इस मिसाइल से चीन-पाकिस्तान समेत पूरा एशिया आया भारत के रडार पर!

विश्व बिरादरी में चीन हमेशा भारतीय हितों में अड़ंगा डालता रहा है। एनएसजी में भारत की सदस्यता पर भी चीनी अड़ंगे का साया मंडरा रहा है>

  • News18India
  • Last Updated: December 15, 2016, 6:46 PM IST
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नई दिल्ली। विश्व बिरादरी में चीन हमेशा भारतीय हितों में अड़ंगा डालता रहा है। एनएसजी में भारत की सदस्यता पर भी चीनी अड़ंगे का साया मंडरा रहा है, लेकिन इस बीच भारत एमटीसीआर का हिस्सा बन चुका है। भारत अब दुनिया को अपनी मिसाइल बेच सकता है और टेक्नोलॉजी भी ले सकता है। फिलहाल अग्नि फाइव भारतीय सेना को नई ताकत देने को तैयार है। आने वाले दिनों में भारत का मिसाइल प्रोग्राम और भी आगे जाने वाला है।

एनएसजी में सदस्यता के चीनी विरोध के बावजूद भारत 34 देशों के मिसाइल टेक्नोलॉजी कंट्रोल रिजीम यानी MTCR का सदस्य बनने में कामयाब रहा है। MTCR के सदस्य के तौर पर भारत दुनिया भर से मिसाइल टेक्नोलॉजी हासिल कर सकता है। भारत में रूस की मदद से तैयार सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइल को दुनिया भर को बेच सकता है। एशिया में चीन का प्रभाव कम करने के लिए यूएस से ड्रोन्स खरीद सकता है। मेक इन इंडिया के तहत मिसाइल टेक्नोलॉजी को विकसित कर सकता है।

फिलहाल तो अग्नि 5 के फाइनल टेस्ट की तैयारी है। अफसरों के मुताबिक, अग्नि-V को टारगेट तक ले जाने के लिए 3 स्टेज हैं। उड़ने के बाद पहली स्टेज में अग्नि फाइव 35 किलोमीटर तक उड़ेगी। दूसरी स्टेज में मिसाइल में लगा रॉकेट शुरू हो जाएगा। तीसरे स्टेज में अग्नि फाइव हिन्द महासागर में 5000 किलोमीटर दूर टारगेट पर सटीक हमला करेगी।



स्ट्रैटजिक फोर्सेस कमांड को दिए जाने से पहले मिसाइल का ये अंतिम टेस्ट बताया जा रहा है। अग्नि 5 के 2012, 2013 और 2015 में टेस्ट किए गए थे, जिनमें कुछ मामूली तकनीकी खामियां थीं। अग्नि पांच को सेना में शामिल करने में अभी कुछ साल लगेंगे। इस टेस्ट में इसके फुल रेंज को परखा जाएगा। इसके बाद ही स्ट्रैटिजिक फोर्सेज कमांड की तरफ से इसका यूजर ट्रायल शुरू किया जाएगा। मिसाइल को सेना में शामिल करने के लिए उत्पादन शुरू करने से पहले एसएफसी कम से कम दो टेस्ट करेगा।
अग्नि पांच की रेंज का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अग्नि पांच की रेंज में पूरा चीन और एशिया आता है। साथ ही यूरोप के भी कुछ हिस्से इसकी जद में आ सकते हैं। भारतीय सेना के पास फिलहाल 3 हजार 5 सौ किलोमीटर तक निशाने पर सटीक मार करने वाली अग्नि 3 है। अगर अग्नि पांच का परीक्षण सफल रहा तो भारतीय सेना के कंधों पर शक्ति का नया सितारा टंक जाएगा।
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