सिडनी वनडे: टेस्ट के बाद वनडे में इतिहास रचने को बेकरार टीम इंडिया

पहले वनडे के लिए ऑस्ट्रेलिया ने अपनी प्लेइंग इलेवन की घोषणा कर दी है. वहीं टीम इंडिया ने हार्दिक पांड्या और केएल राहुल को प्लेइंग इलेवन में शामिल न करने का फैसला किया है.

IANS
Updated: January 11, 2019, 7:00 PM IST
सिडनी वनडे: टेस्ट के बाद वनडे में इतिहास रचने को बेकरार टीम इंडिया
पहले वनडे के लिए ऑस्ट्रेलिया ने अपनी प्लेइंग इलेवन की घोषणा कर दी है. वहीं टीम इंडिया ने हार्दिक पांड्या और केएल राहुल को प्लेइंग इलेवन में शामिल न करने का फैसला किया है.
IANS
Updated: January 11, 2019, 7:00 PM IST
टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया की सरजमीं पर टेस्ट सीरीज 71 सालों के बाद पहली बार जीतते हुए इतिहास रच दिया. अब तीन मैचों की वनडे सीरीज 12 जनवरी से शुरू हो रही है. ऐसे में मेहमान टीम के पास एक बार फिर से इतिहास रचने का मौका होगा. टीम इंडिया आज तक ऑस्ट्रेलिया की सरजमीं पर दो देशों के बीच खेली जाने वाली वनडे सीरीज नहीं जीत पाई है. हां, ये बात और है कि यहां वे वीबी सीरीज 2008 (तीन देशों के बीच खेली जाने वाली सीरीज) और चैंपियंस ऑफ चैंपियंस 1985 में जीत हासिल कर चुकी है. इसके अलावा टी20 सीरीज भी टीम इंडिया यहां अपने नाम कर चुकी है. ऐसे में विराट की टीम के पास इतिहास रचने का मौका होगा.

टेस्ट सीरीज में इतिहास रचने वाली भारतीय क्रिकेट टीम शनिवार से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुरू हो रही तीन मैचों की वनडे सीरीज में अपने उसी फॉर्म को जारी रखने के इरादे से उतरेगी. सीरीज का पहला मैच सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (एससीजी) पर खेला जाएगा. टेस्ट सीरीज में जीत की खुशी से लबरेज भारतीय कप्तान विराट कोहली वनडे सीरीज की शुरुआत भी जीत के साथ करना चाहेंगे और इसमें वह किसी भी तरह की कसर छोड़ने के मूड में नहीं होंगे.

मेहमानों को हालांकि अपने अतिउत्साह से बचना होगा. जीत के बाद भारतीय कप्तान और कोच रवि शास्त्री ने जो बयान दिए हैं उनसे वह कई दिग्गजों के निशाने पर हैं. ऐतिहासिक जीत के बाद अगर भारतीय टीम मैदान पर अतिउत्साह दिखाती है तो नुकसान उसे उठाना पड़ सकता है.



कोहली की कप्तानी में भारत ने 71 साल बाद ऑस्ट्रेलिया में सीरीज जीती है, लेकिन जो ऑस्ट्रेलियाई टीम टेस्ट में थी उसके मुकाबले मेजबान सीमित ओवरों में ज्यादा बेहतर हैं. ऐसे में भारत को सतर्क रहकर मैदान पर उतरना होगा. टेस्ट में भारत की जीत में बल्लेबाजों और गेंदबाजों के संयुक्त प्रदर्शन का अहम योगदान था. वनडे सीरीज में भारतीय गेंदबाज एक बार फिर बड़ी भूमिका में होंगे और उन्हीं के कंधों पर टीम को जीत दिलाने की जिम्मेदारी होगी.

तेज गेंदबाजी में टीम की जिम्मेदारी मोहम्मद शमी, भुवनेश्वर कुमार, खलील अहमद और मोहम्मद शमी पर होगी. जसप्रीत बुमराह को टीम प्रबंधन ने वनडे सीरीज में आराम देने का फैसला किया और उनके स्थान पर युवा मोहम्मद सिराज को ऑस्ट्रेलिया भेजा है. बुमराह ने टेस्ट में शानदार प्रदर्शन किया था और टीम के लिए सबसे ज्यादा विकेट लिए थे. वनडे में वह नहीं हैं इसलिए शमी और भुवनेश्वर के कंधों पर भार बढ़ गया है. शमी ने टेस्ट में बुमराह के बाद सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज थे.

