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AUSW vs INDW: दूसरे वनडे में 'नो-बॉल' पड़ी थी भारत पर भारी, अब ऑस्ट्रेलिया का घमंड तोड़ हिसाब चुकता किया

AUSW vs INDW: झूलन गोस्वामी ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वनडे में आखिरी ओवर में चौका जड़ भारत को जीत दिलाई. (Jhulan Goswami Instagram)

AUSW vs INDW: झूलन गोस्वामी ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वनडे में आखिरी ओवर में चौका जड़ भारत को जीत दिलाई. (Jhulan Goswami Instagram)

AUSW vs INDW: भारत की महिला क्रिकेट टीम ने ऑस्ट्रेलिया को 3 वनडे की सीरीज के आखिरी मुकाबले में 2 विकेट से हरा दिया. भारत की इस जीत में तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी (Jhulan Goswami) की अहम भूमिका रही. उन्होंने पहले 3 विकेट लिए और फिर आखिरी ओवर में चौका जड़ टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई.

  • News18Hindi
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    नई दिल्ली. भारत की महिला क्रिकेट टीम ने ऑस्ट्रेलिया को 3 वनडे की सीरीज के आखिरी मुकाबले में 2 विकेट से हरा दिया. ऑस्ट्रेलिया ने इस मुकाबले में भारत को 265 रन का लक्ष्य दिया था, जिसे भारतीय टीम ने 3 गेंद रहते ही पूरा कर लिया. भारत की जीत में यास्तिका भाटिया (Yastika Bhatia) और शेफाली वर्मा (Shafali Verma) की जितनी अहम भूमिका रही. उतनी ही, तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी (Jhulan Goswami) की भी रही. झूलन ने आखिरी ओवर में चौका जड़ टीम इंडिया को ऐतिहासिक जीत दिलाई. उनके लिए टीम की यह जीत इसलिए भी खास है. क्योंकि पिछले मैच में उनकी 2 नो-बॉल टीम इंडिया पर भारी पड़ गई थी और मुठ्ठी में मैच होने के बाद भी भारत हार गया था. इसके बाद झूलन की आलोचना भी हो रही थी. लेकिन उन्होंने आज इस हार का हिसाब चुकता कर लिया.

    भारत को तीसरे वनडे में अंतिम 6 गेंद में जीतने के लिए 4 रन चाहिए थे और झूलन ने तीसरी गेंद पर चौका जड़ ना सिर्फ भारत को ऑस्ट्रेलिया पर 2 विकेट से ऐतिहासिक जीत दिलाई, बल्कि कंगारूओं के लगातार 26 मैच जीतने के विजयी रथ को भी रोक दिया. यह भारत का वनडे में सबसे बड़ा रन रेज है. इस मैच में झूलन ने 3 विकेट भी लिए. उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया. उन्होंने इसी मैच में अपने 600 विकेट भी पूरे किए.

    झूलन की 2 नो-बॉल पड़ी थी भारी
    पिछले वनडे में पिछले मैच में ऑस्ट्रेलिया को आखिरी ओवर में जीतने के लिए 13 रन चाहिए थे. काफी सोचने-विचारने के बाद कप्तावन मिताली राज ने टीम की सबसे अनुभवी गेंदबाज झूलन गोस्वामी को गेंद थमाई. उनके ओवर की पहली 2 गेंद पर ऑस्ट्रेलिया ने 5 रन बनाए. अब ऑस्ट्रेलिया को जीतने के लिए 4 गेंद में 8 रन की दरकार थी. झूलन की तीसरी गेंद नो-बॉल रही. अगली गेंद फ्री हिट थी. गनीमत रही कि इस पर सिर्फ बाय का 1 रन आया. अब आखिरी 3 गेंदों पर 3 रन चाहिए थे. चौथी गेंद पर 1 रन लेग बाय का आया. आखिरी 2 गेंद पर ऑस्ट्रेलिया को 5 रन चाहिए थे. झूलन के ओवर की पांचवीं गेंद पर 2 रन आए.

    अब आखिरी गेंद बची थी, जिस पर ऑस्ट्रेलिया को जीतने के लिए 3 रन और चाहिए थे. स्ट्राइक पर निकोला कैरी थीं. झूलन की यह गेंद फुलटॉस थी और इस पर कैरी ने मिडविकेट की तरफ शॉट खेला और वहां खड़ी फील्डर ने कैच लपक लिया. भारतीय टीम जीत का जश्व मनाने लगी. तभी अंपायर ने गेंद की ऊंचाई जांचने के लिए थर्ड अंपायर का रूख किया और टीवी अंपायर ने इसे नो बॉल करार दे दिया.

    इसका टीम इंडिया को बड़ा खामियाजा उठाना पड़ा. एक रन तो ऑस्ट्रेलिया के खाते में जुड़ा ही फ्री हिट भी मिल गई. अब ऑस्ट्रेलिया को 2 रन चाहिए थे. कैरी ने झूलन की इस गेंद पर 2 रन ले लिए और ऑस्ट्रेलिया मैच जीतने के साथ ही सीरीज भी जीत गया.

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    झूलन ने हार का हिसाब चुकता किया
    इस हार का कसूरवार झूलन को ही ठहराया जा रहा था. खुद कप्तान मिताली राज ने भी मैच के बाद कहा था कि हमने नो-बॉल की उम्मीद नहीं की थी. यह बात कहीं न कहीं झूलन के मन में भी होगी और उन्होंने तीसरे मैच में इस हार का हिसाब चुकता कर लिया.

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