Wasim Jaffer Controversy: वसीफ जाफर को मिला अनिल कुंबले का साथ, पूर्व कप्तान बोले-अच्छा किया

वसीम जाफर ने दिया उत्तराखंड के हेड कोच पद से इस्तीफा दे दिया है (साभार-वसीम जाफर इंस्टाग्राम)

वसीम जाफर ने दिया उत्तराखंड के हेड कोच पद से इस्तीफा दे दिया है (साभार-वसीम जाफर इंस्टाग्राम)

Uttarakhand Cricket controversy Wasim Jaffer: उत्तराखंड के कोच के पद से इस्तीफा देने वाले वसीफ जाफर पर मजहब के आधार पर चयन का आरोप लगा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 11, 2021, 4:21 PM IST
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नई दिल्ली. उत्तराखंड क्रिकेट संघ से मतभेदों के कारण कोच के पद से इस्तीफा देने वाले भारत के पूर्व क्रिकेटर वसीम जाफर (Wasim Jaffer) को अनिल कुंबले (Anil Kumble) का साथ मिला है. जाफर पर मजहब के आधार पर चयन का आरोप लगा है. जाफर ने अपने ऊपर लगे आरोपों को बेतुका बताया है. वहीं भारत के पूर्व कप्तान कुंबले ने जाफर के इस्तीफे पर उनके समर्थन में ट्वीट किया है. कुंबले ने ट्वीट किया, 'आपके साथ हूं वसीम. आपने सही किया. दुर्भाग्यशाली खिलाड़ी हैं जिन्हें आपके मेंटर नहीं होने की कमी खलेगी.'

इससे पहले उत्तराखंड क्रिकेट संघ के सचिव माहिम वर्मा ने कहा था कि जाफर ने मजहब के आधार पर चयन करने की कोशिश की. भारत के लिए 31 टेस्ट खेल चुके जाफर ने कहा कि टीम में मुस्लिम खिलाड़ियों को तरजीह देने के उत्तराखंड क्रिकेट संघ के सचिव माहिम वर्मा के आरोपों से उन्हें काफी तकलीफ पहुंची है. जाफर ने चयन में दखल और चयनकर्ताओं और संघ के सचिव के पक्षपातपूर्ण रवैये को लेकर मंगलवार को इस्तीफा दे दिया था.

जाफर ने वर्चुअल प्रेस कांफ्रेंस में कहा, 'जो कम्युनल एंगल लगाया, वह बहुत दुखद है. उन्होंने आरोप लगाया कि मैं इकबाल अब्दुल्ला का समर्थन करता हूं और उसे कप्तान बनाना चाहता था जो सरासर गलत है.’’ उन्होंने कहा, 'मैं जय बिस्टा को कप्तान बनाने वाला था लेकिन रिजवान शमशाद और अन्य चयनकर्ताओं ने मुझे सुझाव दिया कि इकबाल को कप्तान बनाये. वह सीनियर खिलाड़ी है, आईपीएल खेल चुका है और उम्र में भी बड़ा है. मैंने उनका सुझाव मान लिया.'

मौलवियों को मैंने नहीं बुलाया-जाफर
रणजी ट्रॉफी में सर्वाधिक रन बना चुके जाफर ने इन आरोपों को भी खारिज किया कि टीम के अभ्यास सत्र में वह मौलवियों को लेकर आये थे. उन्होंने कहा, 'माहिम वर्मा कहा कि बायो बबल में मौलवी आये और हमने नमाज पढ़ी. मैं आपको बताना चाहता हूं कि मौलवी, मौलाना जो भी देहरादून में शिविर के दौरान दो या तीन जुमे को आये, उन्हें मैने नहीं बुलाया था.' जाफर ने कहा, 'इकबाल अब्दुल्ला ने मेरी और मैनेजर की अनुमति जुमे की नमाज के लिये मांगी थी. हम रोज कमरे में ही नमाज पढ़ते थे लेकिन जुमे की नमाज मिलकर पढ़ते थे तो लगा कि कोई इसके लिये आयेगा तो अच्छा रहेगा. हमने नेट अभ्यास के बाद पांच मिनट ड्रेसिंग रूम में नमाज पढ़ी. यदि यह सांप्रदायिक है तो मैं नमाज के वक्त के हिसाब से अभ्यास का समय बदल सकता था लेकिन मैं ऐसा नहीं हूं.'

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जाफर को जून 2020 में उत्तराखंड का कोच बनाया गया था. उन्होंने एक साल का करार किया था. जाफर के नेतृत्व में उत्तराखंड की टीम सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में पांच में से एक ही मैच जीत सकी.
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