पुलिस ने रिकॉर्ड की हार्दिक और उसके साथियों की पूरी बातचीत

पाटीदार आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल और उसके साथियों के खिलाफ राष्ट्रद्रोह के मामले में अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने जो एफआईआर की है वो बेहद चौकाने वाली है।

  • Last Updated: October 23, 2015, 8:54 PM IST
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नई दिल्ली। पाटीदार आंदोलन से निपटने के लिए पटेल नेताओं पर एक के बाद एक राष्ट्रद्रोह के मुक़दमे दर्ज किए जा रहे है। हार्दिक और उसके साथियों के खिलाफ राष्ट्रद्रोह के मामले में अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने जो एफआईआर की है वो बेहद चौकाने वाली है। क्राइम ब्रांच के मुताबिक गांधी के रास्ते पर चलने की बातें करने हार्दिक और उसके साथी ही गुजरात में हुई हिंसा के मास्टरमाइंड हैं। दरअसल यह खुलासा तब हुआ जब हार्दिक और उसके साथियों के फोन इंटरसेप्ट हुए। आईबीएन 7 के हाथ लगी एफआईआर की कॉपी में वो सारे इंटरसेप्शन हैं, जो इस साजिश का खुलासा करते हैं।

25 अगस्त 2015 का वो दिन जब पाटीदार आंदोलन के समर्थन मैं अहमदाबाद में पाटीदारों का सैलाब सड़कों पर था। इसी दिन ने पाटीदार आंदोलन ने कन्वीनर हार्दिक को एक नई पहचान दी। मंच से हार्दिक गांधी के रास्ते पर चलने की दुहाई देते रहे। शाम होते ही हार्दिक की गिरफ्तारी पर गुजरात के कई शहरों मैं हिंसा ने उग्र रूप लिया। हार्दिक और उनके साथी सोशल मीडिया पर और टीवी चैनलों पर पाटीदारों से हिंसा न करने की अपील करते रहे। फिर भी हिंसा कई जगहों पर दो दिन तक चली।

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25 तारीख का हार्दिक के साथी दिनेश का उसके एक और साथी के साथ बातचीत बेहद चौकानेवाली है। जिसमें हार्दिक की गिरफ्तारी के बाद दिनेश लोगों को सड़कों पर उतरने को कह रहे हैं। एक और बातचीत जिसे रिकॉर्ड किया गया है जिसमें सामनेवाला शख्स कह रहा है कि उसने पुलिस को किस तरह मारा। उसके सामने दिनेश वो इलाका छोड़कर कहीं और जाने की सलाह देता है। पढ़ें, रिकॉर्ड की गई बातचीत-
हार्दिक की गिरफ्तारी के बाद तय प्लानिंग के मुताबिक हार्दिक का एक और साथी दिलीप अपने बाकी साथियों को फोन करता है। दोपहर 1 बजकर 15 मिनट पर।

दिलीप: हादिक की गिरफ़्तारी हो चुकी है।

सामनेवाला: तो आएं क्या हम सब वहां...?

दिलीप: वहां सब ब्लॉक कर दो...हाईवे चक्का जाम कर दो...

सामनेवाला: हां, हां..

दिलीप: जैसे ही सरकारी बस निकले जला दो...किसी से डरिएगा मत..

 

25 अगस्त को हार्दिक के साथी दिनेश की बातचीत एक शख्स से शाम को 8 बजकर 35 मिनट पर हो रही है जो चौकाने वाली है। यह बातचीत उस समय की है जब हार्दिक की गिरफ्तारी हो चुकी थी।

सामनेवाला: अरे मैंने तो चार लोगों को मेरी गाड़ी में बिठाया..और चार लोगों को तो मैंने मार दिया...चार को ख़त्म कर दिया....

दिनेश: क्यों ख़त्म कर दिया?

