बैडमिंटन: लक्ष्य सेन ने रचा इतिहास, मेंस सिंगल्स में 53 साल बाद जीता गोल्ड

बैडमिंटन: लक्ष्य सेन ने रचा इतिहास, मेंस सिंगल्स में 53 साल बाद जीता गोल्ड
बैडमिंटन: लक्ष्य सेन ने रचा इतिहास, मेंस सिंगल्स में 53 साल बाद जीता गोल्ड

एशियाई जूनियर चैंपियनशिप में लक्ष्य सेन ने थाईलैंड के कुनलावुत वितिदसरन को सीधे गेम में हराया

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भारत के युवा शटलर लक्ष्य सेन ने इतिहास रच दिया है. उन्होंने एशियाई जूनियर चैंपियनशिप के खिताबी मुकाबले में थाइलैंड के कुनलावुत वितिदसरन को सीधे गेम में 21-19 और 21-18 से हरा दिया. वह ये खिताब जीतने वाले दूसरे भारतीय पुरुष और तीसरे हिंदुस्तानी हैं. जकार्ता में खेले गए इस टूर्नमेंट के फाइनल मुकाबले में लक्ष्य ने पहला गेम 21-19 से जीता. दोनों ही खिलाड़ियों के बीच रोमांचक टक्कर देखने को मिली, लेकिन भारतीय शटलर ने टॉप सीड कुनलावुत को हराने में सफलता हासिल कर ली.


फाइनल का दूसरा गेम भी कांटे भरा रहा. एक वक्त दोनों खिलाड़ी 14-14 से बराबरी पर थे, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने 21-18 से गेम जीतते हुए खिताब अपने नाम कर लिया. इससे पहले लक्ष्य ने सेमीफाइनल में चौथी सीड इंडोनेशिया के इखसान लियोनार्डो इमानुएल रुमबे को 21-7, 21-14 से हराया.


आपको बता दें मेंस सिंगल्स में 53 साल पहले 1965 में गौतम ठक्कर ने गोल्ड मेडल जीता था. उनेके बाद पीवी सिंधु ने 2012 में वीमेंस सिंगल्स का खिताब अपने नाम किया था. अब लक्ष्य ये कारनामा करने वाले तीसरे भारतीय खिलाड़ी हैं.
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