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Tokyo Olympics: रवि दहिया फाइनल में, 7 प्वाइंट से पिछड़कर भी जीती बाउट, अब गोल्ड के लिए खेलेंगे

Tokyo Olympica: रवि दहिया टोक्यो ओलंपिक के फाइनल में पहुंचे, सिल्वर मेडल पक्का किया. (फोटो-AP)

Tokyo Olympica: रवि दहिया टोक्यो ओलंपिक के फाइनल में पहुंचे, सिल्वर मेडल पक्का किया. (फोटो-AP)

Tokyo Olympics 2020: भारतीय रेसलर रवि दहिया (Ravi Dahiya) ने इतिहास रच दिया है. रवि दहिया ने कुश्ती के 57 किलो वर्ग में फाइनल में प्रवेश कर लिया है. उनकी इस जीत से भारत का टोक्यो ओलंपिक में चौथा पदक पक्का हो गया है.

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    नई दिल्ली. भारतीय पहलवान रवि दहिया (Ravi Dahiya) ने टोक्यो ओलंपिक में दमदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बना ली है. उन्होंने 57 किलो वर्ग के सेमीफाइनल में कजाकिस्तान के सनायेव नूरिस्लाम को हरा दिया है. चौथी वरीयता प्राप्त भारतीय 2-9 से पीछे था लेकिन दहिया ने वापसी करते हुए अपने विरोधी के दोनों पैरों पर हमला किया और उसके गिरने से जीतने में कामयाब रहे. पहले दौर के बाद दहिया के पास 2-1 की बढ़त थी लेकिन सनायेव ने उनके बायें पैर पर हमला बोलकर तीन बार उन्हें पलटने पर मजबूर करते हुए छह अंक ले लिये. ऐसा लग रहा था कि दहिया हार की तरफ बढ़ रहे हैं लेकिन संयम नहीं खोते हुए उन्होंने एक मिनट में बाजी पलट दी. रवि दहिया ने इसके साथ ही टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics) में देश के लिए चौथा मेडल पक्का कर लिया है. अब वे फाइनल में गोल्ड जीतने के इरादे से उतरेंगे.

    केडी जाधव भारत को कुश्ती में पदक दिलाने वाले पहले पहलवान थे जिन्होंने 1952 के हेलसिंकी ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था. उनके बाद भारत के लिए रेसलिंग में सुशील कुमार (2008, 2012), योगेश्वर दत्त (2012) और साक्षी मलिक (2016) पदक जीत चुके हैं. सुशील कुमार ने लंदन ओलंपिक 2012 में सिल्वर मेडल जीता था. जबकि साक्षी और योगेश्वर के नाम कांस्य पदक है.

    पहले दो मुकाबले में दिखा दहिया का दबदबा
    रवि दहिया ने दोनों मुकाबले तकनीकी दक्षता के आधार पर जीते. दहिया ने पहले दौर में कोलंबिया के टिगरेरोस उरबानो आस्कर एडवर्डो को 13-2 से हराने के बाद बुल्गारिया के जॉर्जी वेलेंटिनोव वेंगेलोव को 14 . 4 से हराया. चौथे वरीय इस भारतीय पहलवान ने टिगरेरोस उरबानो के खिलाफ मुकाबले में लगातार विरोधी खिलाड़ी उसके दायें पैर पर हमला किया और पहले पीरियड में ‘टेक-डाउन’ से अंक गंवाने के बाद पूरे मुकाबले में दबदबा बनाए रखा.

    गत एशियाई चैंपियन दाहिया ने उस समय 13-2 से जीत दर्ज की जबकि मुकाबले में एक मिनट और 10 सेकेंड का समय और बचा था. भारतीय पहलवान ने दूसरे पीरियड में पांच टेक-डाउन से अंक जुटाते हुए अपनी तकनीकी मजबूती दिखाई.

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    अंशु मलिक को मिली हार
    वहीं 19 वर्ष की अंशु मलिक महिलाओं के 57 किलोवर्ग के पहले मुकाबले में यूरोपीय चैम्पियन बेलारूस की इरिना कुराचिकिना से 2-8 से हार गई. एशियाई चैम्पियन अंशु ने शानदार वापसी करते हुए 0-4 से पिछड़ने के बावजूद बेलारूस की प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ दो पुश आउट अंक लिये. उसने कुराचिकिना का दाहिना पैर पकड़ लिया लेकिन मूव पूरा नहीं कर सकी. जवाबी हमले पर उसने दो अंक गंवाये लेकिन लड़ती रही. यूरोपीय पहलवान का अनुभव आखिरकर उसके जोश पर भारी पड़ा.

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