अजिंक्य रहाणे का बड़ा बयान, कहा-बात सीनियर-जूनियर की नहीं है, ऋषभ पंत स्वीकार करें कि वो...

अजिंक्य रहाणे का बड़ा बयान, कहा-बात सीनियर-जूनियर की नहीं है, ऋषभ पंत स्वीकार करें कि वो...
अजिंक्य रहाणे ने न्यूजीलैंड एकादश के खिलाफ अभ्यास मैच में अच्छा प्रदर्शन किया था. (फाइल फोटो)

भारत और न्यूजीलैंड (India vs New Zealand) के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 21 फरवरी से वेलिंगटन (Wellington) में खेला जाएगा.

  • भाषा
  • Last Updated: February 20, 2020, 12:46 PM IST
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वेलिंगटन. टी20 और वनडे सीरीज के बाद अब भारत और न्यूजीलैंड (India vs New Zealand) की टीमें दो मैचों की टेस्ट सीरीज में आमने-सामने होंगी. पहला मैच शुक्रवार 21 फरवरी से वेलिंगटन में खेला जाएगा. हालांकि ऋषभ पंत (Rishabh Pant) सीमित ओवर प्रारूप में टीम इंडिया के ल‌िए एक भी मैच नहीं खेले, लेकिन टेस्ट सीरीज से पहले भी चर्चा उन्हीं के नाम की हो रही है. इस बार भारतीय टेस्ट टीम के उपकप्तान अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) ने उन्हें लेकर बड़ा बयान दिया है. रहाणे ने कहा है कि ऋषभ पंत को स्वीकार करना होगा कि वह खराब दौर से गुजर रहे हैं और उन्हें बतौर क्रिकेटर बेहतर होने पर फोकस जारी रखना होगा.




किसी को भी बाहर बैठना अच्छा नहीं लगता



अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) ने न्यूजीलैंड (New Zealand) के खिलाफ पहले टेस्ट से पूर्व ऋषभ पंत (Rishabh Pant) को लेकर कहा, ‘यह स्वीकार करना जरूरी है कि आप कहां खड़े हैं. सकारात्मक रहकर ज्यादा से ज्यादा सीखने की जरूरत है. बात सीनियर या जूनियर की नहीं है.’ किसी को भी बाहर बैठना अच्छा नहीं लगता लेकिन यह स्वीकार करना होगा कि टीम को उस दिन क्या जरूरत है. हर खिलाड़ी के लिए स्थिति को स्वीकार करना अहम है. जो हम नियंत्रण में रख सकते हैं, उसी पर फोकस रखना होगा. बतौर क्रिकेटर मेहनत करते रहना होगा.’ 22 वर्ष के पंत पांच महीने पहले तक सभी प्रारूपों में विकेटकीपर के तौर पर भारत की पहली पसंद थे. मगर उन्होंने सीमित ओवरों के प्रारूप में केएल राहुल को जगह गंवा दी जबकि टेस्ट में ऋद्िधमान साहा विकेटकीपर हैं.



रहाणे बोले-न्यूजीलैंड का पलड़ा भारी होगा
वेलिंगटन टेस्ट से पहले अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) ने साथ ही कहा कि घरेलू हालात में न्यूजीलैंड का पलड़ा भारी होगा. उन्हें पता है कि कैसी गेंद डालनी है और बल्लेबाजों को पता है कि कौन से शाॅट खेलने हैं. एक ईकाई के रूप में हमें हालात के अनुरूप तेजी से ढलना होगा. न्यूजीलैंड के हर मैदान का आकार अलग है.’ भारत ने 2014 में लाॅडर्स पर और 2018 में एडीलेड पर पहली पारी में 300 से कम स्कोर बनाकर जीत दर्ज की और रहाणे के अनुसार वेलिंगटन में भी ऐसा हो सकता है. उन्होंने कहा, ‘पहले बल्लेबाजी करते हुए आपकी मनोदशा एकदम सकारात्मक होती है. ऐसा नहीं है कि पहले गेंदबाजी करने पर ऐसा नहीं होता. भारत के बाहर पहली पारी में 320 या 330 का स्कोर अच्छा कहा जाएगा.’




पता होना चाहिए कि हालात का सामना कैसे करना है
अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) के अनुसार, 'हमने इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में जितने मैच जीते, पहली पारी में 320 या 350 के करीब रन बनाए थे. हमें पता है कि हमारे गेंदबाज हर हालात में विकेट ले सकते हैं लेकिन टाॅस हारने पर पहले बल्लेबाजी करनी पड़े तो पता होना चाहिए कि हालात का सामना कैसे करना है. सीम लेती पिचों पर सही मानसिकता के साथ उतरना जरूरी है. गेंदबाजों पर भी सपाट पिचों पर गेंदबाजी करते समय यही बात लागू होती है. उन्हें सपाट पिचों पर 20 विकेट लेने का भरोसा होना चाहिए.

दो दिन के बाद बल्लेबाजी के लिए अच्छी हो जाएगी पिच
पिछले कुछ समय से शानदार फॉर्म में चल रहे टीम के उपकप्तान अजिंक्य रहाणे ने कहा कि पिच के भीतर की नमी के कारण गेंद को कुछ टर्न मिलेगा. शायद हर दिन पहले सत्र में गेंद टर्न ले. न्यूजीलैंड में पिचें आम तौर पर दो दिन के बाद बल्लेबाजी के लिए अच्छी होती है. ऐसे में स्पिनरों की भूमिका अहम होगी क्योंकि रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा दोनों विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं.




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