लाइव टीवी

डे-नाइट टेस्ट में उड़ सकते हैं बल्लेबाजों के होश, नहीं दिखेगी गुलाबी गेंद!

News18Hindi
Updated: October 30, 2019, 7:29 PM IST
डे-नाइट टेस्ट में उड़ सकते हैं बल्लेबाजों के होश, नहीं दिखेगी गुलाबी गेंद!
कोलकाता में 22 नवंबर को खेला जाएगा डे नाइट टेस्ट

कोलकाता में 22 नवंबर से ईडन गार्डन में भारत-बांग्लादेश (India vs Bangladesh) के बीच डे-नाइट टेस्ट खेला जाएगा

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 30, 2019, 7:29 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. बीसीसीआई ने एसजी से अगले सप्ताह 72 गुलाबी गेंदें मंगवाई है जो 22 नवंबर से ईडन गार्डन पर होने वाले दिन रात्रि टेस्ट मैच में इस्तेमाल की जायेंगी. बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) ने इसकी पुष्टि की है कि मंगलवार से होने वाले इस मैच में एसजी गुलाबी गेंदें इस्तेमाल की जायेंगी.

गुलाबी गेंद से बल्लेबाजों को खतरा!
दूधिया रोशनी में खेले जाने वाले टेस्ट के लिये फिट गेंदें देना बड़ी चुनौती है. एसजी गुलाबी गेंद (Pink Ball) का अभी प्रतिस्पर्धी मैच में इस्तेमाल नहीं किया गया है. दलीप ट्रॉफी कूकाबूरा की गुलाबी गेंद से लगातार तीन सत्र खेली गई. इसके बाद बीसीसीआई ने पिछले साल लाल गेंद का रूख किया. आपको बता दें लाल गेंद की तुलना में गुलाबी गेंद पर काफी धूल बैठती है और यह जल्दी मैली हो जाती है जिससे इसे देख पाना मुश्किल हो सकता है.

बीसीसीआई ने मंगाई 72 गुलाबी गेंद

एसजी कंपनी के विक्रय और विपणन निदेशक पारस आनंद ने कहा, 'बीसीसीआई ( BCCI) ने छह दर्जन गुलाबी गेंद मंगवाई है जो हम अगले सप्ताह तक दे देंगे. दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में आपने देखा कि हमारी लाल एसजी गेंद में काफी सुधार आया है और हमने उतना ही रिसर्च गुलाबी गेंद पर भी किया है.' भारतीय कप्तान विराट कोहली ने स्वीकार किया कि गेंद में सुधार आया है लेकिन कहा कि इसे कम से कम 60 ओवर तक चलना चाहिये.

गुलाबी गेंद पर काफी धूल बैठती है, बल्लेबाजों को गेंद दिखने में हो सकती है परेशानी


गुलाबी गेंद के लिए बनेंगी ज्यादा घसियाली पिच
Loading...

गुलाबी गेंद के लिए कैसी पिच बनाई जाए, ये भी एक अहम सवाल है. बीसीसीआई ( BCCI) के पूर्व मुख्य क्यूरेटर दलजीत सिंह ने अगले महीने भारत में होने वाले पहले डे-नाइट टेस्ट मैच के दौरान विकेट पर अधिक घास रखने और ओस से बचने के लिये आउटफील्ड पर कम घास रखने की सलाह दी है. भारतीय क्रिकेट में 22 साल तक सेवा देने के बाद बीसीसीआई के चीफ क्यूरेटर पद से पिछले महीने रिटायर होने वाले दलजीत ने पीटीआई से कहा, 'ओस मुख्य चिंता होगी, इसमें कोई संदेह नहीं. उन्हें समझना होगा कि आप इससे बच नहीं सकते हो.' उन्होंने कहा, 'इससे बचाव के लिये आउटफील्ड में घास कम रखनी होगी और पिच पर आम घास से अधिक लंबी घास रखनी पड़ेगी. आउटफील्ड में जितनी अधिक घास होगी, ओस की परेशानी उतनी ज्यादा होगी.'

147 किमी./घंटे की स्पीड से आई गेंद को इस बल्लेबाज ने खोया, फिर गेंदबाज ने ऐसे लिया बदला!

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए क्रिकेट से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 30, 2019, 7:20 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...