डॉक्टर की पढ़ाई करने जर्मनी गई थी भारत की अनुराधा, जानें कैसे बन गईं क्रिकेट कैप्टन

डॉक्टर की पढ़ाई करने जर्मनी गई थी भारत की अनुराधा, जानें कैसे बन गईं क्रिकेट कैप्टन
जर्मनी में रह रही भारतीय मूल की क्रिकेटर हैं अनुराधा

ऑस्ट्रिया (Austria) के खिलाफ जर्मनी की भारतीय मूल की कप्तान अनुराधा (Anuradha Doddaballapur) ने महज 1 रन देकर 5 विकेट झटके थे औऱ वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया था

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 25, 2020, 5:38 PM IST
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नई दिल्ली. हाल ही में जर्मन महिला क्रिकेट टीम की कप्तान अनुराधा डोडाबल्लापुर (Anuradha Dodaballapur) ने महिला टी-20 क्रिकेट में ऑस्ट्रिया (Australia) के खिलाफ शुक्रवार (14 अगस्त) को चार गेंदों पर 4 विकेट लेकर विश्व रिकॉर्ड बनाकर चर्चा में आ गई थी. भारतीय मूल की अनुराधा कर्नाटक की ओर से अंडर19 क्रिकेट खेल चुकी हैं हालांकि अपनी पढ़ाई पूरी करने के कारण उन्हें भारत छोड़ना पड़ा था लेकिन उन्होंने क्रिकेट का साथ नहीं छोड़ा.

टी20 फॉर्मेट में रचा था इतिहास
टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में जर्मनी की कप्तान अनुराधा (Anuradha Doddaballapur) ने शुक्रवार को इतिहास रच दिया. अनुराधा ने ऑस्ट्रिया के खिलाफ हुए चौथे टी20 मैच में लगातार 4 विकेट झटके. अनुराधा ने 3 ओवर में 2 मेडन फेंके और महज 1 रन देकर 5 विकेट लिए.अनुराधा महिला टी20 इंटरनेशनल में लगातार चार विकेट लेने वाली पहली खिलाड़ी हैं. टी20 इंटरनेशनल में 19 महिला खिलाड़ी हैट्रिक झटक चुकी हैं लेकिन कोई खिलाड़ी लगातार चार विकेट नहीं ले पाई हैं

अपने क्रिकेट के सफर के बारे में बात करते हुए अनुराधा ने बताया कि 12 साल की उम्र में लग कर्नाटक की महिला खिलाड़ियों के ट्रेनिंग ग्रुप में शामिल हुई थी. 1998-99 में यह ग्रुप दिग्गज शांता गोस्वामी और बल्लेबाज कल्पना वेकटचर की देखरेख में ट्रेनिंग कर रहा था. पहले अनुराधा का चयन राज्य की अंडर16 टीम के लिए हुआ और फिर अंडर19 के लिए. हालांकि इसके बाद उन्हें मेडिकल जेनेटिक्स की पढ़ाई के लिए यूके जाना पड़ा. हालांकि उन्होंने यहां भी क्रिकेट जारी रखा और न्यकासल काउंटी क्लब की ओर से खेलना शुरू किया. उनके प्रदर्शन के दम पर वह अगले कुछ साल नॉर्थबरलैंड की ओऱ से खेले.
जर्मनी में खोला क्रिकेट क्लब और की राष्ट्रीय टीम कप्तानी


अनुराधा का कहना है कि वह क्रिकेट औऱ मेडिल में से किसी एक को नहीं चुन सकती. यही कारण था कि जब उन्हें पीएचडी के लिए जर्मनी पड़ा तो वहां भी क्रिकेट खेलने का रास्ता निकाल लिया. जर्मनी में वह फ्रैंकफुट क्रिकेट क्लब की ओर से खेलना चाहा लेकिन उस क्लब की महिला टीम नहीं थी ऐसे में वह शुरुआत के दो सीजन पुरुष टीम ओर से खेली. इसके बाद ही उन्होंने 2015 में फ्रैंकफ्रुट के महिला क्लब की स्थापना की. उनका यह सफर जारी रहा और साल 2017 में वह राष्ट्रीय टीम की कप्तान बनी. जर्मनी की अनुराधा का मानना है कि वह इस खेल से लंबे समय से जुड़ी रही हैं और इसके लिए कुछ भी करने को तैयार हैं.
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