नाबाद शतक ठोक टीम इंडिया से छीन ली थी आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी, आज चलाता है ट्रक, धोता है बसें

एक महान ऑलराउंडर कैसे बन गया ट्रक ड्राइवर?
एक महान ऑलराउंडर कैसे बन गया ट्रक ड्राइवर?

400 से ज्यादा विकेट लिये, 8 हजार से ज्यादा रन बनाए, लेकिन अब पाई-पाई को है मोहताज, जानिए न्यूजीलैंड के दिग्गज ऑलराउंडर Chris Cairns की कहानी

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नई दिल्ली. जब वो बल्ला थामता था तो गेंदबाजों की शामत आ जाती थी. वो जब गेंद फेंकता था तो अच्छे-अच्छे बल्लेबाजों के छूट जाते थे पसीने. क्रिकेट के खेल में कई खिलाड़ी हुए हैं जो अपने बल्ले या फिर गेंदबाजी से टीम को मैच जिताते हैं लेकिन ऐसे खिलाड़ी विरले ही हैं जो गेंद और बल्ले दोनों से पूरे मैच का पासा पलट देते थे. ऐसे ही खिलाड़ी थे क्रिस क्रेन्स जिन्होंने न्यूजीलैंड को अपने ऑलराउंड खेल से कई मैच जिताए. लेकिन आज ये खिलाड़ी गरीबी और मुफलिसी की जंग लड़ते हुए जिंदगी जी रहा है. आइए आपको बताते हैं क्रिस केर्न्स (Chris Cairns) की अर्श से फर्श पर गिरने की कहानी.

क्रिस केर्न्स का करियर
क्रिस केर्न्स (Chris Cairns) का करियर इस बात की तस्दीक करता है कि उनका वर्ल्ड क्रिकेट में कद क्या था. 1989 में इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखने वाले केर्न्स ने न्यूजीलैंड के लिए 62 टेस्ट मैचों में 3320 रन बनाए. 215 वनडे मुकाबलों में उनके नाम 4950 रन निकले. इस दौरान उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट में 9 शतक और 48 अर्धशतक लगाए. अब जरा गेंद से क्रिस केर्न्स का प्रदर्शन भी जान लीजिए. न्यूजीलैंड के इस दिग्गज ऑलराउंडर ने टेस्ट में 218 और वनडे में 201 विकेट अपने नाम किये. टेस्ट में उन्होंने 13 बार पांच विकेट लेने का कारनामा किया और एक बार उन्होंने मैच में 10 विकेट भी झटके. क्रिस क्रेन्स के घरेलू क्रिकेट के प्रदर्शन को अगर मिला दिया जाए तो उन्होंने 21 हजार से ज्यादा रन बनाए और 1100 से ज्यादा विकेट लिये.

क्रिस केर्न्स ने दिया था भारत को दर्द
वैसे तो केर्न्स (Chris Cairns) ने अपने करियर में न्यूजीलैंड को कई मैच जिताए लेकिन साल 2000 में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में उन्होंने ऐसी पारी खेली थी जिसे आज भी याद किया जाता है. आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी को पहले आईसीसी नॉकआउट कप कहा जाता था. फाइनल में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 264 रन बनाए. सौरव गांगुली ने 117 और सचिन ने 69 रनों की पारी खेली. जवाब में कीवी टीम ने 109 रनों पर अपने 4 विकेट गंवा दिये. ऐसा लगा कि भारत फाइनल जीत जाएगा, लेकिन उसके बाद क्रीज पर आए क्रिस केर्न्स और इस ऑलराउंडर ने महज 113 गेंदों में नाबाद 102 रन ठोक न्यूजीलैंड को चैंपियन बना दिया.



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कैसे हीरो से जीरो बने क्रिस केर्न्स
रिटायरमेंट के बाद क्रिस केर्न्स (Chris Cairns) पर मैच फिक्सिंग जैसे गंभीर आरोप लगे. उनपर इंडियन क्रिकेट लीग में फिक्सिंग के आरोप लगे, जिन्हें क्रिस केर्न्स ने नकारा. न्यूजीलैंड के पूर्व क्रिकेटर लुऊ विंसेंट जो कि खुद मैच फिक्सिंग के दोषी पाए गए थे, उन्होंने आरोप लगाया कि क्रिस केर्न्स ने उन्हें फिक्सिंग का ऑफर दिया था, न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान ब्रैंडन मैक्कलम ने भी क्रिस केर्न्स पर यही आरोप लगाया. हालांकि ये आरोप कभी साबित नहीं हो सके.

दीवालिया हो गए केर्न्स
मैच फिक्सिंग के आरोपों से जूझ रहे क्रिस केर्न्स (Chris Cairns) की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर हो गई और उन्होंने परिवार पालने के लिए ऑकलैंड में स्थित शेल्टर में बस धोने का काम किया. यही नहीं उन्होंने ऑकलैंड नगरपालिका के लिए ट्रक तक चलाए और साथ ही बार में भी काम किया. क्रिस केर्न्स आज गुमनामी की जिंदगी जी रहे हैं. वो ना ही सोशल मीडिया पर दिखाई देते हैं और ना ही न्यूजीलैंड के अखबारों की सुर्खियां बनते हैं. एक बड़े खिलाड़ी ऐसी जिंदगी जीएगा, ये किसी ने ना सोचा होगा.

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