विराट कोहली के लौटने के बाद 'दीवार' पुजारा थे पैट कमिंस के निशाने पर

IND vs AUS: चेतेश्वर पुजारा को राहुल द्रविड़ के बाद टीम इंडिया की मॉडर्न दीवार माना जाता है (PIC: AP)

IND vs AUS: चेतेश्वर पुजारा को राहुल द्रविड़ के बाद टीम इंडिया की मॉडर्न दीवार माना जाता है (PIC: AP)

IND vs AUS: चेतेश्वर पुजारा ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के चार मैचों में 43, 0, 17, 3, 50, 77, 25, 56 रनों की पारी खेली. ब्रिस्बेन के गाबा में खेले गए चौथे और अंतिम टेस्ट में पुजारा ने अहम भूमिका निभाई और भारत को जीत दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया.

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मेलबर्न. ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज पैट कमिंस (Pat Cummis) ने चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar Pujara) को 'दीवार' करार देते हुए कहा है कि भारतीय कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) के पहले टेस्ट के बाद भारत लौटने पर उन्होंने पुजारा के विकेट को लक्ष्य बनाया था. कोहली ऑस्ट्रेलिया दौरे पर आखिरी तीन टेस्ट नहीं खेले थे. पैट कमिंस ने कहा कि पुजारा अपनी अडिग बल्लेबाजी से उस सीरीज में निर्णायक साबित हुए. भारत ने सीरीज 2-1 से जीती.

पैट कमिंस ने ईएसपीएन क्रिकइन्फो के 'द क्रिकेट मंथली' से कहा, ''मेरी नजर में पुजारा ईंट की दीवार थे. विराट के जाने के बाद पुजारा मेरे लिए बड़ा विकेट था.'' उन्होंने कहा, ''वह दो साल पहले सीरीज में निर्णायक साबित हुआ था. वह मध्यक्रम में उनकी दीवार था. मैं भी वह सीरीज खेला था और मैं जानता था.''

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पैट कमिंस ने कहा, ''सिडनी में ड्रॉ में उन्होंने निर्णायक भूमिका निभाई और फिर गाबा पर जीत में भी. उसने सीरीज में अपनी छाप बखूबी छोड़ी.'' पुजारा और कमिंस का सामना भी सीरीज के आकर्षण में से रहा. कमिंस ने आठ में से पांच पारियों में पुजारा को आउट किया. पुजारा ने उनकी 928 गेंदों का सामना करके 271 रन बनाए.
कमिंस ने कहा,'' पहले दो मैचों के बाद मुझे लगा कि पुजारा अपनी शैली में कुछ बदलाव करके गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश करेंगे लेकिन उन्होंने कुछ और ही किया. उनकी सोच थी कि वह अपने खेल को बखूबी जानते हैं और क्रीज पर डटे रहेंगे, रन खुद-ब-खुद बनेंगे. वह कठिन स्पैल का सामना करने के लिए ही डटे हुए थे.''

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उन्होंने कहा कि एक गेंदबाज के लिए पुजारा को गेंद डालना कठिन चुनौती है, क्योंकि वह किसी से डरते नहीं हैं. पुजारा ने ब्रिस्बेन में आखिरी टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के तेज आक्रमण के सारे प्रहार खुद झेलते हुए 211 गेंदों में 56 रन बनाकर भारत की ऐतिहासिक जीत की नींव रखी थी.
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