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Ajit Wadekar Birthday: मैदान पर गए पानी पिलाने, इंजीनियर से बन गए क्रिकेटर

सचिन तेंदुलकर को एक कार्यक्रम में सम्मानित करते हुए अजित वाडेकर. (फोटो-AFP)

सचिन तेंदुलकर को एक कार्यक्रम में सम्मानित करते हुए अजित वाडेकर. (फोटो-AFP)

Ajit Wadekar BirthDay: भारतीय क्रिकेट जगत में जब भी बेहतरीन कप्तान की बात आती है तो अजित वाडेकर (Ajit Wadekar) का नाम ज ...अधिक पढ़ें

नई दिल्ली. क्रिकेट जगत में जब भी बेहतरीन कप्तानों की बात आती है तो अजित वाडेकर (Ajit Wadekar) का नाम जरूर आता है. विदेशी धरती पर भारत को पहली टेस्ट सीरीज जिताने वाले कप्तान वाडेकर का जन्म 1941 में आज ही के दिन हुआ था. उनका जन्म मुंबई में हुआ था. अजित वाडेकर बेहतरीन ‘स्लिप फिल्डर’, आक्रामक बल्लेबाज, शानदार कप्तान और भारतीय टीम के एक सफल कोच रहे हैं. दिलचस्प बात यह है कि उनके क्रिकेट करियर की शुरुआत एक बस के सफर से हुई थी.

सिर्फ 3 रुपये के चक्कर में बन गए क्रिकेटर
एक बार वाडेकर पूर्व भारतीय क्रिकेटर बालू गुप्ते के साथ बस में एलिफिंस्टोन कॉलेज जा रहे थे. बालू गुप्ते उनके ही कॉलेज में दो साल सीनियर थे. गुप्ते आर्ट्स में थे और जबकि वाडेकर विज्ञान के छात्र थे. वाडेकर इंजीनियर बनना चाहते थे. बालू और वाडेकर एक ही बस से कॉलेज जाते थे. एक दिन बालू गुप्ते से उनसे पूछा, “अजीत क्या तुम हमारी कॉलेज क्रिकेट टीम के 12वें खिलाड़ी बनोगे?’ उनकी प्लेइंग 11 बेहतरीन थी, लेकिन उनके पास मैदान पर पानी ले जाने वाला खिलाड़ी नहीं था.” वाडेकर ने अपनी क्रिकेटर बनने की कहानी सुनाते हुए कहा कि इसके लिए उन्हें एक दिन के लिए 3 रुपये का ऑफर मिला. 1957 में तीन रुपये की कीमत बहुत होती थी, यहीं से उन्होंने क्रिकेट की दुनिया में कदम रखा.

सुनील गावस्कर के अंकल माधव मंत्री से मिलने के बाद बदली किस्मत
वाडेकर ने इसके बाद कॉलेज में क्रिकेट खेलना शुरू किया. वहां उनकी मुलाकात सुनील गावस्कर के अंकल माधव मंत्री से हुई. पढ़ाई के चलते वह काफी देरी से अभ्यास के लिए मैदान पर पहुंचते थे. एक दिन माधव मंत्री ने वाडेकर को नेट पर बल्लेबाजी करने के लिए कहा. इसके बाद माधव मंत्री ने कॉलेज टीम के कप्तान को कहा कि वाडेकर टीम में नियमित रूप से खेलते रहेंगे. इसके बाद वाडेकर ने पीछे मुड़कर नहीं देखा.

अजित वाडेकर का इंटरनेशनल करियर
एक समय विदेशों में भारतीय टीम की जीत असंभव मानी जाती थी. वाडेकर ने ही भारतीय टीम को विदेशी धरती पर जीत का स्वाद चखाया. उन्होंने इंग्लैंड और वेस्टइंडीज की धरती पर भारत को यादगार जीत दिलाई है. उन्होंने 37 टेस्ट मैच खेले, जिनमें 31.07 की औसत से 2113 रन बनाए. उन्होंने एकमात्र शतक 1967-68 में न्यूजीलैंड के विरुद्ध लगाया था. वाडेकर चार बार 90 या अधिक रन बनाकर आउट हुए, लेकिन शतक पूरा नहीं कर सके थे. वह भारतीय वनडे क्रिकेट टीम के पहले कप्तान थे. उन्होंने हालांकि दो मैच ही खेले. वाडेकर 1990 के दशक में मोहम्मद अजहरुद्दीन की कप्तानी के दौरान भारतीय टीम के मैनेजर भी रहे थे. वह बाद में चयन समिति के अध्यक्ष भी रहे.

घरेलू क्रिकेट के बेताज बादशाह रहे वाडेकर
वाडेकर ने 237 फर्स्ट क्लास मैचों में 47 की औसत से 15380 रन बनाए हैं. उन्होंने 1966-67 के रणजी ट्रॉफी मैच में 323 का सर्वश्रेष्ठ स्कोर मैसूर के विरुद्ध बनाया था. वाडेकर ने कुल 18 दलीप ट्रॉफी मैच खेले. वह छह बार वेस्ट जोन के कप्तान भी रहे. उन्होंने छह बार बॉम्बे टीम की कप्तानी भी की. वाडेकर ने इंग्लैंड के 1967 के दौरे पर काउंटी मैचों में 835 रन बनाए. उनके नाम फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 36 शतक और 84 अर्धशतक दर्ज है. उनका निधन 15 अगस्त 2018 को मुंबई में ही हुआ.

Tags: BCCI, Indian Cricket Team, On This Day, Sunil gavaskar, Team india

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