इंग्लैंड दौरे से पहले भारत को मिला बड़ा हथियार, अक्षर ने इंग्लिश बल्लेबाजों की बड़ी कमजोरी बताई

अक्षर पटेल ने इंग्लैंड के खिलाफ हाल ही में हुई तीन टेस्ट की घरेलू सीरीज में 27 विकेट झटके थे. (PIC: AP)

अक्षर पटेल(Axar Patel) को वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC Final) और इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट की सीरीज के लिए भारतीय टीम में चुना गया है. वो तीन साल पहले काउंटी क्रिकेट खेल चुके हैं. उन्हें लगता है कि आगामी इंग्लैंड दौरे पर ये अनुभव उनके काम आएगा.

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    नई दिल्ली. अक्षर पटेल इस समय शानदार फॉर्म में हैं. इस साल इंग्लैंड के खिलाफ हुई तीन टेस्ट की घरेलू सीरीज में उन्होंने 27 विकेट लिए थे. ये उनकी डेब्यू टेस्ट सीरीज भी थी. इसी प्रदर्शन के दम पर उन्हें इंग्लैंड दौरे के लिए चुना गया है. उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में अपने हालिया प्रदर्शन, कोविड-19 के खिलाफ अपनी जंग और इंग्लैंड में खेलने के अनुभव से लेकर खेल से जुड़े तमाम पहलूओं पर खुलकर बात की.

    आपने इंग्लैंड के खिलाफ भारत और उनके घर में क्रिकेट खेली है. क्या आप उनके खेलने के स्टाइल को समझ पाए? इस सवाल के जवाब में अक्षर ने कहा कि अगर इंग्लिश बल्लेबाजों को ये संदेह होता है कि गेंद टर्न ले रही है या नहीं, तो वो स्वीप और रिवर्स स्वीप खेलने लगते हैं. इस दौरान अगर कोई गेंदबाज कसी भी लाइन लेंथ से गेंदबाजी करता है, तो उन्हें काफी परेशानी होती है. वो हाथ से गेंद को नहीं पढ़ पाते हैं, इसके बजाय गेंद पिच पर कहां गिरी है, उस आधार पर इंग्लिश बल्लेबाज शॉट्स खेलते हैं.

    इंग्लैंड में स्पिनर्स को सधी हुई गेंदबाजी का फायदा मिलता है: अक्षर
    अक्षर ने तीन साल पहले काउंटी क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया था. उन्होंने तब डरहम की ओर से खेलते हुए वारविकशर के खिलाफ मैच में 54 रन देकर सात विकेट लिए थे. जबकि पिच से स्पिनर्स को कोई मदद नहीं मिल रही थी. इंग्लिश कंडीशंस में गेंदबाजी कितनी चुनौतीपूर्ण है?. इस सवाल के जवाब में अक्षर ने कहा कि गेंदबाजों को वहां टर्न नहीं मिलता, लेकिन उछाल जरूर मिलता है. जब मैंने सात विकेट लिए थे, तब भी गेंद टर्न नहीं हो रही थी. लेकिन मैंने गति में बदलाव किया. तब मैंने एक मैच में एक दिन में 27 ओवर फेंके थे. वो अनुभव इंग्लैंड के आगामी दौरे में मेरी मदद करेगा.

    टेस्ट डेब्यू को लेकर थोड़ा नर्वस था: अक्षर
    जब अक्षर से ये सवाल पूछा गया कि टेस्ट डेब्यू को लेकर आपके दिमाग में क्या चल रहा था?. इस पर उन्होंने कहा कि मैं इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नई में हुए सीरीज के पहले टेस्ट में डेब्यू करने वाला था, लेकिन दूसरा टेस्ट खेला. पहले टेस्ट से एक दिन पहले ही मुझे घुटने में दर्द हुआ था. मैं स्कैन के लिए गया. मुझे समझ नहीं आ रहा था. मैं अपना टेस्ट डेब्यू करने वाला था. मैंने घर फोन किया और अपनी मां और पिताजी से बात की; मैं बहुत घबराया हुआ था. इससे पहले जब मैं चेन्नई गया था, तो भी चोटिल हो गया था. एक बार मैं फुटबॉल खेलते समय चोटिल हो गया और अब टेस्ट डेब्यू से पहले.

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    अक्षर ने आगे कहा कि तब मेरे दिमाग में बहुत सी बातें चल रही थीं. जब मुझे मेरी टेस्ट कैप मिली, तब रविभाई( रवि शास्त्री) थे, विराट कोहली और रोहित शर्मा थे. विराट ने कहा कि मुझे कुछ साबित करने की जरूरत नहीं है. मैंने खुद को साबित किया है और इसलिए मैं टीम में हूं. मैंने सोचा, 'ठीक है, मैं बस अपना सामान्य खेल खेलूँगा. मेरी मानसिकता स्पष्ट थी.