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आर्मी अफसर बनने का सपना देख रहे थे भुवनेश्वर कुमार, रेखा ने बदल दी जिंदगी, सचिन को भी कर दिया हैरान


स्‍टार गेंदबाज भुवनेश्‍वर कुमार को पत्‍नी नुपूर के कारण फेसबुक छोड़ना पड़ा था. एक शो में नुपूर ने बताया कि भुवी अचानक ट्विटर पर आए. उन्‍होंने भुवी से उनका फेसबुक पासवर्ड मांगा था, मगर भुवी ने डॉयलॉग देकर देने से मना कर दिया है. भुवी ने बताया कि जब पत्नी ने पासवर्ड मांगा तो उन्‍होंने सिर्फ एक ही बात कही थी कि स्‍पेस देना जरूरी होता है. पत्‍नी भी आसानी से इस बात को मान गई और यही देखकर वें हैरान रह गए थे.

स्‍टार गेंदबाज भुवनेश्‍वर कुमार को पत्‍नी नुपूर के कारण फेसबुक छोड़ना पड़ा था. एक शो में नुपूर ने बताया कि भुवी अचानक ट्विटर पर आए. उन्‍होंने भुवी से उनका फेसबुक पासवर्ड मांगा था, मगर भुवी ने डॉयलॉग देकर देने से मना कर दिया है. भुवी ने बताया कि जब पत्नी ने पासवर्ड मांगा तो उन्‍होंने सिर्फ एक ही बात कही थी कि स्‍पेस देना जरूरी होता है. पत्‍नी भी आसानी से इस बात को मान गई और यही देखकर वें हैरान रह गए थे.

तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार (Bhuvneshwar Kumar) ने टीम इंडिया के लिए 21 टेस्ट, 114 वनडे और 43 टी20 मैच खेले हैं.

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    नई दिल्ली. ना तेवर तूफानी, ना मुंह पर गाली, लेकिन जब गेंद फेंकता है, तो हर फैन बजाता है ताली. ये तेज गेंदबाज बेहद खास है, अलग ही मिट्टी से बना हुआ. तन और मन से बिलकुल शांत लेकिन हाथ से गेंद नहीं, तूफान निकलता है. एक ऐसा तूफान जो दिग्गज बल्लेबाजों को भी शांत रखती है. हम बात कर रहे हैं टीम इंडिया के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार (Bhuvneshwar Kumar) की, जिनकी स्विंग के आगे डेविड वॉर्नर, क्रिस गेल जैसे धुरंधर बल्लेबाज भी खामोश दिखाई देते हैं. 25 दिसंबर 2012 में डेब्यू करने वाले भुवी भारत के लिए 21 टेस्ट, 114 वनडे और 43 टी20 मैच खेल चुके हैं. इन दिनों टीम इंडिया की तेज गेंदबाजी के खूब चर्चे हैं. लोग ज्यादा बुमराह और मोहम्मद शमी की बात करते हैं लेकिन अगर आप किसी भी विरोधी बल्लेबाज से पूछेंगे तो ये पाएंगे कि उनके पांव भुवनेश्वर के सामने कांपते हैं. वैसे गजब की बात ये है कि भुवनेश्वर कुमार कभी क्रिकेटर बनना ही नहीं चाहते थे. उनका ख्वाब तो कुछ और ही था लेकिन एक लड़की ने उनकी किस्मत की रेखा खुद अपने हाथ से बनाई. आइए आपको बताते हैं भुवनेश्वर कुमार की जिंदगी के उस टर्निंग प्वाइंट के बारे में जिसने उनकी जिंदगी बदल दी.

    भुवनेश्वर कुमार की जिंदगी का टर्निंग प्वाइंट
    भुवनेश्वर (Bhuvneshwar Kumar) का जन्म 5 फरवरी, 1990 को मेरठ में हुआ. लोग प्यार से बिट्टू कहते थे. बिट्टू का सपना था कि वो आर्मी का अफसर बनेगा और देश की सेवा करेगा. हालांकि इस गेंदबाज के भाग्य में कुछ और ही लिखा हुआ था. भुवनेश्वर कुमार जब 12 साल के थे तो उनकी जिंदगी में वो दिन आया, जिसके बारे में उन्होंने खुद कल्पना नहीं थी. ये वो दिन था जब से भुवनेश्वर कुमार की टीम इंडिया में एंट्री की स्क्रिप्ट लिखी जानी थी.

