संन्यास ले चुके क्रिकेटरों को पेंशन देता है BCCI, जानें किस खिलाड़ी को मिलते हैं कितने रुपये

2004 के बाद 2015 में एक बार फिर से इसमें संशोधन किया गया था और पेंशन की रकम को बढ़ाया गया था.
2004 के बाद 2015 में एक बार फिर से इसमें संशोधन किया गया था और पेंशन की रकम को बढ़ाया गया था.

31 दिसंबर 1993 से पहले रिटायर हुए सभी क्रिकेटरों को इस पेंशन योजना में शामिल किया गया था. 2004 के बाद 2015 में एक बार फिर से इसमें संशोधन किया गया था और पेंशन की रकम को बढ़ाया गया था, लेकिन उसके बाद से लगातार अनुरोध के बाद भी इसमें बदलाव नहीं किया गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 4, 2020, 5:59 AM IST
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नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) संन्यास ले चुके क्रिकेटरों को मासिक पेंशन देता है. बीसीसीआई ने सबसे पहले 2004 में रिटायर्ड क्रिकेटरों को पेंशन देने की शुरुआत की थी. 31 दिसंबर 1993 से पहले रिटायर हुए सभी क्रिकेटरों को इस पेंशन योजना में शामिल किया गया था. 2004 के बाद 2015 में एक बार फिर से इसमें संशोधन किया गया था और पेंशन की रकम को बढ़ाया गया था, लेकिन उसके बाद से लगातार अनुरोध के बाद भी इसमें बदलाव नहीं किया गया है. इस बात की लंबे समय तक आलोचना होती रही थी कि बोर्ड सेवानिवृत्त खिलाड़ियों पर ध्यान नहीं देता. ऐसे में जगमोहन डालमिया ने इसका उपाय खोजने का वादा किया था और 2004 की पेंशन योजना के मुताबिक कहा गया कि 174 पूर्व खिलाड़ियों को प्रति खिलाड़ी प्रतिमाह 5000 रुपए मिलेंगे.

2004 की यह योजना उन सभी खिलाड़ियों पर लागू हुई थी, चाहे उसने फिर एक टेस्ट खेला हो या पचास टेस्ट. इसमें सुनील गावस्कर जैसे दिग्गज खिलाड़ी या उनसे भी वृद्ध खिलाड़ी शामिल थे. वे खिलाड़ी और अंपायर जिन्होंने सिर्फ वनडे खेले थे और टेस्ट में भाग नहीं लिया था, वह लोग इस योजना का हिस्सा नहीं थे. या एक टेस्ट में भाग लिया, वे इस योजना का हिस्सा नहीं थे. लेकिन इसमें मोहम्मद अजहरुद्दीन (99 टेस्ट खेल चुके) शामिल नहीं थे, क्योंकि बीसीसीआई ने उन्हें ब्लेक लिस्ट कर दिया था. मैच फिक्सिंग के आरोपों के चलते उनपर आजीवन प्रतिबंध लगाया गया था. उन्हें मिलने वाले करोड़ों रुपए रोक दिए गए थे. इसके बाद बीसीसीआई ने 2015 में पेंशन में वृद्धि की.

सीके खन्ना ने पेंशन स्कीम में संशोधन के लिए लिखा पत्र
हाल ही में पूर्व खिलाड़ियों ने बीसीसीआई के कार्यकारी अध्यक्ष सीके खन्ना को इस संबंध में लिखा था, जिन्होंने इस मुद्दे को निपटाने के लिए सीओए से अनुरोध किया. खन्ना ने सीओए को लिखे अपने ईमेल में लिखा था, ''बीसीसीआई अपने क्रिकेटरों का पूरा ध्यान रखता है और पूर्व क्रिकेटर बीसीसीआई से उम्मीद लगाए हैं. संन्यास ले चुके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों और घरेलू क्रिकेटरों की पेंशन में संशोधन पर चर्चा हो चुकी है और इस राशि को 2015 में ही बदला गया था. खिलाड़ी इसमें संशोधन का इंतजार कर रहे हैं.''
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2015 में बढ़ाई गई थी पेंशन
बीसीसीआई ने 2015 में पूर्व घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के लिए मासिक भत्ते में बढ़ोतरी का ऐलान किया. बीसीसीआई ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों के लिए अंपायरों की फीस में भी बढ़ोतरी की थी. इस योजना के फायदे महिला और पुरुष दोनों खिलाड़ियों को मिले. नई योजना के तहत टेस्ट क्रिकेटर, जो 25 मैच खेल चुका है और 31 दिसंबर 1993 से पहले सेवानिवृत्त हो गया है, उसे 50,000 रुपए प्रतिमाह मिलेंगे.

