WTC final: क्या अजिंक्य रहाणे टीम इंडिया की Playing 11 में रहने के हकदार हैं?

WTC Final: क्या अजिंक्य रहाणे प्लेइंग इलेवन में रहने के हकदार हैं?

WTC Final: क्या अजिंक्य रहाणे प्लेइंग इलेवन में रहने के हकदार हैं?

टीम इंडिया के उपकप्तान अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) की फॉर्म और इंग्लैंड में उनका बेहद खराब रिकॉर्ड विराट एंड कंपनी के लिए बड़ी समस्या का विषय है. सवाल ये है कि क्या रहाणे की प्लेइंग इलेवन में जगह बनती है?

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नई दिल्ली. विदेशी सरजमीं की पिच पर बाउंस हो, गेंद स्विंग हो रही हो और दूसरे बल्लेबाजों को क्रीज पर टिकने में दिक्कत आ रही हो तो टीम इंडिया का एक ही बल्लेबाज है जो टीम की नैया पार लगाता है. वो हैं टीम इंडिया के उपकप्तान अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane). अजिंक्य रहाणे भारत के इकलौते बल्लेबाज हैं जिनका बल्ला घरेलू पिचों से ज्यादा विदेश में रन उगलता है. अजिंक्य रहाणे का भारत में टेस्ट औसत 36.47 है जबकि विदेश में वो 44.44 की औसत से रन बनाते हैं. रहाणे ने घर पर चार शतक लगाए हैं तो वहीं विदेश में उन्होंने 8 शतक ठोके हैं. रहाणे के ये आंकड़े बेहद खास हैं लेकिन आपको बता दें ये बल्लेबाज अब भारतीय टीम के लिए चिंता का विषय बन गया है.

दरअसल अजिंक्य रहाणे टेस्ट क्रिकेट में बेहद ही खराब फॉर्म में चल रहे हैं. साल 2021 में तो रहाणे का बुरा हाल है. ऐसे में सवाल ये है कि क्या वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में अजिंक्य रहाणे को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जाना चाहिए? भले ही रहाणे टीम के उपकप्तान हैं लेकिन क्या टीम इंडिया पेशेवर रुख अख्तियार कर किसी अच्छी फॉर्म में चल रहे बल्लेबाज को रहाणे की जगह मौका देगी?

अजिंक्य रहाणे का साल 2021 में खराब प्रदर्शन

अजिंक्य रहाणे ने साल 2021 में बेहद ही खराब प्रदर्शन किया है. 10 पारियों में रहाणे ने महज 199 रन बनाए हैं. रहाणे का औसत 19.90 है. उनके बल्ले से सिर्फ एक अर्धशतक निकला है. बड़ी बात ये है कि रहाणे ने 10 में से 8 पारियों में 30 से भी कम रन बनाए हैं. 4 पारियों में तो वो दहाई के आंकड़े तक नहीं पहुंचे.
इंग्लैंड भी खराब रिकॉर्ड

अब टीम इंडिया को 18 जून को आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में न्यूजीलैंड से भिड़ना है. ये मुकाबला इंग्लैंड के साउथैंप्टन में खेला जाना है. इंग्लैंड में तो रहाणे का प्रदर्शन और भी खराब है. रहाणे ने इंग्लैंड में खेली 20 पारियों में महज 29.26 की औसत से 556 रन बनाए हैं. इस दौरान वो दो बार शून्य पर भी आउट हुए हैं.

यहां चिंता की बात ये है कि रहाणे ने इंग्लैंड में खेली पिछली 10 पारियों में और खराब प्रदर्शन किया है. रहाणे ने 25.70 की औसत से 257 रन बनाए हैं, जिसमें से 7 पारियों में वो 30 से कम रन बनाकर आउट हुए हैं. ये आंकड़े साफतौर पर साबित करते हैं कि इंग्लैंड में होने वाली स्विंग गेंदें रहाणे को काफी तंग करती हैं.



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क्या रहाणे की प्लेइंग इलेवन में जगह बनती है?

इंग्लैंड में रहाणे के रिकॉर्ड और हालिया फॉर्म को देखा जाए तो रहाणे टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन में रहने के हकदार नहीं है. लेकिन ये भी सच है कि इंग्लैंड जैसी मुश्किल परिस्थिति में आप किसी अनुभवी बल्लेबाज पर ही दांव लगाते हो. रहाणे ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी मेलबर्न टेस्ट में 112 रन बनाकर टीम इंडिया को जीत दिलाई थी. विराट कोहली भी रहाणे के समर्थन में खड़े दिखते हैं. अब देखना ये है कि टीम इंडिया किस प्लेइंग इलेवन के साथ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में उतरती है.

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