    साल 2002 में भुवनेश्वर (Bhuvneshwar Kumar) की बड़ी बहन रेखा ने अपने भाई को क्रिकेटर बनाने के बारे में सोचा. वो उन्हें सीधे विक्टोरिया पार्क की क्रिकेट एकेडमी ले गई. रेखा ने भुवनेश्वर को किट बैग दिलाया और खेल से जुड़ा हर सामान भुवी को बड़ी बहन से ही मिला. गजब की बात ये है कि रेखा रोजाना अपने भाई को एकेडमी तक छोड़ने और लेने जाती थी. यही नहीं वो उनके कोच से भुवनेश्वर की प्रोग्रेस के बारे में पूछती रहती थी. भुवी के कोच संजय रस्तोगी ने भी एक इंटरव्यू में कहा था कि अगर भुवनेश्वर की बड़ी बहन रेखा उन्हें विक्टोरिया पार्क नहीं लाती तो शायद टीम इंडिया को इतना बेहतरीन स्विंग बॉलर नहीं मिल पाता.

    2007 में रणजी ट्रॉफी खेले भुवनेश्वर कुमार
    महज 5 सालों में भुवनेश्वर कुमार (Bhuvneshwar Kumar) ने अपने खेल से पूरे यूपी को हिलाकर रख दिया. पूरे यूपी में भुवनेश्वर कुमार की स्विंग के चर्चे थे. साल 2007 में भुवनेश्वर कुमार को यूपी की ओर से रणजी ट्रॉफी में डेब्यू करने का मौका मिला. बंगाल के खिलाफ उन्होंने पहली ही पारी में महज 25 रन देकर 3 विकेट चटका दिये.

    सचिन को किया शून्य पर आउट
    भुवनेश्वर कुमार (Bhuvneshwar Kumar) ने साल 2008-09 के रणजी सीजन में अपने नाम का हल्ला पूरी दुनिया में मचा दिया. दरअसल रणजी ट्रॉफी में यूपी और मुंबई का मुकाबला हुआ और भुवनेश्वर कुमार ने मुंबई की हालत खराब की हुई थी. मुंबई ने महज 55 रन पर 3 विकेट गंवा दिये थे, जिसमें से दो झटके उसे भुवी ने दिये थे. इसके बाद सचिन क्रीज पर आए और फिर भुवनेश्वर के हाथ से निकली एक इन स्विंग गेंद. इस गेंद ने सचिन के बल्ले का अंदरूनी किनारा लिया और उन्हें शॉट मिडविकेट पर फील्डर ने लपक लिया. सचिन तेंदुलकर फर्स्ट क्लास क्रिकेट में पहली बार शून्य पर आउट हुए. बस यहीं से भुवनेश्वर कुमार का नाम पूरे देश में छा गया.



    डेब्यू में भुवनेश्वर का धमाका
    सचिन का विकेट लेने के 4 साल बाद भुवनेश्वर कुमार ने टीम इंडिया में जगह बना ली. उनका डेब्यू भी बेहद असधारण रहा. भारत और पाकिस्तान के बीच हो रही टी20 सीरीज में भुवी (Bhuvneshwar Kumar) ने डेब्यू किया और उन्होंने अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर के पहले ओवर में ही नासिर जमशेद को जबर्दस्त इनस्विंगर पर बोल्ड कर दिया. इसके बाद उन्होंने अहमद शहजाद और उमर अकमल के भी विकेट लिये. भारत ये मैच 5 विकेट से हारा लेकिन भुवनेश्वर कुमार ने अपने 4 ओवर में महज 9 रन देकर 3 विकेट लिये.

    भुवनेश्वर कुमार (Bhuvneshwar Kumar) ने वनडे डेब्यू भी पाकिस्तान के विरुद्ध ही किया. भुवनेश्वर कुमार ने वनडे इंटरनेशनल करियर की पहली ही गेंद पर मोहम्मद हफीज को इनस्विंग पर बोल्ड कर दिया. अपने पहले वनडे में उन्होंने 9 ओवर में महज 27 रन देकर 2 विकेट लिये. इसके बाद भुवनेश्वर ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. भुवनेश्वर आज अच्छे स्विंग गेंदबाज ही नहीं बल्कि वो अब गजब की स्लोअर गेंदें भी फेंकते हैं. मौजूदा दौर में भुवनेश्वर कुमार से अच्छी नकल गेंद कोई गेंदबाज नहीं फेंकता.

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