• Home
  • »
  • News
  • »
  • sports
  • »
  • CRICKET BCCI TIED UP WITH UK BASED COMPANY TO PREVENT CORRUPT PRACTICES DURING IPL 2020

बड़ी खबर: IPL में सट्टेबाजी रोकने के लिए ब्रिटिश कंपनी की मदद लेगा BCCI

बीसीसीआई ने ब्रिटेन स्थित कंपनी स्पोर्टरडार के साथ करार किया है

बीसीसीआई (BCCI) ने हाल में तमिलनाडु प्रीमियर लीग सहित राज्यस्तरीय टी20 लीग के दौरान सट्टेबाजी का पता लगाया था.

  • Share this:
    नई दिल्ली. बीसीसीआई (BCCI) 19 सितंबर से 10 नवंबर तक चलने वाले आईपीएल (IPL 2020) के दौरान सट्टेबाजी और अन्य भ्रष्ट गतिविधियों को रोकने के लिए ब्रिटेन स्थित कंपनी स्पोर्टरडार के साथ करार किया है जो अपनी धोखाधड़ी जांच प्रणाली (एफडीएस) के जरिये सेवाएं देगी. आईपीलए का 13वां सत्र खाली स्टेडियमों में खेला जाएगा और ऐसे में अजित सिंह की अगुआई वाली बीसीसीआई भ्रष्टाचार निरोधक इकाई (एसीयू) के सामने एक अलग तरह की चुनौती होगी, क्योंकि कुछ राज्यस्तरीय लीग के दौरान सट्टेबाजी से जुड़ी धोखाधड़ी बढ़ी है और इस लुभावनी प्रतियोगिता के दौरान इसके बढ़ने की संभावना है.

    एसीयू के साथ मिलकर करेंगे काम
    आईपीएल के एक सूत्र ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘हां, बीसीसीआई ने इस साल के आईपीएल के लिये स्पोर्टरडार के साथ करार किया है. वे एसीयू के साथ मिलकर काम करेंगे और अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे. उन्होंने कहा कि स्पोर्टरडार ने हाल में गोवा फुटबॉल लीग के आधा दर्जन मैचों को संदेह के घेरे में रखा था. वे फीफा (विश्व फुटबॉल संस्था), यूएफा (यूरोपीय फुटबॉल की संस्था) और विश्व भर की विभिन्न लीग के साथ काम कर चुके हैं.
    बीसीसीआई एसीयू ने हाल में तमिलनाडु प्रीमियर लीग (टीएनपीएल) सहित राज्यस्तरीय टी20 लीग के दौरान सट्टेबाजी के अलग तरह के नमूनों का पता लगाया था. अलग तरह के दांव लगाये जाने के कारण एक प्रमुख सट्टा कंपनी ने दांव लगवाना बंद कर दिया था.

    यह भी पढ़ें: 

    IPL 2020: ऑस्‍ट्रेलियाई दिग्‍गज ने बताई CSK की बड़ी कमजोरी, कहा- सुरेश रैना के जैसा कोई खिलाड़ी लाओ

    रिश्‍तेदारों की हत्‍या होने के बाद पहली बार पठानकोट पहुंचे सुरेश रैना, पुलिस के लिए लिखा खास मैसेज

    स्पोर्टरडार के अनुसार धोखाधड़ी जांच प्रणाली (एफडीएस) एक विशिष्ट सेवा है जो खेलों में सट्टेबाजी से संबंधित हेराफेरी का पता लगाती है. यह इसलिए संभव हो पाता है क्योंकि एफडीएस के पास मैच फिक्सिंग के उद्देश्य से लगाये जाने वाली बोलियों को समझने के लिये उपयुक्त प्रणाली है.
    Published by:Kiran Singh
    First published: