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Role Model: राफेल नडाल ने 3 साल में रैकेट थामा, 8 साल में जीता पहला खिताब, अब कहलाते हैं क्ले कोर्ट किंग

राफेल नडाल ने अब तक 19 ग्रैंडस्लैम खिताब जीते हैं. (फाइल फोटो)
राफेल नडाल ने अब तक 19 ग्रैंडस्लैम खिताब जीते हैं. (फाइल फोटो)

स्पेन के टेनिस स्टार राफेल नडाल (Rafael Nadal) कोरोना वायरस (Coronavirus) से लड़ने के लिए साथियों संग फंड जुटा रहे है. उनका लक्ष्य कम से कम 88 करोड़ रुपए जुटाने का है.

  • News18India
  • Last Updated: April 17, 2020, 7:48 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोना वायरस ने खेलों की दुनिया में ब्रेक लगा दिया है. खिलाड़ी तब भी चुप नहीं बैठे हैं. टेनिस स्टार राफेल नडाल (Rafael Nadal) को ही लीजिए. यह खिलाड़ी कोरोना वायरस (Coronavirus) से लड़ने के लिए साथियों संग फंड जुटा रहा है. लक्ष्य कम से कम 88 करोड़ रुपए जुटाने का है. यह पहला मौका नहीं है, जब राफा (Rafa) लोगों के साथ खड़े हैं. उनकी वो तस्वीर खेलप्रेमी शायद ही भूले हों, जब स्पेन (Spain) में बाढ़ आने पर वे अपनी गाड़ी और सामान लेकर मदद के लिए वहां पहुंच गए थे, जहां राहत व बचाव कर्मी पानी हटा रहे थे. 19 ग्रैंडस्लैम विजेता यह खिलाड़ी शायद इसीलिए युवाओं का रोलमॉडल है. वे कहते हैं कि इस वक्त टेनिस प्राथमिकता नहीं है. कोरोना से लड़ना इस वक्त की पहली जरूरत है.

स्पेन के राफेल नडाल महान टेनिस खिलाड़ियों में से एक हैं. अगर कोरोना का कहर ना बरपा होता तो पूरी संभावना थी कि वे फ्रेंच ओपन जीतकर अपने ग्रैंडस्लैम खिताबों की संख्या 20 पहुंचा देते और रोजर फेडरर की बराबरी पर खड़े हो जाते. तीन साल की उम्र में रैकेट थामने वाला यह खिलाड़ी बेहद जिद्दी है. तभी तो दायां हाथ स्ट्रॉन्ग होने के बावजूद वह बाएं हाथ से खेलने लगा क्योंकि उसके कोच को लगता था कि इससे उसे फायदा होगा. नडाल का जीवन ऐसे ही बेहतरीन किस्सों से भरा है.

8 साल की उम्र में चैंपियन बने
राफेल नडाल के चाचा टोनी नडाल (Toni Nadal) जाने-माने फुटबॉलर थे, लेकिन वे भतीजे को टेनिस की दुनिया दिखाना चाहते थे. उन्होंने 3 साल की उम्र में ही राफेल को रैकेट थमा दिया. जब राफेल 8 साल के थे, तब उन्होंने अंडर-12 आयुवर्ग का खिताब जीत लिया.



12 साल की उम्र में असमंजस
राफेल लगातार टेनिस खेल रहे थे, लेकिन उन्हें फुटबॉल भी खूब पसंद था. ब्राजील के रोनाल्डो उनके पसंदीदा खिलाड़ी थे. 12 साल की उम्र तक नडाल टेनिस और फुटबॉल दोनों खेल रहे थे. उन्हें लगता था कि वे प्रोफेशनल लेवल पर फुटबॉल खेल सकते हैं. अब उन्हें दो में से एक चुनना था. खून में फुटबॉल था, लेकिन मांग टेनिस की थी. इस असमंजस में टेनिस ने ही बाजी मारी.

घर में रहने के लिए फेडरेशन का ऑफर ठुकराया
जब वे 12 साल के थे तब स्पेनिश टेनिस महासंघ ने उनसे अपना गृहनगर (मलोर्का) छोड़कर बार्सिलोना आने को कहा, ताकि बेहतर ट्रेनिंग दी जा सके. नडाल के पैरेंट्स को यह बात नहीं जमी. खासकर, उनके टोनी नडाल ने इसका विरोध किया. कहा कि बेहतर खिलाड़ी हर जगह पैदा हो सकते हैं, इसके लिए खास जगह जाने की जरूरत नहीं. यह गैरपेशेवर तरीका कहा जा सकता है, लेकिन नडाल ने इसे सही कर दिखाया. फुटबॉल में नडाल रियल मैड्रिड के प्रशंसक हैं.

15 साल की उम्र में पैट कैश को हराया
राफेल नडाल ने महज 15 साल की उम्र में विंबलडन चैंपियन पैट कैश को हरा दिया था. हालांकि, यह प्रदर्शनी मैच था. पैट तब तक संन्यास भी ले चुके थे. लेकिन वे लोअर सर्किट में लगातार खेल रहे थे. इसलिए उन्हें कमतर आंकना गलती होगी. नडाल ने 16 साल का होने से पहले अपना पहला एटीपी मैच जीत लिया था.

