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टीम इंडिया में जगह बनाने के लिए अब पास करना होगा नया फिटनेस टेस्ट, BCCI का बड़ा फैसला

टीम इंडिया के खिलाड़ियों को पास करना होगा नया फिटनेस टेस्ट (साभार-एपी)
टीम इंडिया के खिलाड़ियों को पास करना होगा नया फिटनेस टेस्ट (साभार-एपी)

यो-यो टेस्ट (YO-YO Test) के बाद अब बीसीसीआई (BCCI) ने एक और फिटनेस टेस्ट को मंजूरी दी है. टीम में जगह बनाने के लिए हर खिलाड़ी को ये टेस्ट पास करना होगा

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 22, 2021, 4:51 PM IST
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नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के खेल में सुधार के पीछे एक बड़ी वजह खिलाड़ियों की फिटनेस है. भारतीय टीम में वही खिलाड़ी जगह बना पाता है जो गेंद और बल्ले के साथ-साथ फिट भी हो. टीम में शामिल होने के लिए हर खिलाड़ी का यो-यो टेस्ट (YO-YO Test) होता है और जो इसमें फेल होता है उसे अच्छी फॉर्म के बावजूद जगह नहीं मिलती. जो खिलाड़ी यो-यो टेस्ट को पास करता है उसे टीम इंडिया के स्क्वाड में शामिल किया जाता है. लेकिन अब बीसीसीआई ने बड़ा फैसला लेते हुए एक नये फिटनेस टेस्ट (New Fitness Test) को मंजूरी दी है. खिलाड़ियों को यो-यो टेस्ट के अलावा उस नए फिटनेस टेस्ट को भी पास करना होगा.

इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के मुताबिक टीम इंडिया के स्तर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने एक नए फिटनेस टेस्ट को मंजूरी दी है जिसे पास करना हर खिलाड़ी के लिए अनिवार्य होगा. इस टेस्ट में खिलाड़ियों की रफ्तार और उनकी क्षमताओं को परखा जाएगा. रिपोर्ट्स के मुताबिक टीम इंडिया के खिलाड़ियों को 2 किमी. तक भागना होगा और बल्लेबाजों-गेंदबाजों के लिए इसकी समय सीमा अलग-अलग होगी.

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टीम इंडिया का नया फिटनेस टेस्ट
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक टीम इंडिया के नए फिटनेस टेस्ट में खिलाड़ियों की 2 किमी. की दौड़ होगी. तेज गेंदबाजों को ये दौड़ 8 मिनट 15 सेकेंड में पूरी करनी होगी, वहीं बल्लेबाजों को 8 मिनट 30 सेकेंड में इस रेस को पूरा करना होगा. इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में बीसीसीआई अधिकारी ने कहा, 'बीसीसीआई का मानना है कि टीम इंडिया की सफलता में खिलाड़ियों की फिटनेस का अहम रोल है. अब फिटनेस के स्तर को एक अलग मुकाम पर ले जाने की जरूरत है. इसीलिए टाइम ट्रायल को लाया जा रहा है जिससे खिलाड़ियों की फिटनेस और ज्यादा बढ़ेगी. हर साल इसे और मुश्किल बनाया जाएगा.' रिपोर्ट्स के मुताबिक ये फिटनेस टेस्ट साल में तीन बार होगा. खिलाड़ियों को टाइम ट्रायल टेस्ट फरवरी, जून और अगस्त-सितंबर में देना होगा.
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