बीसीसीआई अध्‍यक्ष बने रहेंगे सौरव गांगुली या नहीं, सुप्रीम कोर्ट में आज होगी सुनवाई

बीसीसीआई अध्‍यक्ष बने रहेंगे सौरव गांगुली या नहीं, सुप्रीम कोर्ट में आज होगी सुनवाई
सौरव गांगुली का कार्यकाल इस महीने के आखिर में खत्‍म होने वाला है (फाइल फोटो)

बीसीसीआई संविधान के अनुसार सौरव गांगुली (Sourav ganguly) के छह साल इस महीने के आाखिर में पूरे होंगे. जबकि जय शाह (Jay Shah) का कार्यकाल पूरा हो गया है

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नई दिल्ली. इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) स्पॉट फिक्सिंग के याचिकाकर्ता आदित्य वर्मा ने कहा कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) और सचिव जय शाह की विराम अवधि (कूलिंग ऑफ पीरियड) को हटाने के मसले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने पर उनका वकील इसका विरोध नहीं करेगा. शीर्ष अदालत में बीसीसीआई (BCCI) की अपने संविधान में संशोधन करने और गांगुली और शाह को अनिवार्य विराम अवधि पर जाने के बजाय अपने पद पर बने रहने को लेकर दायर की गई याचिका पर बुधवार को सुनवाई होगी.

बिहार क्रिकेट संघ (सीएबी) के सचिव वर्मा 2013 स्पॉट फिक्सिंग मामले के मूल याचिकाकर्ता हैं. इसी के बाद सुप्रीम कोर्ट ने लोढ़ा पैनल का गठन किया, जिसकी सिफारिशों पर दुनिया के सबसे धनी बोर्ड के संविधान में आमूलचूल सुधार किए गए. बीसीसीआई के नए संविधान के अनुसार राज्य संघ या बोर्ड में छह साल के कार्यकाल के बाद तीन साल के लिए कूलिंग ऑफ पीरियड पर जाना अनिवार्य है. गांगुली और शाह ने पिछले साल अक्टूबर में पदभार संभाला था और तब उनके राज्य और राष्ट्रीय इकाई में छह साल के कार्यकाल में केवल नौ महीने बचे थे.

बीसीसीआई के लिए सौरव गांगुली ही सर्वश्रेष्‍ठ



वर्मा ने कहा कि बोर्ड में स्थायित्व के लिए गांगुली और शाह का बने रहना जरूरी है. वर्मा ने पीटीआई-भाषा से कहा कि मैं शुरू से कहता रहा हूं कि सौरव गांगुली बीसीसीआई की अगुआई करने के लिए सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति हैं. मेरा मानना है कि बीसीसीआई में स्थायित्व के लिए दादा और जय शाह का पूरे कार्यकाल तक बने रहना जरूरी है.
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उन्होंने कहा कि अगर दादा बीसीसीआई अध्यक्ष पद बने रहते हैं तो मैं सीएबी की तरफ से उनका विरोध नहीं करूंगा. इन नौ महीनों में से चार महीने पहले ही कोरोना वायरस (Coronaviurs) के कारण गंवा दिए गए हैं और किसी भी प्रशासक को अपनी योजनाओं और नीतियों को लागू करने के समय चाहिए होता है.  गांगुली के छह साल इस महीने के आाखिर में पूरे होंगे. जबकि शाह का कार्यकाल पूरा हो गया है
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