे दाग या धब्बे या फिंगर प्रिंट को भी नजरों के सामने ले आती है और पश्चिमी देशों में अपराध के कई मुश्किल केस इसकी मदद से सुलझाए गए हैं। इतना ही नहीं कार के भीतर मिट्टी के कणों की तलाश भी की जा रही है ताकि ये साबित किया जा सके कि ये कार शीना की लाश ठिकाने लगाने के लिए रायगढ़ के जंगलों में ले जाई गई थी। कार के भीतर बाल, नाखून और कपड़े के बारीक रेशों की तलाश भी जा रही है।



पहले ही रायगढ़ के जंगल से मिली खोपड़ी और शीना की तस्वीर का मिलान हो चुका है, ये साबित हो चुका है कि ये खोपड़ी 22-25 साल की लड़की की थी। अब कार की कैमिकल और टॉक्सिकॉलोजी जांच इस केस के गायब सिरों को आपस में जोड़ सकती है। मुमकिन है ये केस विज्ञान की मदद से कातिल को पकड़ने और सजा दिलवाने के लिए भी याद किया जाए।

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First published: September 5, 2015, 9:31 PM IST
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