मशाल को एवरेस्ट पर ले जाने की तैयारी

वार्ता
Updated: April 10, 2015, 9:50 AM IST
मशाल को एवरेस्ट पर ले जाने की तैयारी
ओलंपिक मशाल को एवरेस्ट पर पहुंचाने की तैयारियां जोरों पर।
वार्ता
Updated: April 10, 2015, 9:50 AM IST
एवरेस्ट आधार शिविर (चीन)। भारी बर्फबारी से पैदा हुई बाधा के बीच ओलंपिक मशाल को दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी माउंट एवरेस्ट पर पहुंचाने की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। चीन की इस महत्वाकांक्षा को साकार करने के लिए 22 तिब्बती नागरिकों समेत 31 पर्वतारोही इस अभियान की नए सिरे से योजना बनाने और शिविरों के मरम्मत कार्य में जुटे हैं।

चीन की पर्वतारोही टीम के प्रवक्ता झांग झीजियान ने हालांकि इस अभियान की शुरुआत की तारीख के बारे में साफतौर पर कुछ नहीं बताया।

झीजियान ने हालांकि यह जरूर कहा कि बीते हफ्ते हुई भारी बर्फबारी से ओलंपिक की मशाल को दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी पर ले जाने की योजना को हल्का झटका लगा है।

उन्होंने कहा, "भारी बर्फबारी की वजह से तयशुदा रास्ते बंद होने के साथ-साथ हमारे शिविर भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इससे हमारी योजनाओं पर कुछ न कुछ असर जरूर पड़ा है। हमारी मशाल वाहक पर्वतारोही टीम रास्तों को फिर से बनाने और टूटे-फूटे शिविरों की मरम्मत में जुटी हुई है"।

गौरतलब है कि एवरेस्ट पर ले जाई जाने वाली ओलंपिक मशाल की ज्योति वास्तविक मशाल से ली गई है। आयोजक इस मशाल को एवरेस्ट पर ले जाने की मुहिम को बहुत गुप्त रखना चाहते हैं, क्योंकि वे इस अभियान के भी विरोध प्रदर्शनों से प्रभावित होने को लेकर आशंकित हैं।

गौरतलब है कि चीन विरोधी प्रदर्शनों का साया इस साल अगस्त में बीजिंग में होने वाले ओलंपिक खेलों की मशाल दौड़ पर भी पड़ा है। मशाल दौड़ को लंदन, पेरिस, सान फ्रांसिस्को तथा दिल्ली समेत कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शनों का सामना करना पड़ा था।
First published: May 7, 2008
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