सामनेवाला: पूरा उल्टा करके फेंका....एक पुलिस सब इन्स्पेक्टर को भी उलटा मारा..।

दिनेश: अरे आप सब जितने लोग हैं, सब अस्पताल में एडमिट हो जाओ..गाड़ी आल्फा मॉल में रख दो...कहीं पर भी रख दो....

25 अगस्त को रात 11 बजकर 11 मिनट पर हार्दिक का साथी दिनेश किसी शख्स से बात कर रहा है।

दिनेश: आप चिंता मत करना..और कारतूस भरा कर रखिएगा..और बवाल हो तो फायरिंग कर दीजियेगा...

हार्दिक का एक और साथी अमरीश 26 अगस्त को दोपहर 2 बजे किसी शख्स से बात कर रहा है...

सामनेवाला: गोता रेलवे की पटरिय उखाड़ दी हैं...

अमरीश: बहुत अच्छा, बहुत अच्छा

सामनेवाला: गोता के और बाकी कौन हैं अपने कार्यकर्ता?

अमरीश: वहां बहुत हैं...गोता की और चार से पांच हजार लो और वन्देमातरम वाला पूरा पट्टा

सामनेवाला: वन्देमातरम वाले पाती में वो रबारी लोगों को झपट में ले लीजिए...

अमरीश: हां, हां वो भी करवा देते हैं...लाइए मुझे बात करने दीजिये...

26 अगस्त रात को 11 बजे अमरीश की एक और बातचीत अमूल नाम के शख्स से हुई जिसे पुलिस ने रिकॉर्ड की।

अमूल: पुलिस दिखती नहीं है ऐसा?

अमरीश: कहीं पुलिस नहीं है...पुलिस थाने को मैंने खुद जलाया है अभी..नगरपालिका भी जला दी मैंने...।

अमूल: हमने कापोदरा पुलिस थाना जलाया..

अमरीश: हां, मैंने टीवी पर देखा...

अमूल: पुलिस गायब हो गई ऐसा?

अमरीश: पुलिस भूगर्भ में और पब्लिक रोड पर...हमारे हाथों में लकड़ियां..और पत्थर सब है...हमने बहुत गाड़ियां जलाई हैं...अहमदाबाद में तक़रीबन 7 पुलिस स्टेशन...

अमूल: हमारे कामरेज में कर्फ्यू है अभी...

अमरीश: हमारे यहां पुलिस के लिए कर्फ्यू है...हमारे लोगों के लिए नहीं...सीआरपीएफ़ की गाड़ियां सब हमने तोड़ दी...पुलिस भूगर्भ में चली गई..बेहद मजा आया...।

हार्दिक की गिरफ्तारी के फ़ौरन बाद अमरीश जो हार्दिक का साथी है उसे एक फोन आता है 25 अगस्त रात को 8 बजकर 20 मिनट पर।

अमरीश: हार्दिक की गिरफ्तारी हुई है...


सामनेवाला: इसलिए तो आपको फोन किया कि अब हमें करना क्या है?

अमरीश: अब शुरू करें सब इकठ्ठा होने का...

सामनेवाला: हां, करते हैं सबको इकठ्ठा...हम भी पहुंचकर करते हैं बड़ा बवाल...

अमरीश: हां, हां

दिनेश 26 अगस्त को रात को 9 बजकर 36 मिनट पर किसी से बात कर रहा है।

दिनेश: ना, ना उसमें नहीं है...छुड़ाने आया हूं...अभी जला दे..पूरे गुजरात को एक घंटे में....इसे पकड़ने में सरकार ने गलती कर दी है...एक घंटा नहीं होने देंगे....।

क्राइम ब्रांच का दावा है कि हार्दिक और उसके साथियों ने सरकार को उखाड़ फेंकने की साजिश रची और उसके लिए हिंसा का सहारा लिया। उसके आधार पर हार्दिक और उसके साथियों के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मामला दर्ज किया है।

