आम्रपाली मामला: एमएस धोनी पर कार्रवाई की मांग, मोदी के मंत्री तक पहुंची बात

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान को पत्र लिखा है

News18Hindi
Updated: July 25, 2019, 10:15 PM IST
आम्रपाली मामला: एमएस धोनी पर कार्रवाई की मांग, मोदी के मंत्री तक पहुंची बात
महेंद्र सिंह धोनी आम्रपाली विवाद में फंस चुके हैं (ap)
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Updated: July 25, 2019, 10:15 PM IST
आम्रपाली से अलग होने के बावजूद भी महेंद्र सिंह धोनी की मुश्किलें कम नहीं हो रही है. कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) और आम्रपाली के फ्लैट खरीददारों की संस्था नेफोवा ने केंद्र सरकार के मंत्री रामविलास पासवान को पत्र लिखा है. अपने इस पत्र में उन्होंने धोनी पर  कार्रवाई करने की मांग की है. केंद्र मंत्री रामविलास पासवान को लिखे इस पत्र में धोनी की शिकायत की गई है.

पत्र में धोनी पर आरोप लगाया है कि धोनी ने ब्रांड को एंडोर्स किया और कई विज्ञापन किए जिससे लोग यहां फ्लैट खरीदने के लिए प्रभावित हुए. रामविलास पासवान से अपील की गई है कि संसद के वर्तमान सत्र में उपभोक्ता सुरक्षा विधेयक पारित कराया जाए ताकी धोनी जैसे सेलिब्रिटी भ्रमक एड करके लोगों को प्रभावित ना कर पाए. सुप्रीम कोर्ट द्वारा आम्रपाली ग्रुप के खिलाफ विभिन्न अनियमितताओं के लिए सख्त कार्रवाई करने के आदेश को आधार बनाकर कहा है गया है कि बिल्डर दोषी पाया गया है और इसी कारण ब्रांड को एंडोर्स करने वाले धोनी की जवाबदेही भी बनती है. कैट के मुताबिक धोनी भी इसके जिम्मेदार हैं और उन्हें जवाब देना चाहिए.कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया और राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने कहा है कि धोनी के विज्ञापन के कारण लोग इन परियोजनाओं में पैसे लगाते हैं.

धोनी 2014-12 में आम्र पाली के ब्रांड एंबेस्डर बने थे. इसके बाद उन्होंने इस ग्रुप के लिए एड भी किए. हालांकि साल 2016 में फ्लैट खरीदने वाले ग्राहकों ने सोशल मीडिया पर धोनी को निशाने पर लेते हुए कहा था कि या तो वह इससे अलग हो जाएं या उन्हें फ्लैट पॉजेशन दिलाने में मदद करें. इस विवाद के बाद धोनी ने खुद को इस परियोजना से अलग कर लिया था.

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First published: July 25, 2019, 10:13 PM IST
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