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Tokyo Paralympics: अवनि लेखरा ने गोल्ड जीत रचा इतिहास, पैरालंपिक खेलों में रिकॉर्ड भी बनाया

Tokyo Paralympics: अवनि लेखरा ने गोल्ड जीत रचा इतिहास, पैरालंपिक खेलों में रिकॉर्ड भी बनाया

टोक्यो पैरालंपिक खेलों में निशानेबाज अवनि लेखरा ने गोल्ड जीत रचा इतिहास. (फोटो साभार-@ddsportschannel)

टोक्यो पैरालंपिक खेलों में निशानेबाज अवनि लेखरा ने गोल्ड जीत रचा इतिहास. (फोटो साभार-@ddsportschannel)

Tokyo Paralympics: भारत की अवनि लेखरा (Avani Lekhara) ने टोक्यो पैरालंपिक खेलों में गोल्ड जीतकर इतिहास रच दिया है. अवनि ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला हैं.

    नई दिल्ली. भारतीय निशानेबाज अवनि लेखरा (Avani Lekhara) ने टोक्यो पैरालंपिक खेलों (Tokyo Paralympics) में गोल्ड जीतकर इतिहास रच दिया है. अवनि ने महिलाओं के 10 मीटर एयर राइफल के क्लास एसएच1 फाइनल में 249.6 अंक बनाकर विश्व रिकार्ड की बराबरी की और पहला स्थान हासिल किया. उन्होंने चीन की झांग कुइपिंग (248.9 अंक) को पीछे छोड़ा. यूक्रेन की इरियाना शेतनिक (227.5) ने कांस्य पदक जीता. भारत का पैरालंपिक खेलों में निशानेबाजी प्रतियोगिता में यह पहला पदक है. टोक्यो पैरालंपिक (Paralympics 2020) में भी यह देश का पहला स्वर्ण पदक है .

    अवनि ने इस इवेंट के क्वालीफिकेशन राउंड में 21 निशानेबाजों के बीच सातवें स्थान पर रहकर फाइनल्स में प्रवेश किया. उन्होंने 60 सीरीज के छह शॉट के बाद 621.7 का स्कोर बनाया जो शीर्ष आठ निशानेबाजों में जगह बनाने के लिये पर्याप्त था. इस भारतीय निशानेबाज ने शुरू से आखिर तक निरंतरता बनाये रखी और लगातार 10 से अधिक के स्कोर बनाये.

    पैरालंपिक खेलों में पदक जीतने वाली सिर्फ तीसरी भारतीय महिला
    अवनि लेखरा पैरालंपिक में भारत की तरफ से पदक जीतने वाली सिर्फ तीसरी महिला हैं. भाविना पटेल पैरालंपिक खेलों के इतिहास में भारत की तरफ से पदक जीतने वाली सिर्फ दूसरी महिला हैं. दीपा मलिक पैरालंपिक खेलों में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला है. उन्होंने रियो पैरालंपिक 2016 में गोला फेंक में 4.61 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ सिल्वर मेडल जीता था. उनके कमर के नीचे का हिस्सा लकवाग्रस्त है.

    पैरालंपिक खेलों में गोल्ड जीतने वाली चौथी भारतीय खिलाड़ी
    अवनि लेखरा पैरालंपिक खेलों में गोल्ड जीतने वाली सिर्फ चौथी भारतीय खिलाड़ी हैं. पैरालंपिक खेलों में भारत को पहला गोल्ड मुरलीकांत पेटकर ने 1972 पैरालंपिक में दिलाया था. पेटकर ने पुरुषों की 50 मीटर फ्रीस्टाइल तैराकी स्पर्धा में 37.33 सेकंड का समय लेकर विश्व रिकार्ड बनाने के साथ स्वर्ण पदक जीता था. यह भारत का पैरालंपिक खेलों में पहला पदक था. इसके बाद देवेंद्र झाझरिया ने एथेंस ओलंपिक 2004 और रियो ओलंपिक 2016 में जेवलिन थ्रो में भारत को गोल्ड दिलाया. वहीं रियो खेलों में मरियप्पन थंगावेलु ने रियो खेलों में ऊंची कूद स्पर्धा में 1.89 मीटर कूद लगाकर स्वर्ण पदक जीता था.

    जेवलिन थ्रो में देवेंद्र झाझरिया ने सिल्वर और सुंदर सिंह ने ब्रॉन्ज मेडल जीता

    योगेश कथूनिया ने सिल्वर मेडल जीत रचा इतिहास, भारत को टोक्यो पैरालंपिक में मिला 5वां पदक

    ओलंपिक-पैरालंपिक खेलों में गोल्ड जीतने वाली छठी भारतीय
    अवनि लेखरा ओलंपिक-पैरालंपिक खेलों में गोल्ड जीतने वाली छठी भारतीय हैं. उनसे पहले पैरालंपिक खेलों में मुरलीकांत पेटकर, देवेंद्र झाझरिया और मरियप्पन थंगावेलु गोल्ड जीत चुके हैं. वहीं ओलंपिक खेलों में अभिनव बिंद्रा ने बीजिंग ओलंपिक 2008 में गोल्ड जबकि नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलंपिक 2020 में स्वर्ण पदक अपने नाम किया.

    Tags: Paralympics 2020, Sports news, Tokyo Paralympics, Tokyo Paralympics 2020

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