भुवनेश्वर कुमार ने कहा- मैं टेस्ट खेलने को तैयार, ना खेलने की बात पूरी तरह झूठी

भुवनेश्वर कुमार ने 21 टेस्ट में 63 विकेट लिए हैं. (AFP)

भुवनेश्वर कुमार ने 21 टेस्ट में 63 विकेट लिए हैं. (AFP)

तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार (Bhuvneshwar Kumar) ने उनके टेस्ट नहीं खेलने की बात का जोरदार खंडन किया है. उनका कहना है कि वे खुद को तीनों फॉर्मेट के लिए तैयार करते हैं. वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप और इंग्लैंड सीरीज के लिए भुवनेश्वर को टीम इंडिया में जगह नहीं मिली है.

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नई दिल्ली. तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार (Bhuvneshwar Kumar) को इंग्लैंड दौरे पर जाने वाली भारतीय टीम (India's tour of England) में नहीं चुना गया है. इस दौरे पर टीम इंडिया पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप का फाइनल खेलेगी. इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट की सीरीज होगी. इस बीच खबर आई कि भुवनेश्वर खुद टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलना चाहते हैं. लेकिन अब भुवनेश्वर ने इन बातों का खुद खंडन कर दिया है.

भुवनेश्वर कुमार ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘मेरे बारे में कई खबरें आ रही हैं कि मैं टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलना चाहता. लेकिन मैं स्पष्ट करना चाहता हैं कि मैं हमेशा खुद को तीनों फॉर्मेट के लिए सलेक्शन के लिए तैयार किया है और आगे भी करता रहूंगा. मेरा सुझाव है कि सूत्रों के आधार पर अपनी धारणा ना लिखें. ’ इससे पहले रिपोर्ट आई थी कि भुवनेश्वर अब लंबे फॉर्मेट में नहीं खेलना चाहते हैं. उनमें टेस्ट क्रिकेट खेलने का उत्साह नहीं बचा है. वो अब सारा ध्यान टेस्ट से हटाकर सीमित ओवर क्रिकेट में लगाना चाहते हैं. सीमित ओवर क्रिकेट में वो कम गेंदबाजी करके खुश हैं और टेस्ट क्रिकेट में लंबे स्पैल उन्हें अब रास नहीं आ रहे हैं. इन्हीं सब वजहों से उन्होंने लंबे फॉर्मेट से खुद को दूर रखने का फैसला लिया है.


भुवनेश्वर को इंग्लैंड दौरे पर जाना चाहिए था
रिपोर्ट में सूत्र ने बताया कि सेलेक्टर्स को भुवी में 10 ओवर गेंदबाजी की भूख भी नजर नहीं आती है, तो टेस्ट तो भूल जाइए. यह वाकई टीम इंडिया की हार है, इससें किसी को संदेह नहीं. क्योंकि अगर किसी एक गेंदबाज को इंग्लैंड दौरे की टीम में जगह बनाना चाहिए थी, तो उसे होना चाहिए था. अब जबकि ये साफ है कि भुवनेश्वर टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलना चाहते हैं, तो सवाल उठता है कि अगर कोई तेज गेंदबाज चोटिल होता है तो वर्कलोड कैसे मैनेज होगा?. क्योंकि इशांत का रिकॉर्ड भी बहुत अच्छा नहीं है. वो भारतीय गेंदबाजी आक्रमण का केंद्र रहे हैं.

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स्विंग पिचों पर रिकॉर्ड बेहद शानदार



भुवनेश्वर के टेस्ट क्रिकेट करियर की बात करें, तो वो पिछली बार 2018 में टेस्ट मैच में उतरे थे. तब उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जोहान्सबर्ग टेस्ट में शानदार गेंदबाजी की थी और टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई थी. हालांकि, इसके बाद उन्हें टेस्ट क्रिकेट में मौका ही नहीं मिला और सीमित ओवर क्रिकेट खेलते रहे. भुवनेश्वर को आईपीएल के पिछले सीजन में चोट लगी थी. जिसके कारण वह ऑस्ट्रेलिया दौरे में भी शामिल नहीं हो सके थे. भुवनेश्वर ने 21 टेस्ट में 26 की औसत से 63 विकेट लिए हैं. इंग्लैंड में उन्होंने पांच टेस्ट में 19 विकेट झटके हैं. उन्होंने टेस्ट में तीन अर्धशतक भी लगाए हैं.

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