रणजी ट्रॉफी में हैट्रिक लेने वाले पहले गेंदबाज बका जिलानी को थी नींद में चलने की आदत, 29 साल की उम्र में हो गई थी मौत

रणजी ट्रॉफी में हैट्रिक लेने वाले पहले गेंदबाज बका जिलानी को थी नींद में चलने की आदत, 29 साल की उम्र में हो गई थी मौत
बका जिलानी ने भारत की तरफ से एकमात्र टेस्‍ट मैच खेला था फोटो (क्रेडिट ट्विटर)

बका जिलानी (Baqa Jilani) की आज 109वीं जन्‍मतिथि हैं. उनका जन्‍म 20 जुलाई 1911 को जालंधर में हुआ था

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नई दिल्‍ली. भारतीय क्रिकेट प्रेमियों में से अधिकतर लोगों ने सीके नायडू , लाला अमरनाथ का नाम तो सुना होगा, मगर बका जिलानी (Baqa Jilani) का नाम गिनती के लोग ही जानते होंगे. अधिकतर भारतीय क्रिकेट प्रेमी इस वजह से भी इस नाम से अंजान हैं, क्‍योंकि जब यह नाम अपनी चमक बिखेरने ही वाला था, तभी एक हादसे में उगता सूरज हमेशा हमेशा के लिए अस्‍त हो गया. 20 जुलाई 1911 को जुलुंधर (जालंधर) में जन्‍में बका ने अपने 30वें जन्‍मदिन से ठीक 18 दिन पहले इस दुनिया को अलविदा कह दिया था. आज बका जिलानी की 109वीं जन्‍मतिथि हैं.



बका ने भारत की तरफ से सिर्फ एकमात्र टेस्‍ट मैच 1936 में द ओवल में इंग्‍लैंड के खिलाफ खेला था. वही उन्‍होंने 31 फर्स्‍ट क्‍लास मैच भी खेले. बका का नाम भारतीय क्रिकेट इतिहास में रणजी ट्रॉफी में हैट्रिक लेने वाले पहले गेंदबाज के रूप में दर्ज है. साथ ही सबसे कम उम्र में ही दुनिया छोड़ने वाले दूसरे भारतीय खिलाड़ी के रूप में भी बका का नाम इतिहास के पन्‍नों में दर्ज है. बका गेंद और बल्‍ले दोनों से ही टीम की मदद करने का दम रखते थे. एकमात्र इंटरनेशनल मैच में तो उनका रिकॉर्ड कुछ खास नहीं रहा. मगर फर्स्‍ट क्‍लास मैचों में उन्‍होंने 928 रन बनाने के साथ ही 83 विकेट भी लिए. जिसमें उनकी सर्वश्रेष्‍ठ 113 रन की पारी रही. वहीं गेंदबाजी में उनका सर्वश्रेष्‍ठ 37/7 रहा. उन्‍होंने फर्स्‍ट क्‍लास क्रिकेट में एक मैच में 10 विकेट भी लिए थे.



धमाकेदार किया था फर्स्‍ट क्‍लास क्रिकेट में डेब्‍यू
बका ने 12 विकेट के साथ फर्स्‍ट क्‍लास क्रिकेट में डेब्‍यू किया था. उन्‍होंने 1934 1935 में नॉर्दर्न इंडिया की तरफ से खेलते हुए साउथर्न पंजाब के खिलाफ पहले रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में हैट्रिक ली थी. पंजाब 22 रन पर ही आउट हो गई थी और किसी टीम का सबसे न्‍यूनतम स्‍कोर का यह रिकॉर्ड करीब 76 साल तक रहा था.

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1941 में बका के जन्‍मदिन से 18 दिन पहले उस समय हर किसी को झटका लगा, जब उनकी मौत की खबर आई. मात्र 29 साल की उम्र में बका ने दुनिया को अलविदा कह दिया है. कहा जाता है कि मिर्गी का दौरा आने की वजह से उनका संतुलन बिगड़ गया था और वह अपने घर की बालकनी से नीचे गिर गए थे. वह अमर सिंह के बाद सबसे कम उम्र में दुनिया छोड़ने वाले दूसरे भारतीय क्रिकेटर थे. अमर सिंह ने 21 मई 1940 को दुनिया छोड़ दी थी. हालांकि बका के बारे में कहा जाता है कि वह डिप्रेशन से जूझ रहे थे और इसी वजह से उन्‍होंने आत्‍महत्‍या की. हालांकि इंग्‍लैंड दौरे पर बका के अजीब व्‍यवहार को लेकर कोटा रामास्‍वामी ने लिखा भी था. उनके अनुसार बका हाई ब्‍लड प्रेशर से जूझ रहे थे. उन्‍हें नींद में चलने की आदत थी. वह हिंसक हो जाते थे. कोई भी नहीं कह सकता था कि वह कब नॉर्मल होंगे.
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