जीत से बड़े तीन लक्ष्य
कोच टोनी नडाल बताते हैं कि खेल को लेकर राफेल नडाल के तीन लक्ष्य हैं. पहला जोर से बॉल को मारना, दूसरा बॉल को वहां मारना जहां विरोधी ना हो और तीसरा विरोधी खिलाड़ी को दौड़ा-दौड़ाकर गिरा देना. टोनी कहते हैं अगर वह ग्रैंडस्लैम या ओलंपिक गोल्ड जीतने का लक्ष्य बनाता तो यह उसके हाथ में नहीं होता. इसके लिए कई और बातें महत्वपूर्ण हो जाती हैं. इसके बजाय नडाल ने तय किया कि सुधार करते रहना ही उनका लक्ष्य होगा.

प्रोफेशनल कोच पर ज्यादा भरोसा नहीं
आप अक्सर देखते होंगे कि बड़े खिलाड़ी या टीमों के साथ कोच भी दिग्गज होते हैं. लेकिन राफेल नडाल इससे उल्टा चलते हैं. उन्होंने 30 वर्ष की उम्र तक कोई प्रोफेशनल कोच नहीं रखा. नडाल के चाचा टोनी ही उनके कोच थे, जो खुद पूर्व फुटबॉलर थे. जब नडाल 30 साल के हो गए, तब जरूर उन्होंने कार्लोस मोया को कोच बनाया, जो उनके दोस्त भी हैं.

ट्रॉफी जीतने के बाद जश्न का खास तरीका
राफेल नडाल का फाइनल जीतने के बाद जीत का तरीका बिलकुल अलग है. वे हर ट्रॉफी को कोने से काटने की स्टाइल में चबाने की एक्टिंग करते हैं. जब उन्होंने 2004 में पहली बार फ्रेंच ओपन जीता तो कई लोग उनके इस अनोखे रूप को देखकर हैरान थे. नडाल 19 ग्रैंडस्लैम खिताब के साथ ओलंपिक गोल्ड (2008 व 2016) भी जीत चुके हैं. नडाल 12 बार फ्रेंच ओपन (French Open) जीत चुके हैं.

सिर्फ 3 खिलाड़ी ऐसे, जिनसे हारे ज्यादा, जीते कम
धरती पर सिर्फ तीन खिलाड़ी ऐसे हैं, जो नडाल के खिलाफ हारने से ज्यादा जीते हैं. डोमिनिक हेर्बेटी जिन्होंने 2005 में संन्यास ले लिया उनका राफा के खिलाफ 3-1 का रिकॉर्ड है. इसी तरह निकोले डेविडेन्को के खिलाफ 6-5 और नोवाक जोकोविच 28-26 के रिकॉर्ड के साथ बेहतर स्थिति में हैं. स्विस किंग रोजर फेडरर के खिलाफ नडाल का जीत-हार का रिकॉर्ड 24-16 का है.

अंधविश्वासी भी हैं नडाल
राफेल नडाल थोड़े अंधविश्वासी भी हैं. उनका यह रूप खेलते वक्त देखा जा सकता है. उनका अंधविश्वास पानी की बोतल से जुड़ा है. वे खेल के वक्त जितने भी ब्रेक होते हैं, उस दौरान पानी पीने के बाद बोतल को अपनी दाईं ओर जमाते रहते हैं.

क्ले कोर्ट के किंग हैं राफा
राफेल नडाल वैसे तो 19 ग्रैंडस्लैम खिताब के साथ दुनिया के दूसरे सबसे कामयाब पुरुष खिलाड़ी हैं, लेकिन किंग का खिताब उन्हें क्ले कोर्ट (Clay Court King) के लिए मिला है. नडाल के पास 12 फ्रेंच ओपन, 11 मोंटे कार्लो मास्टर्स, और 11 बार्सिलोना खिताब हैं. ये तीनों टूर्नामेंट क्ले कोर्ट पर होते हैं.

शकीरा के एलबम में भी आए
राफेल नडाल पॉप स्टार शकीरा के एलबम जिप्सी में आ चुके हैं. शकीरा और नडाल अच्छे दोस्त भी हैं. शकीरा फुटबॉलर गेरार्ड पिक की पत्नी हैं. राफेल नडाल के नाम पर एक क्षुद्रग्रह है. इसे मलोर्का के ऑब्जर्वेटेरियो एस्ट्रोनोमिको डे मल्लोर्का ने खोजा है.

2019 में की शादी
राफेल नडाल ने 14 साल तक गर्लफ्रेंड रही मारिया फ्रांसिस्का पेरेलो (María Francisca Perelló) से 2019 में शादी की. वे 2005 से ही साथ थे. नडाल के परिवार में मां, पिता और बहन इसाबेल हैं. उनके पिता बिजनेसमैन हैं.

टोनी ने इसलिए बनाया लेफ्टहैंडर
राफेल नडाल स्वाभाविक रूप से राइट हैंडर थे. उनका दायां हाथ से लगाया स्ट्रोक ही ज्यादा ताकतवर होता था. लेकिन चाचा व कोच टोनी ने देखा कि नडाल बाएं हाथ से भी ताकतवर फोरहैंड लगाते हैं. इसके बाद टोनी उन्हें शुरू में दोनों हाथों से प्रैक्टिस करवाने लगे और फिर सिर्फ बाएं हाथ से खेलने को कहा. टोनी चाहते थे कि नडाल को लेफ्टहैंडर होने का फायदा कोर्ट पर मिले.

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