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Sunday Special: क्रिकेट के 'क्रांतिकारी', जो बिना खेले ही बन गए मैन ऑफ द मैच!

News18Hindi
Updated: December 15, 2019, 7:56 AM IST
Sunday Special: क्रिकेट के 'क्रांतिकारी', जो बिना खेले ही बन गए मैन ऑफ द मैच!
cricket jonty rhodes

न्यूज 18 के संडे स्पेशल में आज पढ़िए गस लोगी (Gus Logie) और जॉन्टी रोड्स (Jonty Rhodes) की कहानी, जिन्होंने वर्ल्ड क्रिकेट में क्रांतिकारी बदलाव किया.

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  • Last Updated: December 15, 2019, 7:56 AM IST
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नई दिल्ली. क्रिकेट... गेंद और बल्ले के बीच होने वाली ऐसी जंग जो 22 गज की पट्टी पर खेली जाती है. 70 गज के घेरे में खेले जाने वाले इस खेल में हर दिन इतिहास रचा जाता है. हर मैच में कई रिकॉर्ड्स बनते और टूटते हैं. इस खेल में डॉन ब्रैडमैन, विवियन रिचर्ड्स, सचिन तेंदुलकर, सुनील गावस्कर जैसे महान बल्लेबाज हुए जिन्होंने अपने बल्ले से करोड़ों लोगों को अपना मुरीद बनाया. वहीं इस खेल में कपिल देव, इमरान खान, डेनिस लिली, शेन वॉर्न और मुथैया मुरलीधरन जैसे गेंदबाज आए जिन्होंने अपनी गेंदबाजी से बल्लेबाजों की नाक में दम किया और कई कीर्तिमान रिकॉर्ड तोड़े. इन सभी खिलाड़ियों के बीच वर्ल्ड क्रिकेट में दो ऐसे खिलाड़ी भी हुए जो ना तो इनकी तरह अव्वल दर्जे के बल्लेबाज थे और ना ही वो अच्छे गेंदबाज थे, लेकिन फिर भी इन दोनों ने क्रिकेट की सोच, समझ और नजरिए को पूरी तरह से बदल कर रख दिया. इन दो खिलाड़ियों ने साबित किया कि क्रिकेट सिर्फ गेंद और बल्ले का खेल नहीं, बल्कि इससे कहीं ऊपर है. आइए आपको सुनाते हैं क्रिकेट के ऐसे ही 2 क्रांतिकारियों की कहानी...

'महान' फील्डर गस लोगी की कहानी
क्रिकेट के मैदान में बल्लेबाजी और गेंदबाजी के बाद तीसरा और सबसे अहम विभाग है फील्डिंग. आज क्रिकेट के मैदान में जीत और हार उसकी फील्डिंग तय करती है. अच्छी फील्डिंग से टीमें 20 से 30 रन बचाती हैं और यही मैच में अंतर भी पैदा करता है. आइए आपको बताते हैं ये सबकुछ शुरू कहां से हुआ. जब भी अच्छी फील्डिंग की बात होती है तो एक ही नाम और चेहरा सबके सामने आता है...जॉन्टी रोड्स (Jonty Rhodes) लेकिन आपको बता दें फील्डिंग की क्रांतिकारी जॉन्टी रोड्स के मैदान में आने से पहले ही शुरू हो गई थी, खिलाड़ी का नाम था गस लोगी (Gus Logie).



गस लोगी (Gus Logie) वेस्टइंडीज के खिलाड़ी थे, जिन्होंने 52 टेस्ट और 158 वनडे मैच खेले, लेकिन फिर भी बहुत कम क्रिकेट फैंस हैं जो उनके नाम से परिचित हैं. गस लोगी ने अपने क्रिकेटिंग करियर में महज 3 शतक और 30 अर्धशतक लगाए लेकिन फिर भी इस खिलाड़ी ने अपने करियर में ऐसा कारनामा किया जिसने पूरे वर्ल्ड क्रिकेट की सोच बदलकर रख दी.