इसके अलावा 17 और 18 अक्टूबर के दिन हार्दिक दिनेश के मोबाइल से मोरबी में रहे उनके साथियों को बताता है कि टीवी देखते रहें। जैसे ही उसकी गिरफ्तारी होती है सोडा की खाली बोतलें रास्ते पर फोड़ी जाएं। टायर जलाए जाएं और रास्ते रोके जाएं। सूरत के इलाके की सड़कों पर कैसे उपद्रव फैलाना है, यह भू हार्दिक उसके साथियों को टास्क सौंपता है। यह सारा इंटरशेप्शन एफआईआर का हिस्सा है।

हार्दिक ने 17 तारीख को दोपहर तीन बजकर 17 मिनट पर अपने साथी कुलदीप को फोन किया।

हार्दिक : हमने इसलिए फोन किया है कि आप हाई वे को पूरा जाम कर सको...सायला वाला

कुलदीप: कब?

हार्दिक:  जब कहें तब

कुलदीप: एनी टाइम साब

हार्दिक ने 17 तारीख को ही शाम को 5 बजकर 17 मिनट पर अल्पेश नामके अपने साथी को फोन किया...

हार्दिक : कल हाईवे रोकने हैं...

अल्पेश: कोई समस्या नहीं...

हार्दिक :हाई वे से शुरुआत मैं करने वाला हूं...सुबह 9 बजे ...निलेश भाई एरवाडीया को जेल से रिहा करो..पाटीदार को न्याय दो, इस बैनर के साथ

अल्पेश: जरुर

हार्दिक : भुलियेगा मत..कामेज वाला हाई वे बंद करना है...गुजरात के तमाम हाई वे बंद हो जाने चाहिए...कोई बाकी नहीं रहना चाहिए...

अल्पेश: मेरी जिम्मेवारी

हार्दिक: मैं ही करनेवाला हूं शुरुआत...हम लोग पोरबंदर वाला हाई वे रोकने वाले हैं...

अल्पेश: हम पहले की तरह ही कामरेज हाई वे बंद करेंगे

हार्दिक: हां, पर ऐसा रुकना चाहिए कि सोडा की खाली बोटल्स फोड़ने की...रास्ते पर कोई बड़ी चीज रखने की...टायर जलाने की...

हार्दिक 17 अक्तूबर को सुबह 9 बजकर 22 मिनट पर कुलदीप से बात करता है।

हार्दिक: कल जब हमारी गिरफ्तारी हो तब फ़ौरन सब होना चाहिए...ठीक है...टीवी में देखते रहने का...

कुलदीप: हां, हां 100 फीसदी उस में इन्तजार नहीं करेंगे...

हार्दिक: थोड़ा भी गलती मत करना...भूलना मत...टीवी देखते रहना...सुबह जब हमारी गिरफ्तारी हो तब..

कुलदीप: 100 फीसदी सब काम हो जाएगा...

कुलदीप : आपकी जैसे ही गिरफ्तारी होगी एक सेकेण्ड नहीं लगेंगे ..हम फ़ौरन हाई वे पहुंच जाएंगे...

हालांकि हार्दिक और उसके साथियों के वकील के मुताबिक पुलिस सरकार के इशारों पर काम कर रही है और ऐसे इंटरसेप्शन कोर्ट में कोई प्रमाण नहीं होते।

हार्दिक के खिलाफ यह राष्ट्रद्रोह का दूसरा मामला दर्ज हुआ है। ऐसे में सूरत के बाद उसे अहमदाबाद में भी वॉइस स्पेक्ट्रोग्राफी के लिए लाया जायेगा। ऐसे में इतना तय है कि अबतक सरकार और पुलिस को अपनी उंगलियों पर नचाने वाले पाटीदार आरक्षण के नेताओं को पुलिस की कार्रवाई पर बड़े पैमाने पर कानूनी पेचीदगियों से गुजरना होगा।

 

 
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