याद है वर्ल्ड कप-2011 का सेमीफाइनल? सचिन के दम पर भारत ने पाक को चटाई थी धूल

भारतीय टीम ने 1983 के बाद वर्ल्ड कप जीता था, जिसकी खुशी क्रिकेटरों को ही नहीं बल्कि करोड़ों भारतीय फैंस को भी थी. (File Photo)

भारतीय टीम ने 1983 के बाद वर्ल्ड कप जीता था, जिसकी खुशी क्रिकेटरों को ही नहीं बल्कि करोड़ों भारतीय फैंस को भी थी. (File Photo)

30 मार्च 2011 को खेले गए वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में भारतीय टीम ने पहले दिग्गज सचिन तेंडुलकर की शानदार पारी के दम पर 9 विकेट पर 260 रन बनाए और फिर पाकिस्तान को 231 रन पर ऑलआउट कर दिया. इसी साल टीम इंडिया वर्ल्ड कप चैंपियन बनी थी.

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  • Last Updated: March 30, 2021, 2:28 PM IST
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नई दिल्ली. साल 2011, तारीख 30 मार्च, जगह - मोहाली, आमने-सामने थे भारत और पाकिस्तान.. कुछ क्रिकेट फैंस तो समझ गए होंगे कि आखिर किस मुकाबले की बात हो रही है. आईसीसी वर्ल्ड कप 2011 का सेमीफाइनल 30 मार्च 2011 को ही खेला गया था, जब भारत ने पाकिस्तान को हराकर फाइनल में जगह पक्की की थी. भारतीय टीम ने पहले दिग्गज सचिन तेंडुलकर (Sachin Tendulkar) की शानदार पारी के दम पर 9 विकेट पर 260 रन बनाए लेकिन पाकिस्तान को 231 रन पर ऑलआउट कर दिया.

मोहाली के आईएस बिंद्रा स्टेडियम में भारतीय टीम ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी का फैसला किया. वीरेंद्र सहवाग (38) ज्यादा कुछ नहीं कर सके और पहला विकेट 48 के स्कोर पर गिरा. फिर गौतम गंभीर (27) और सचिन ने पारी को आगे बढ़ाया, दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 68 रन जोड़े. फिर वहाब रियाज ने विराट कोहली (9) को पवेलियन की राह दिखा दी और युवराज सिंह को खाता तक नहीं खोलने दिया. सचिन हालांकि अपनी पारी को आगे बढ़ाते रहे.

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सचिन ने महेंद्र सिंह धोनी (25) के साथ भी 46 रन जोड़े और 85 रन बनाकर पांचवें विकेट के तौर पर आउट हुए. उन्होंने 115 गेंदों पर 11 चौकों की मदद से 85 रन बनाए. सुरेश रैना 36 रन बनाकर नाबाद लौटे. पाकिस्तान के पेसर वहाब रियाज ने 46 रन देकर सबसे ज्यादा पांच विकेट लिए. भारत ने पाकिस्तान को फाइनल में पहुंचने के लिए 261 रन का टारगेट दिया.
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लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तानी टीम के विकेट नियमित अंतराल पर गिरते रहे. मिसबाह-उल-हक ने 56 रन की पारी खेली और मोहम्मद हफीज ने 46 रन का योगदा दिया. चार बल्लेबाज तो दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके और 49.5 ओवर में 231 रन पर पूरी टीम ऑलआउट हो गई. सचिन को उनकी शानदार पारी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया. भारत के लिए जहीर खान, आशीष नेहरा, मुनाफ पटेल, हरभजन सिंह और युवराज सिंह ने 2-2 विकेट लिए. उसी साल भारत ने धोनी की कप्तानी में वर्ल्ड कप चैंपियन बनने का गौरव भी हासिल किया.
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