25 से कम टेस्ट खेलने वालों को मिलते हैं 37,500 रुपए प्रतिमाह
बीसीसीआई के मुताबिक, 31 दिसंबर 1993 से पहले सेवानिवृत्त होने वाले सभी खिलाड़ियों को जिन्होंने 25 से कम टेस्ट खेले हैं, 37,500 रुपए प्रतिमाह मिल रहे हैं. जो खिलाड़ी एक जनवरी 1994 के बाद सेवानिवृत्त हुए हैं, उन्हें 25,000 रुपए प्रतिमाह मिल रहे हैं. महिला खिलाड़ी जो 10 टेस्ट मैच खेल चुकी हैं, उन्हें 25,000 रुपए प्रतिमाह और जिन्होंने 5-9 टेस्ट मैच खेले हैं, उन्हें 15,000 रुपए प्रतिमाह मिल रहे हैं.

वनडे, रणजी, फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेलने वालों को भी मिलती है पेंशन
सभी क्रिकेटर, जिन्होंने वनडे में भारत का प्रतिनिधित्व किया है, उन्हें और उनकी विधवाओं को 15,000 रुपए प्रतिमाह और अंपायरों को भी इतनी ही राशि मिल रही है. जो खिलाड़ी कम से कम 10 रणजी ट्रॉफी मैच 1957-58 से पहले खेल चुके हैं और जो 2003-2004 के बीच 25-49 फर्स्ट क्लास मैच खेल चुके हैं, उन्हें 15,000 रुपए प्रतिमाह दिए जा रहे हैं. हालांकि, जो खिलाड़ी 2003-2004 तक 50, लेकिन 74 से कम मैच खेल चुके हैं उन्हें 22,500 प्रतिमाह और अन्य लाभ मिल रहे हैं.

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सेवानिवृत्त अंपयारों को मिलते हैं 22,500 रुपए प्रतिमाह
2003-2004 तक जो खिलाड़ी 74 या उससे अधिक मैच खेल चुके हैं, उन्हें 30,000 रुपए प्रति माह मिलते हैं. जहां तक अंपायरों का सवाल है तो बीसीसीआई ने फैसला किया था कि सभी सेवानिवृत्त अंपयारों को 22,500 रुपए प्रतिमाह और वनडे के अंपायरों को 15,000 रुपए प्रतिमाह मिलेंगे.

पूर्व खिलाड़ियों को दिया गया एकमुश्त भुगतान
मासिक लाभ के अलावा बीसीसी ने सभी पूर्व खिलाड़ियों को एकमुश्त पैसा भी दिया. 2003-2004 तक सेवानिवृत्त होने वाले टेस्ट क्रिकेटरों को (जो 100 से ज्यादा टेस्ट खेले हैं) एकमुश्त डेढ़ करोड़ रुपए और जो 75 से 99 के बीच टेस्ट खेले हैं, उन्हें एक करोड़ रुपए और जो 50 से 74 के बीच टेस्ट खेले हैं उन्हें एकमुश्त 75 लाख रुपए मिले. लेकिन जो टेस्ट क्रिकेटर 2003-04 के बीच एक से 9 मैच खेले हैं, 10 से 25 या 25 से 49 के बीच मैच खेले हैं उन्हें क्रमशः 35 लाख, 50 लाख और 60 लाख रुपए मिले. जो खिलाड़ी 75-99 के बीच फर्स्ट क्लास मैच खेले हैं, उन्हें एकमुश्त 25 लाख रुपए और जो 100 से अधिक मैच खेले हैं, उन्हें 30 लाख रुपए मिले.
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