तेज गेंदबाजों के अलावा भारतीय स्पिनर इस सीरीज में भी बड़ा रोल निभाएंगे. मध्य ओवरों में कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है. इन दोनों ने बीते तकरीबन एक साल में हर जगह टीम को सफलता दिलाई है. दक्षिण अफ्रीका में वनडे सीरीज में जीत और इंग्लैंड में सीमित ओवरों में भी इन दोनों ने शानदार प्रदर्शन किया था.

वहीं बल्लेबाजी की बात की जाए तो कोहली और उप-कप्तान रोहित शर्मा को बड़ी जिम्मेदारी निभानी है. अंबाती रायडू ने हाल ही में जो प्रदर्शन किया है उससे भारत की नंबर-4 की चिंता को लगभग खत्म कर दिया है. यह सीरीज विश्व कप से पहले रायडू के लिए नंबर-4 पर अपने दावे को और पुख्ता करने वाली साबित होगी. निचले क्रम में केदार जाधव, महेंद्र सिंह धोनी और रविंद्र जडेजा टीम के लिए अहम योगदान देंगे.
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ऑस्ट्रेलिया ने वनडे सीरीज के लिए जो टीम चुनी है उसमें टेस्ट टीम के सात सदस्य ही हैं जिनमें से छह ने ही टेस्ट में मैदान पर कदम रखा था. टीम की कमान मौजूदा समय में ऑस्ट्रेलिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज एरॉन फिंच के हाथों में है.

फिंच का बल्ला लाल गेंद पर अपने प्रहार दिखाने में बेशक नाकाम रहा हो लेकिन सफेद गेंद पर उनके बल्ले का जोर अगर चल गया तो भारत के लिए परेशानी खड़ी होना निश्चित है. वनडे में फिंच के अलावा ग्लैन मैक्सेवल, मिशेल मार्श, एलेक्स कारे पर मेजबान टीम का भार होगा. भारत के मजबूत गेंदबाजी क्रम के इन सभी के लिए समस्याएं बड़ी हैं और इससे पार पाना ऑस्ट्रेलिया के लिए सिरदर्दी होगी.

ऑस्ट्रेलिया के लिए जो खिलाड़ी छुपे रुस्तम साबित हो सकेत हैं वो हैं मार्कस स्टोइनिस और बिलि स्टानलेक. इन दोनों को भारत किसी भी तरह से हल्के में नहीं ले सकता. वहीं गेंदबाजी की बात की जाए तो ऑस्ट्रेलिया ने मिशेल स्टार्क, जोश हेजलवुड और पेट कमिंस, तीनों को इस सीरीज में आराम दिया है. ऐसे में लंबे अंतराल बाद वापसी कर रहे पीटर सिडल के पास विश्व कप के लिए टीम में अपनी जगह पक्की करने का यह अच्छा मौका है. सिडल के अलावा मिशेल मार्श, स्टानलेक, जेसन बेहेनडोर्फ को मजबूत भारतीय बल्लेबाजी क्रम को रोकने की चुनौती उठानी पड़ेगी.

स्पिन में मेजबान टीम के पास ऑफ स्पिनर नाथन लॉयन और लेग स्पिनर एडम जाम्पा के रूप में दो विकल्प हैं. लॉयन ने टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के लिए अच्छा किया है लेकिन वनडे में उन्हें अपने आप को साबित करना होगा. लॉयन वनडे टीम के नियमित सदस्य नहीं हैं. उन्होंने अपना आखिरी वनडे पिछले साल जून में इंग्लैंड के खिलाफ खेला था.

टीम:

भारत: विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा (उप-कप्तान), लोकेश राहुल, शिखर धवन, अंबाती रायडू, दिनेश कार्तिक, केदार जाधव, महेंद्र सिंह धोनी (विकेटकीपर), हार्दिक पांड्या, कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल, रवींद्र जडेजा, भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह, खलील अहमद और मोहम्मद शमी.

ऑस्ट्रेलिया (प्लेइंग इलेवन): एरोन फिंच (कप्तान), एलेक्स केरी (विकेटकीपर), उस्मान ख्वाजा, शॉन मार्श, पीटर हैंड्सकॉम्ब, मार्कस स्टोइनिस, ग्लेन मैक्सवेल, नाथन लियोन, पीटर सिडल, झाय रिचर्डसन, जेसन बेहरेनडॉर्फ।
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