मुद्दा: ‘आप’ की बयानबाजी छीछालेदर में बदल गई?

आम आदमी पार्टी का विवाद कलह, बयानबाजी से बढ़ता हुआ छीछालेदर तक पहुंच गया है। प्रशांत और योगेंद्र यादव को पीएसी से निकालने के बावजूद विवाद थमा नहीं है।

  • News18India
  • Last Updated: March 10, 2015, 1:24 PM IST
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नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी का विवाद कलह, बयानबाजी से बढ़ता हुआ छीछालेदर तक पहुंच गया है। प्रशांत और योगेंद्र यादव को पीएसी से निकालने के बावजूद विवाद थमा नहीं है और अब कई हलकों से दोनों को पार्टी से निकालने की बात शुरू हो गई है। उन दोनों को जिन्होंने पार्टी की बुनियाद रखी, संविधान बनाया और पार्टी को दूसरे दलों से अलग पहचान दिलाई। लेकिन पार्टी के भीतर से इस विवाद पर बयान जारी किए जाने के बावजूद घमासान जारी है।

बयानबाजी के बाद भले ही विवाद बढ़कर महाभारत सरीखा दिखा हो, लेकिन अब ये छीछालेदर में बदल गया है। आम आदमी पार्टी के महाभारत के वक्त तीन मुख्य किरदार थे। अरविंद, प्रशांत और योगेंद्र यादव। लेकिन इसे छीछालेदर में बदलने के लिए आशुतोष, आशीष खेतान, दिलीप पांडे, भगवंत मान, संजय सिंह, गोपाल राय समेत न मालूम कितने चेहरे जुड़ते चले गए।

मंगलवार की सुबह पार्टी के चार चेहरों ने पार्टी की तरफ से एक बयान जारी किया। यह पहला आधिकारिक बयान था, जिसमें सार्वजनिक रूप से शांति, प्रशांत और योगेंद्र की तिकड़ी को गद्दार करार दिया गया। यह बयान मनीष सिसोदिया, गोपाल राय, पंकज गुप्ता और संजय सिंह की तरफ से साझा तौर पर जारी किया गया, जो पार्टी की वेबसाइट पर भी है।



इस बयान के मुताबिक, 4 मार्च को आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारणी की बैठक में पार्टी में आए गतिरोध को दूर करने के लिए योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण को PAC से मुक्त करके नई जिम्मेदारी देने का निर्णय लिया गया। बयान में कहा गया है कि बैठक के बाद मीडिया में बयान दे कर ऐसा माहौल बनाया जा रहा है, जैसे राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने अलोकतांत्रिक और गैरजिम्मेदार तरीके से यह फैसला लिया। इससे कार्यकर्ताओं के मन में भी कई सवाल उठे हैं। इससे मजबूर हो कर पार्टी इन दोनों को PAC से हटाए जाने के कारणों को सार्वजनिक करने के लिए मजबूर हुई है।



आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने कहा कि जिस प्रकार से पार्टी में एक वाताणरण बन रहा है उससे लोगों के बीच में गलत संदेश जा रहा था ऐसा लग रहा था कि पार्टी ने एकतरफा कार्रवाई कर दी थी। 4 मार्च को हमने बैठक इसलिए ही की थी क्योंकि घर की बात घर में रहे।

पारदर्शिता के मुद्दे पर दूसरों को पानी पी-पी कर कोसने वाली पार्टी पहले आधिकारिक बयान को भी मजबूरी का नाम दे रही है। बयान के जरिए पार्टी ने प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव पर आरोपों की झड़ी लगा दी। इसमें कहा गया है प्रशांत भूषण ने दूसरे राज्यों को चुनाव प्रचार के लिए दिल्ली आने से रोका। फोन पर कार्यकर्ताओं से कहा कि वह भी प्रचार नहीं कर रहे। अरविंद को सबक सिखाने के लिए पार्टी को हराना जरूरी बताया। प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी को बर्बाद करने की धमकी दी। पार्टी को मिलने वाले चंदे को रोकने की कोशिश की। पार्टी पर आरोप लगाने वाली संस्था अवाम का समर्थन किया। दिल्ली डायलॉग कार्यक्रम का नेतृत्व करने से इनकार किया।

यही नहीं पार्टी की छीछालेदर की पराकाष्ठा देखिए। प्रशांत पर आरोप है कि वह चाहते थे कि किसी भी हालत में पार्टी दिल्ली में 20-22 सीट से ज्यादा न जीत सके ताकि अरविंद के नेतृत्व को बदला जा सके। प्रशांत भूषण ने कहा कि अब हमारी पार्टी के कुछ फ्रंट लाइन लीडर्स बाते कह रहे है। सच अब जनता के सामने आना चाहिए और आएगा।

ऐसे ही आरोप योगेंद्र यादव पर भी लगाए गए हैं। बयान के मुताबिक योगेंद्र यादव ने अखबारों में नेगेटिव खबरें छपवाईं। केजरीवाल की छवि खराब करने की कोशिश की। कई संपादकों ने ऑफ द रिकॉर्ड बातचीत में ये कबूला।

योगेंद्र यादव ने भी इस बयानों पर प्रतिक्रिया देने में देरी नहीं की। योगेंद्र ने कहा कि आरोप तो शांतिभूषण पर भी लगे। उन पर चुनाव के बीच में किरण बेदी के समर्थन में दिए बयानों को मुद्दा बनाया गया, जबकि उनकी बिटिया पर एनआरआई को चंदा देने से रोकने के आरोप लगे।

अब जब विवाद को खत्म कर आगे बढ़ने का वक्त है, तो भी नेताओं की बयानबाजी जारी है। अनुशासन के सारे दावे तार-तार हो रहे हैं। ऐसा लग रहा है मानो 28 मार्च की बैठक में इन नेताओं को राष्ट्रीय कार्यकारिणी से भी बाहर करने की तैयारी चल रही हो। आम आदमी पार्टी प्रमुख केजरीवाल बेंगलुरू में इलाज करा रहे हैं और उनके सिपहसलार पार्टी के इलाज में लगे हैं। वक्त ही बताएगा कि इस छीछालेदर के बाद पार्टी स्वच्छ हो पाती है या साफ।

आम आदमी पार्टी का विवाद अब तक जारी बयानबाजी की वजह से छीछालेदर में बदल गया है, इस मुद्दे पर बात करने के लिए आईबीएन7 के साथ स्टूडियो में मौजूद हैं अवाम के संस्थापक करन सिंह, दिल्ली से बीजेपी के नेता जीवीएल नरसिम्हा राव, कांग्रेस के प्रवक्ता मीम अफजल और आम आदमी पार्टी के नेता कमल मित्रा चिनॉय, इनके अलावा संवाददाता विक्रांत यादव भी मौजूद हैं। (चर्चा के लिए वीडियो देखें)
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