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UPPCS पर्चा लीक का शिकंजे में मास्टरमाइंड

UPPCS पर्चा लीक का शिकंजे में मास्टरमाइंड

आईबीएन7 के यूपी पीसीएस के पेपर लीक कांड के बड़े खुलासे के बाद रविवार को अखिलेश सरकार ने यूपी पीसीएस की परीक्षा रद्द कर दी।

    लखनऊ। आईबीएन7 के यूपी पीसीएस के पेपर लीक कांड के बड़े खुलासे के बाद रविवार को अखिलेश सरकार ने यूपी पीसीएस की परीक्षा रद्द कर दी, लेकिन पर्चा लीक होने के दूसरे दिन भी छात्रों ने जगह-जगह विरोध प्रदर्शन किए। इस बीच एसटीएफ ने दावा किया है कि उसने पर्चा लीक कांड के मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

    गुस्साए छात्रों का कहना है कि यूपी पुलिस इस मामले में बड़े अफसरों को बचाने की कोशिश कर रही है, वहीं यूपी लोक सेवा आयोग ने कहा कि रद्द हुई पीसीएस की परीक्षा दोबारा 10 मई को कराई जाएगी। पीसीएस प्री परीक्षा का पर्चा लीक से होने से छात्र बेहद नाराज हैं। नाराज छात्रों के निशाने पर यूपी सरकार और यूपी लोक सेवा आयोग के अफसर हैं।

    लखनऊ, कानपुर, इलाहाबाद, रायबरेली हर जगह गुस्साए छात्रों ने सड़क प्रदर्शन किया। नाराज छात्र यूपी लोक सेवा आयोग और उसके चैयरमैन अनिल यादव की कार्यशैली पर भी सवाल उठा रहे हैं। यूपी लोक सेवा आयोग के चेयरमैन अनिल यादव इससे पहले तब विवादों में आए थे जब उनकी तैनाती के बाद पीसीएस में ओबीसी के कुल 86 छात्रों का चयन हुआ। इनमें 50 यादव बिरादरी के थे। आरोप है कि एकाध अपवादों को छोडकर इंटरव्यू में यादव बिरादरी के छात्रों को 135 से 140 नंबर दिए गए।

    आयोग के नियमों के मुताबिक किसी छात्र को ज्यादा से ज्यादा 140 नंबर ही दिए जा सकते हैं। वहीं ओबीसी के बाकी छात्रों को औसतन 110 नंबर, एससी-एसटी छात्रों को औसतन 105 नंबर और सामान्य वर्ग के छात्रों को औसतन 115 नंबर दिए गए। पर्चा लीक कांड में एक बार फिर आयोग कठघरे में है और उसके चेयरमैन अनिल यादव भी।

    मामले की जांच कर रही एसटीएफ ने खुलासा किया है कि पीसीएस प्री का पर्चा लखनऊ के आलमबाग के एक स्कूल से लीक हुआ था। इस मामले में तीन लोग गिरफ्ता हुए हैं। एसटीएफ का कहना है कि पर्चा लीक मामले में कोई सरकारी कर्मचारी नहीं शामिल है।

    एसटीएफ के आईजी सुजीत पांडेय के मुताबिक इसमें किसी सरकारी कर्मचारी का कोई इंवॉल्वमेंट नहीं है ये पूरी तरह से क्लियर है। एसटीएफ ने अपनी शुरुआती जांच में यूपी लोक सेवा आयोग को पूरी तरह क्लीन चिट दे दी है।

    पीसीएस की परीक्षा 78 साल पहले अंग्रेजों के राज में 1937 में शुरू हुई थी। तब से लेकर अब तक पीसीएस परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ था, लेकिन रविवार को वो हुआ जो यूपी में 78 सालों में नहीं हुआ था। रविवार सुबह पीसीएस प्री की परीक्षा शुरू होने से कई घंटे पहले पर्चा लीक हो गया। इस शर्मनाक घटना ने यूपी लोक सेवा आयोग जैसी बड़ी और प्रतिष्ठित संस्था की साख पर तो बट्टा लगाया ही है। सूबे की अखिलेश सरकार को भी कठघरे में खड़ा कर दिया है।

    Tags: Akhilesh yadav, लखनऊ

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