एलिस्‍टर कुक: क्रिकेट की दुनिया से विदा हुआ इंग्‍लैंड का सबसे बड़ा बल्‍लेबाज़

एलिस्‍टर कुक की विदाई से साथ वैसे तो पूरा क्रिकेट वर्ल्‍ड सरोकार रखता है, लेकिन इंग्‍लैंड और भारत के लिए यह बेहद खास है.

Ajay Raj | News18Hindi
Updated: September 11, 2018, 7:34 AM IST
एलिस्‍टर कुक: क्रिकेट की दुनिया से विदा हुआ इंग्‍लैंड का सबसे बड़ा बल्‍लेबाज़
एलिस्‍टर कुक
Ajay Raj | News18Hindi
Updated: September 11, 2018, 7:34 AM IST
यह अजीब संयोग ही है कि इंग्‍लैंड के सबसे बड़े बल्‍लेबाज़ एलिस्‍टर कुक को उनकी आखिरी टेस्‍ट पारी में अपना पहला टेस्‍ट खेल रहे भारत के युवा खिलाड़ी हनुमा विहारी ने आउट किया. हालांकि ओवल टेस्‍ट दोनों टीमों की हार-जीत के बजाए हमेशा एलिस्‍टर कुक की यादगार विदाई के लिए जाना जाएगा.

जैसे ही कुक 286 गेंदों पर 14 चौकों की मदद से 147 रन के स्‍कोर पर विकेटकीपर रिषभ पंत द्वारा विकेट के पीछे कैच किए गये वैसे ही पूरा स्‍टेडियम उनको सलामी देने के लिए खड़ा हो गया. वो चाहे उनके साथी खिलाड़ी हों, ओवल मैदान पर क्रिकेट का मजा ले रहे दर्शक हों, अंपायर या फिर पूरी टीम इंडिया. सच कहा जाए तो ना सिर्फ इंग्लिश क्रिकेट बल्कि वर्ल्‍ड क्रिकेट के लिए भी यह भावुक लम्‍हा था. आखिर क्रिकेट के एक महान युग का अंत जो गया.

एलिस्‍टर कुक की विदाई के साथ वैसे तो पूरा क्रिकेट वर्ल्‍ड सरोकार रखता है, लेकिन इंग्‍लैंड और भारत के लिए यह बेहद खास है. आखिर 21 साल के युवा ने जब नागपुर के विदर्भ सी.ए. ग्राउंड पर मार्च 2006 में कदम रखा तो यह तो सबको पता था कि यह युवा प्रतिभावान है, लेकिन इस बात का किसी को अंदाजा नहीं होगा कि एक दिन यह इकहरे शरीर वाला युवा वर्ल्‍ड क्रिकेट के चुनिंदा सितारों में शामिल हो जाएगा.

मजेदार बात है कि कुक का इंटरनेशनल क्रिकेट सफर भारत के खिलाफ शुरू हुआ और इसी अंदाज में उसका समापन हुआ है. अगर कुक के नजरिए से देखें तो उन्‍होंने अपने डेब्‍यू टेस्‍ट में शतक ठोककर शानदार आगाज किया था जबकि समापन तो और भी धमाकेदार रहा. आखिर अपने डेब्‍यू और फाइनल टेस्‍ट मैच में शतक लगाने का श्रेय कुछेक बल्‍लेबाजों को ही हासिल है.



नागपुर से ओवल तक...
नागपुर (पहली पारी में 60 और दूसरी पारी में नाबाद 104 रन) से क्रिकेट सफर शुरू करने वाले कुक ने 161 मैचों की 291 पारियों में बल्‍लेबाज़ी करते हुए 45.35 के औसत से 12472 रन बनाए, जिसमें 33 शतक (सर्वोच्‍च-294) और 57 अर्धशतक शामिल हैं. मजेदार बात ये है कि उन्‍होंने बतौर ओपनर 31 शतक ठोके हैं. हालांकि रिकॉर्ड लिटिल मास्‍टर सुनील गावस्‍कर (33) के नाम है. भारत उनकी फेवरेट टीम रही है,जिसके खिलाफ 30 टेस्‍ट मैचों में 7 शतक की मदद से 2431 रन ठोके.
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इंग्‍लैंड टीम की कुक ने रिकॉर्ड 59 टेस्‍ट में कप्‍तानी की है. इस दौरान 24 टेस्‍ट में जीत मिली तो 22 में हार हुई. वहीं 13 मैच ड्रॉ रहे. एलिस्‍टर कुक इंग्‍लैंड के ऐसे इकलौते कप्‍तान हैं जिन्‍होंने भारत (2012) और साउथ अफ्रीका (2015-16) में टेस्‍ट सीरीज जीती है.

जबकि 92 वनडे मैचों में पांच शतक की मदद से 3204 रन, तो चार टी20 इंटरनेशनल मैचों में उनके नाम 61 रन दर्ज हैं. उन्‍होंने अपना आखिरी वनडे दिसंबर 2014 और टी20 नवंबर 2009 में खेला था. टेस्‍ट क्रिकेट में तो निर्विवाद रूप से वह इंग्‍लैंड के सबसे बड़े बल्‍लेबाज़ रहे, लेकिन सीमित ओवर क्रिकेट में उनका वैसा रूतबा नहीं रहा और इसी वजह से उन्‍हें उतार-चढाव झेलने पड़े.

