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शाकिब अल हसन-महमूदुल्लाह के खराब व्यवहार से दुखी बांग्लादेशी अंपायर ने छोड़ा अपना पद

शाकिब अल हसन ने खराब अंपायरिंग पर सवाल उठाया था. (फोटो-Video Grab/Twitter)

शाकिब अल हसन ने खराब अंपायरिंग पर सवाल उठाया था. (फोटो-Video Grab/Twitter)

बांग्लादेशी अंपायर मोनिरुज्जमां (Moniruzzaman) ने खिलाड़ियों के बर्ताव से दुखी होकर अंपायरिंग छोड़ने का फैसला किया है. ढाका प्रीमियर लीग टी20 (Dhaka Premier League T20) में इस अंपायर का ऑलराउंडर महमूदुल्लाह (Mahmudullah) से विवाद हुआ था.

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    नई दिल्ली. बांग्लादेशी अंपायर मोनिरुज्जमां (Moniruzzaman) ने हाल ही में संपन्न हुए ढाका प्रीमियर लीग टी20 (Dhaka Premier League T20) में महमूदुल्लाह (Mahmudullah) के साथ हुए विवाद के बाद पद छोड़ने का फैसला किया है. मोनिरुज्जमां और मोर्शेद अली खान वर्तमान में बांग्लादेश के आईसीसी इमर्जिंग पैनल में शामिल हैं. बांग्लादेश के स्टार ऑलराउंडर शाकिब अल हसन (Shakib al Hasan) पर हाल ही में एक अंपायर पर भड़कने के लिए जुर्माना और प्रतिबंध लगा दिया गया था, जबकि महमुदुल्लाह को मैदान पर दुर्व्यवहार के लिए 20 हजार बांग्लादेशी रुपये का जुर्माना लगाया गया था. महमूदुल्लाह पर जिस मैच में जुर्माना लगाया, उस मुकाबले में मोनिरुज्जमां टीवी अंपायर थे.

    महमूदुल्लाह से हुआ था विवाद
    महमूदुल्लाह विवाद से निराश मोनिरुज्जमां ने क्रिकबज से कहा, "मेरे लिए अब बहुत हो गया और मैं अब अंपायरिंग नहीं करना चाहत. मेरे कुछ स्वाभिमान है और मैं इसके साथ रहना चाहता हूं." उन्होंने कहा कि शाकिब और महमूदुल्लाह के उनके प्रति व्यवहार ने उनके निर्णय लेने में एक बड़ी भूमिका निभाई है. अंपायर ने कहा, "अंपायर गलतियां कर सकते हैं लेकिन अगर हमारे साथ इस तरह का व्यवहार किया जाता है, तो अब ऐसा करने का कोई मतलब नहीं है क्योंकि मैं इसमें सिर्फ पैसे के लिए नहीं हूं."

    गाजी टैंक क्रिकेटर्स के कप्तान महमूदुल्लाह को प्राइम बैंक क्रिकेट क्लब के खिलाफ मैच के दौरा लेवल-2 अपराध करने का दोषी पाया गया. महमूदुल्लाह ने अंपायर द्वारा अपील ठुकराए जाने के बाद अपना आपा खो दिया और अपना असंतोष दिखाने के लिए बगल की पिच पर लेट गए. अंपायरों के कहने के बावजूद उन्होंने कथित तौर पर खेल को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया.

    शाकिब अल हसन के व्यवहार से हुए निराश
    इस मसले पर मोनिरुज्जमां ने कहा, "मैं शाकिब के मैच में शामिल नहीं था. जिस तरह से उसने व्यवहार किया वह मेरे लिए पचाने में बहुत कठिन था. महमूदुल्लाह वाले मैच में मैं टीवी अंपायर था और घटनाक्रम को करीब से देख रहा था. इसने मुझे स्तब्ध कर दिया. मैंने अंपायरिंग नहीं करने का फैसला किया."

    मोनिरुज्जमां बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) के कर्मचारी भी नहीं है. मोनिरुज्जमां ने कहा, "मैं बीसीबी का कर्मचारी नहीं हूं और अंपायरों को बोर्ड से मिलने वाले पैसे को देखते हुए मैं इसे नहीं ले सकता. मैं इसे खेल के लिए प्यार से कर रहा था, क्योंकि मुझे सिर्फ मैच फीस मिलती थी. मैं भाग्यशाली हूं कि अब तक मेरे साथ कुछ भी अनहोनी नहीं हुई, लेकिन कौन जानता है कि अगले मैच में मेरा अपमान हो जाए और मैं यह सोचकर अपनी नींद नहीं खोना चाहता कि कल मैच में क्या होगा."

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    बीसीबी अंपायर विभाग के एक अधिकारी ने कहा, "हमने मोनिरुज्जमां के साथ बात की है और उन्होंने कहा है कि उन्हें अंपायरिंग जारी रखने में कोई दिलचस्पी नहीं है. वह हमारे कर्मचारी नहीं हैं इसलिए हम कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं मांग सकते हैं. लेकिन मैं केवल एक ही बात कह सकता हूं कि उनका अंपायर के रूप में बहुत ही आशाजनक करियर था." दाएं हाथ के बल्लेबाज मोनिरुज्जमां ने बांग्लादेश में घरेलू स्तर पर क्रिकेट खेला है.

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