फील्डिंग से जीता मैन ऑफ द मैच
गस लोगी (Gus Logie) दुनिया के पहले खिलाड़ी बने जिन्होंने अपनी बेहतरीन फील्डिंग के लिए मैन ऑफ द मैच जीता. 28 अगस्त, 1986 को चैंपियंस ट्रॉफी का मैच और वेस्टइंडीज की पाकिस्तान से भिड़ंत. ये मैच उस वक्त इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया जब गस लोगी ने फील्डिंग के लिए मैन ऑफ द मैच जीता. इस मैच में लोगी ने 3 बेहतरीन कैच लपके और 2 रन आउट किए. मतलब पाकिस्तान की आधी टीम उन्होंने फील्डिंग से ही पैवेलियन भेज दी, सच में ये स्पेशल प्रदर्शन था.

गस लोगी ने इस मुकाबले में सलीम यूसुफ, मुदस्सर नजर और इजाज अहमद जैसे बल्लेबाजों के जबर्दस्त कैच लपके और उसके साथ-साथ उन्होंने जावेद मियांदाद और आसिफ मुजतबा को रन आउट किया. नतीजा पाकिस्तान की टीम सिर्फ 143 रनों पर सिमट गई और वेस्टइंडीज ने ये मैच 9 विकेट के विशाल अंतर से जीता. इस मैच में गस लोगी को ना बल्लेबाजी का मौका मिल पाया ना उन्होंने गेंदबाजी की, बावजूद इसके वो मैन ऑफ द मैच बने.

जॉन्टी रोड्स का अनोखा कारनामा
क्रिकेट में फील्डिंग की क्रांति अगर गस लोगी ने शुरू की तो इसे आगे बढ़ाया साउथ अफ्रीका के दिग्गज फील्डर जॉन्टी रोड्स (Jonty Rhodes) ने. रोड्स ने 1992 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के बल्लेबाज इंजमाम उल हक को जिस तरह से रन आउट किया था वो आज भी हर क्रिकेट फैन के जहन में है. हालांकि जॉन्टी रोड्स ने बतौर फील्डर एक ऐसा कारनामा कर दिखाया तो जो दुनिया में कोई और क्रिकेटर नहीं कर पाया है.



एक फर्स्ट क्लास मैच के दौरान जॉन्टी रोड्स (Jonty Rhodes) को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली थी. हालांकि वो सब्स्टिट्यूट फील्डर के तौर पर मैदान पर उतरे. मैच में जॉन्टी रोड्स ने 7 बेहतरीन कैच लपके और उन्हें मैन ऑफ द मैच का अवॉर्ड दिया गया. क्रिकेट के मैदान पर ये एकलौता वाकया है जब एक खिलाड़ी को बिना प्लेइंग इलेवन में जगह मिले मैन ऑफ द मैच मिला हो. वैसे जॉन्टी रोड्स के नाम एक वनडे में सबसे ज्यादा 5 कैच पकड़ने का रिकॉर्ड भी है. जॉन्टी ने अपने करियर में बतौर फील्डर साउथ अफ्रीका को ना सिर्फ मैच जिताए बल्कि उन्होंने आने वाली पीढ़ियों को एक अच्छा फील्डर बनने के लिए प्रेरित भी किया.  यही वजह है कि आज हर टीम में एक से बढ़कर एक फील्डर्स हैं.



कभी कमजोर फील्डिंग के लिए बदनाम टीम इंडिया आज केएल राहुल, रवींद्र जडेजा, विराट कोहली, मनीष पांडे जैसे बेहतरीन फील्डर्स से लैस है. आज लगभग हर टीम में स्पेशल फील्डिंग कोच है जो खिलाड़ियों को बेहतरीन फील्डिंग के टिप्स देता है और मैच में एक-एक रन बचाने की ट्रेनिंग देता है. साफ है गस लोगी और जॉन्टी रोड्स दोनों ने क्रिकेट के मैदान पर मैच जिताने की एक अलग कला की शुरुआत की और ऐसे में इन दोनों खिलाड़ियों को क्रिकेट का क्रांतिकारी कहा जाए तो गलत नहीं होगा.

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First published: December 15, 2019, 7:32 AM IST
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