होम /न्यूज /खेल /कोरोना के खौफ के बीच रोज खतरों से खेल रही इस भारतीय क्रिकेटर की मां, जरूरी है ये कहानी जानना

कोरोना के खौफ के बीच रोज खतरों से खेल रही इस भारतीय क्रिकेटर की मां, जरूरी है ये कहानी जानना

अथर्व की मां बस में कंडक्टर हैं (फाइल फोटो)

अथर्व की मां बस में कंडक्टर हैं (फाइल फोटो)

इस क्रिकेटर की सोसायटी भी सील हो गई है, क्‍योंकि सोसायटी का एक व्‍यक्ति कोरोना की चपेट में आ गया था

    नई दिल्‍ली. जहां इस समय पूरा देश कोरोना वायरस (Coronavirus) को मात देने के लिए घर में कैद हैं, वहीं इस साल हुए अंडर 19 वर्ल्‍ड कप में भारत के स्‍टार रहे अथर्व अंकोलेकर (Atharva Ankolekar) की मां रोज सुबह पांच बजे इस खौफ के बीच काम पर निकल जाती है. अथर्व की मां वैदेही मुंबई पब्लिक बस ट्रांसपोर्ट सर्विस में बस कंडक्‍टर हैं. जो लॉकडाउन के दौरान आवश्‍यक सेवा कर्मियों के लिए चल रही बस में काम रही है. इस वजह से उन्‍हें इस खौफ के बीच भी काम पर जाना जाता है और वें भी एक योद्धा की तरह बिना डरे और पूरी सुरक्षा के साथ काम पर जाती हैं.

    प्रार्थना करते रहते हैं अथर्व
    हिंदुस्‍तान टाइम्‍स से बात करते हुए वैदेही ने बताया कि इतनी सुबह काम पर निकलने पर थोड़ा डर भी लगता है. कोई भी आपके आस पास नहीं होता. उन्‍होंने बताया कि वे अथर्व को उन्‍हें बस डिपो तक छोड़ने के लिए बोलती है. इसके बाद अथर्व अपने दोस्‍त की बाइक लाकर उन्‍हें छोड़ने जाता है. इस दौरान ये भारतीय ऑलराउंडर पूरे रास्‍ते प्रार्थना करते हुए जाता हैं. जबकि दो महीने पहले उनकी मां अपने बेटे के लिए प्रार्थना कर रही थीं. जब टीम इंडिया अंडर 19 वर्ल्‍ड कप के फाइनल में पहुंची थी. हालांकि टीम खिताब नहीं जीत पाई.

    बाहर जाते देख लगता है डर
    वहीं अथर्व ने कहा कि मां को बाहर जाते देख उन्‍हें डर लगता है, क्‍योंकि बाहर बिल्‍कुल भी सुरक्षित नहीं है. अथर्व ने कहा कि अगर उनके पास इसका कोई रास्‍ता होता वे अपनी मां को बाहर जाने ही नहीं देते. अथर्व का डरना भी लाजमी है, क्‍योंकि 10 दिन पहले उनके अपार्टमेंट में एक व्‍यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाया गया था. वैदेही ने कहा कि उन्‍हें भी डर लगता है. क्‍योंकि बस में यात्रा करने वाले स्‍वास्‍थ्‍य कर्मी, पुलिस ही है और ये सभी जोखिम में हैं. वैदेही की सोसायटी सील होने से पहले उनकी ड्यूटी में दो ट्रिप होती थी. उन्‍हें अक्‍सर सुबह की चाय और बाकी चीजें छोड़नी होती थी. सभी कंडक्‍टर मास्‍क पहनते हैं और तीन से चार टिकट देने के बाद हाथों को सैनेटाइज करते हैं. उन्‍होंने कहा कि मगर ये चीजें ही काफी नहीं है. उनकी सलाह है कि सभी यात्रियों के लिए टिकट फ्री कर देना चाहिए. इससे पैसे और टिकट के माध्‍यम से एक दूसरे में वायरस के जाने के खतरे को कम किया जा सकता है. वैदेही को मौजूदा समय में ड्यूटी पर तीन दिन जाने की अनुमति है. ड्यूटी चार्ट और बस का रूट बदलता रहता है.

    फेक न्‍यूज पर इरफान पठान ने किया ऐसा पोस्‍ट, तेजी से हुआ वायरल

    Sachin Special : युवाओं को दिखाई जानी चाहिए सचिन की वो 'हरकतें'...

    Tags: Corona Virus, COVID 19, Cricket, Sports news

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें