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क्यों हैं पुजारा द्रविड़ की तरह बेहद स्पेशल- अनिल कुंबले की कलम से

News18Hindi
Updated: December 13, 2018, 6:43 PM IST

पिछले कुछ सालों में जितनी भी उपलब्धियां टीम इंडिया ने हासिल की हैं उनमें पुजारा का योगदान खूब रहा है. जाहिर है कि अन्य खिलाड़ियों ने भी योगदान दिया है लेकिन पुजारा इन सबके आधार रहे हैं.

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  • Last Updated: December 13, 2018, 6:43 PM IST
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अनिल कुंबले, पूर्व कप्तान, कोच, टीम इंडिया
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जिस तरह का कमाल चेतेश्वर पुजारा ने एडिलेड टेस्ट में दिखाया वही उनकी खासियत है. वह एक ऐसे बल्लेबाज हैं जिनका अंदाज राहुल द्रविड़ से खासा मिलता जुलता है. जो द्रविड़ ने नंबर 3 पर किया वही काबिलियत पुजारा के पास भी है और वह विपक्षी आक्रमण को कुंद कर देते हैं. वह थमकर खेलते हैं और इसी बात की दरकार टेस्ट क्रिकेट में होती है. मौजूदा भारतीय टीम में, आपके पास पांच से छह बल्लेबाज हैं जो एक सेशन में मैच को बदलने का दम रखते हैं लेकिन टीम में पुजारा जैसा एक ही बल्लेबाज है.

द्रविड़ की ही तरह विपक्षी आक्रमण को पुजारा शून्य कर देते हैं

मुझे लगता है कि उन्होंने सुनिश्चित किया है कि हर कोई उनके इर्द गिर्द बैटिंग करे. साथ ही वह लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हैं. उन्होंने टेस्ट में टीम इंडिया के लिए गजब का प्रदर्शन किया है. मुझे लगता है कि पिछले कुछ सालों में जितनी भी उपलब्धियां टीम इंडिया ने हासिल की हैं उनमें पुजारा का योगदान खूब रहा है. जाहिर है कि अन्य खिलाड़ियों ने भी योगदान दिया है लेकिन पुजारा इन सबके आधार रहे हैं. इस भरोसेमंद बल्लेबाज को इसका अभी तक उतना श्रेय नहीं मिला लेकिन अब धीरे-धीरे उनको लेकर बातें होने लगी हैं. मुझे पता है कि पिछले दौरों में वह भारत के बाहर उतना अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए लेकिन इस दौरान भी वह टीम के अच्छे प्रदर्शन के स्तंभ रहे हैं.
पुजारा टीम इंडिया की बैटिंग के स्तंभ हैं

उनका अपना अंदाज है और उनके लिए स्ट्राइक रेट मायने नहीं रखता. मौजूदा समय में टेस्ट क्रिकेट में सभी टेस्ट मैच ड्रॉ पर खत्म नहीं होते क्योंकि हर कोई तेज पेस के साथ स्कोर कर रहा है. ऐसे में आपको एक ऐसे खिलाड़ी की जरूरत होती है जो थमकर खेले और इस बात पर भरोसा दिखाए कि टेस्ट क्रिकेट को धीरज की जरूरत होती है. ऐसे में आपको एक छोर पर डटे रहने की जरूरत है साथ ही गेंदबाजों को भी सम्मान देने की जरूरत है.ये भी पढ़ें: EXCLUSIVE । रिषभ पंत को परिस्थिति के मुताबिक बल्लेबाजी करने की जरूरत: अनिल कुंबले

देखिए एडिलेड टेस्ट की पहली पारी में उन्होंने शुरुआत में कैसी बल्लेबाजी की. कई सारे बल्लेबाज पहली पारी में बड़ा स्ट्रोक लगाने की कोशिश में आउट हुए और जब पुजारा आए तो वह हमेशा अपने शरीर के करीब से शॉट खेलते नजर आए. वह इस दौरान गेंद को सिर्फ नीचे रख रहे थे, चौका लगाने की कोशिश नहीं कर रहे थे. यही उनकी काबिलियत है और उन्होंने पहले मैच में यही दिखाया. अच्छी बात ये है कि उन्होंने उसके बाद दूसरी पारी में शानदार 70 रन बनाए.

(यह कॉलम अनिल कुंबले की न्यूज18 के साथ बातचीत पर आधारित है)

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First published: December 13, 2018, 3:12 PM IST
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