Ball Tampering: बैनक्रॉफ्ट के आरोपों पर 4 ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की सफाई, बोले- हमारी ईमानदारी पर सवाल उठाना गलत

बॉल टेम्परिंग विवाद: कैमरन बैनक्रॉफ्ट द्वारा लगाए गए आरोपों पर ऑस्ट्रेलिया के चार गेंदबाजों ने बयान जारी कर सफाई दी है. (Cricket Australia Twitter)

बॉल टेम्परिंग विवाद: कैमरन बैनक्रॉफ्ट द्वारा लगाए गए आरोपों पर ऑस्ट्रेलिया के चार गेंदबाजों ने बयान जारी कर सफाई दी है. (Cricket Australia Twitter)

ऑस्ट्रेलिया के चार गेंदबाजों पैट कमिंस, जोश हेजलवुड, मिचेल स्टार्क और नाथन लॉयन ने 2018 में हुए बॉल टेम्परिंग विवाद में अपना नाम घसीटे जाने पर चुप्पी तोड़ी है. इन गेंदबाजों ने एक बयान जारी कर कैमरन बैनक्रॉफ्ट के उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है.

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नई दिल्ली. ऑस्ट्रेलिया के चार गेंदबाजों ने 2018 में हुए बॉल टेम्परिंग विवाद में अपना नाम घसीटे जाने पर चुप्पी तोड़ी है. इन गेंदबाजों ने एक बयान जारी कर कैमरन बैनक्रॉफ्ट के उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है,जिसमें उन्होंने कहा था कि टीम के कई गेंदबाजों को द.अफ्रीका के खिलाफ हुए न्यूलैंड्स टेस्ट में गेंद से छेड़छाड़ के बारे में पता था. इन गेंदबाजों में पैट कमिंस, जोश हेजलवुड, मिचेल स्टार्क और नाथन लॉयन शामिल हैं.

इन्होंने एक संयुक्त बयान जारी कर बॉल टेम्परिंग विवाद को लेकर फैलाई जा रही अफवाह पर रोक लगाने की मांग की है.

इन गेंदबाजों ने अपने बयान में कहा कि हमें न्यूलैंड्स टेस्ट के दौरान हुई गेंद से छेड़छाड़ के बारे में कोई जानकारी नहीं थी. उन्होंने आगे कहा कि हमें अपनी ईमानदारी पर गर्व है. ऐसे में पुराने खिलाड़ियों और कुछ पत्रकारों ने इस पर सवाल उठाया है. इससे हम बहुत आहत हैं. हम इस विषय पर कई बार सवालों के जवाब दे चुके हैं. लेकिन हमें लगा कि दोबारा इस पर अपना पक्ष रखना चाहिए और इससे जुड़े तथ्यों को सामने लाना चाहिए. हमें नहीं पता था कि गेंद की स्थिति को बदलने के लिए एक चीज को मैदान पर ले जाया गया था. हमने भी स्टेडियम में लगी स्क्रीन पर ही इससे जुड़ी तस्वीरें देखी थीं.

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अपने बयान में इन गेंदबाजों ने बैनक्रॉफ्ट का सीधे नाम तो नहीं लिया. लेकिन इशारों-इशारों में उन पर जरूर निशाना साधा. इन्होंने कहा कि जो लोग सबूतों के अभाव के बावजूद इस बात पर जोर देते हैं कि हम गेंद से छेड़छाड़ के बारे में सिर्फ इसलिए जानते होंगे, क्योंकि हम गेंदबाज हैं, तो ये गलत है. उस टेस्ट मैच में नाइजल लॉन्ग और रिचर्ड इलिंगवर्थ अंपायरिंग कर रहे थे. दोनों काफी अनुभवी हैं. दोनों ने स्क्रीन पर गेंद की तस्वीर दिखाने के बाद इसकी जांच की थी और किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं दिखने के कारण ही बॉल नहीं बदली थी.

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ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने आगे कहा कि उस दिन न्यूलैंड्स मैदान पर क्या हुआ था. इसे लेकर कोई बहाना नहीं बनाया जा सकता है. यह गलत था और ऐसा कभी नहीं होना चाहिए था. हम सभी ने इस घटना से अहम सबक सीखा है और हम यह सोचना चाहते हैं कि जनता हमारे खेलने के तरीके, हमारे बर्ताव और खेल का सम्मान करने के तरीके के मामले में बेहतर बदलाव देख सकती है. बतौर इंसान और खिलाड़ी हम अपने भीतर सुधार की प्रक्रिया जारी रखेंगे.



बैनक्रॉफ्ट ने हाल ही में 'द गार्जियन' अखबार को इंटरव्यू दिया था. उनसे जब ये पूछा गया कि क्या किसी गेंदबाज को गेंद से छेड़छाड़ के बारे में पता था?. इस पर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ने कहा कि वह अपने कार्यों के लिए खुद जिम्मेदार है. उन्होंने कहा, 'देखिए, मैं बस इतना चाहता था कि कि मैंने मैदान पर जो किया, उसके लिए जिम्मेदार और जवाबदेह बनूं. हां, ये बात तो साफ है कि मैंने जो किया उससे गेंदबाजों को फायदा हुआ और इसके बारे में अलग से किसी जागरुकता की जरूरत नहीं थी. सबको पता था कि वो क्या कर रहे हैं?

बैनक्रॉफ्ट साल 2018 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ केपटाउन में खेले गए टेस्ट में गेंद को सैंडपेपर से रगड़ते हुए कैमरे में कैद हुए थे. इसके बाद क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने उन्हें गेंद से छेड़छाड़ का दोषी मानते हुए छह महीने के लिए बैन कर दिया था. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने इस घटना के लिए कप्तान स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर को भी दोषी माना था और इन दोनों खिलाड़ियों पर एक साल का प्रतिबंध लगाया था.

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