ओवल पर थमा सफर..
लंदन का द ओवल मैदान अपनी खूबसूरती के अलावा अपने उत्‍साही क्रिकेट प्रशंसकों की वजह से क्रिकेट वर्ल्‍ड में अहम पहचान रखता है. यही वजह है कि यहां दुनिया के कई दिग्‍गज क्रिकेटरों ने अपने क्रिकेट करियर को अलविदा कहा है. हालांकि एक वजह यह भी है कि अक्‍सर टीमें इंग्‍लैंड के लंबे दौरे का ओवल में आखिरी मैच खेलती हैं और हार-जीत के आंकड़े उन्‍हें ( खिलाड़ी) क्रिकेट को अलविदा कहने के लिए मजबूर कर देते हैं.



बहरहाल, इस मैदान पर क्रिकेट को अलविदा कहने वाले पहले बड़े बल्‍लेबाज़ थे ऑस्‍ट्रेलिया के डॉन ब्रैडमैन, जिन्‍हें हर कोई सर्वकालिक महान बल्‍लेबाज़ मानता है. उन्‍होंने 1948 में इसी मैदान पर क्रिकेट को अ‍लविदा कहा था. इसके बाद यहां 1991 में वेस्‍टइंडीज के विवियन रिचर्ड्स, जेफ डुजोन और मैल्‍कम मार्शल ने रिटायर किया. 2000 में कर्टली एम्‍ब्रोस, 2001 में माइक आर्थटन, 2003 में एलेक स्‍टीवर्ट और 2009 में एंड्रयू फ्लिंटॉफ ने यहां क्रिकेट को अलविदा कहा. कुक से पहले इस मैदान पर रिटायर होने वाले आखिरी बड़े खिलाड़ी माइकल क्‍लार्क थे, जिन्‍होंने 2015 में एशेज सीरीज में हार के बाद क्रिकेट को अलविदा कह दिया था.

कुक ने ओवल मैदान पर 13 टेस्‍ट में 50.70 के औसत से 1217 रन बनाए हैं, जिसमें तीन शतक और सात अर्धशतक शामिल हैं. वह इस मैदान पर एल. हटन (1521) के बाद सबसे कामयाब बल्‍लेबाज़ हैं.

ये हैं खास खिलाड़ी
कुक अपने पहले और फाइनल टेस्‍ट में शतक लगाने वाले दुनिया के सिर्फ पांचवें बल्‍लेबाज़ हैं. इससे पहले ऑस्‍ट्रेलिया के रिगी डुफ, बिल पोंसफोर्ड, ग्रेग चैपल और भारत के मोहम्‍मद अजहरुद्दीन ऐसा कारनामा किया था. हालांकि मैच फिक्सिंग के कारण अजहर का करियर असमय खत्म हो गया था, लिहाजा 99वां टेस्‍ट उनका आखिरी टेस्‍ट साबित हुआ. खैर, कुक ने डेब्‍यू टेस्‍ट में 104 रन की नाबाद पारी खेली थी. जबकि ओवल में वह 147 रन बनाकर आउट हुए. अन्‍य बल्‍लेबाजों की बात करें तो डुफ, पोंसफोर्ड और चैपल ने अपने पहले और फाइनल टेस्‍ट में क्रमश: 104 व 146, 110 व 266 और 108 व 182 रन का स्‍कोर बनाया था. जबकि अजहरुद्दीन ने 110 और 102 रन की पारियां खेली थीं.

बात 'कुक्‍स एशेज' की
वैसे तो कुक के रहते हुए इंग्‍लैंड ने चार एशेज सीरीज जीती हैं, लेकिन 2010-11 की सीरीज खासी यादगार रही. इंग्‍लैंड की 3-1 की जीत में उन्‍होंने 127.66 के औसत से 766 रन ( तीन शतक, सर्वोच्‍च-235 नाबाद) बनाए थे, लिहाजा इस सीरीज को 'कुक्‍स एशेज' भी कहा जाता है. वैसे दो बार कुक की कप्‍तानी में इंग्‍लैंड को एशेज सीरीज में जीत मिली है.



क्‍या ये रिकॉर्ड टूटेंगे?
ओवल टेस्‍ट में एलिस्‍टर कुक ने इंग्‍लैंड की दूसरी और अपनी फाइनल पारी में शतक बनाने के दौरान एक ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम किया, जिसका टूटना नामुमकिन है. वह टेस्‍ट क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बाएं हाथ के बल्‍लेबाज़ बन गए हैं. कुक के नाम 12472 रन दर्ज हैं, जो कि बाएं हाथ के बल्‍लेबाज़ का वर्ल्‍ड रिकॉर्ड है. इससे पहले यह रिकॉर्ड श्रीलंका के कुमार संगाकारा के नाम था, जिन्होंने 134 टेस्‍ट में 38 शतक की मदद से 12400 रन बनाए थे. जबकि ब्रायन लारा (11953), शिवनारायण चंद्रपॉल (11867) और ऐलन बॉर्डर (11174) रन अन्‍य बाएं हाथ के धाकड़ बल्‍लेबाज़ रहे हैं. हालांकि सबसे अधिक टेस्‍ट रन बनाने का रिकॉर्ड दाएं हाथ के बल्‍लेबाज़ सचिन के नाम है, जिन्‍होंने 200 टेस्‍ट में 15921 रन 51 शतक की सहायता से बनाए हैं.

इसके अलावा एलिस्‍टर कुक ने लगातार 159 टेस्‍ट खेले हैं, जो कि वर्ल्‍ड रिकॉर्ड है. इससे पहले यह रिकॉर्ड ऑस्‍ट्रेलिया के ऐलन बॉर्डर के नाम था. उन्‍होंने लगातार 153 टेस्‍ट खेले थे. आपको बता दें कि कुक ने अपने पहले दो टेस्‍ट के बाद मार्च 2006 में पेट की परेशानी की वजह से मुंबई टेस्‍ट नहीं खेला था.
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