कोरोना वायरस की वजह से भारतीय क्रिकेट के सामने क्यों खड़ा हुआ बड़ा खतरा

कोरोना वायरस की वजह से भारतीय क्रिकेट के सामने क्यों खड़ा हुआ बड़ा खतरा
भारतीय क्रिकेट पर बहुत बड़ा खतरा?

भारत में कोरोना वायरस (Coronavirus) के मामले रुकने का नाम ही नहीं ले रहे हैं, संक्रमित लोगों की संख्या 10 लाख के पार पहुंच चुकी है, ऐसे में भारत के सैकड़ों प्रतिभावान क्रिकेटरों के भविष्य पर अब बड़ा खतरा मंडरा रहा है.

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नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Covid-19)...एक ऐसी महामारी जिसने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में लिया हुआ है. इस महामारी ने अमेरिका, ब्रिटेन, इटली जैसे संपन्न देशों को बैकफुट पर धकेल दिया. इस महामारी ने दुनिया की अच्छी से अच्छी मेडिकल सुविधा रखने वाले देश को भी घुटनों पर ला खड़ा किया. इस महामारी की वजह से बिजनेस, स्कूल, खेल सबकुछ ठप हो गया. हालांकि अब धीरे-धीरे हालात सामान्य हो रहे हैं. क्रिकेट की बात करें तो कई मुल्कों के खिलाड़ियों ने प्रैक्टिस शुरू कर दी है और अब तो अंतर्राष्ट्रीय मुकाबले भी शुरू हो गए हैं. ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड के खिलाड़ी अभ्यास करने लगे हैं. पाकिस्तानी खिलाड़ी भी इंग्लैंड दौरे पर पहुंच चुके हैं.

श्रीलंका की टीम भी प्रैक्टिस में जुटी हुई है. वहीं इंग्लैंड और वेस्टइंडीज की टीमें तो आपस में टेस्ट सीरीज खेल रही हैं. लेकिन भारतीय क्रिकेट टीम 4 महीने बीतने के बाद भी घर पर ही बैठी है. आइए आपको बताते हैं कि कैसे कोरोना भारत में क्रिकेट (Indian Cricket) खिलाड़ियों के भविष्य के लिए बड़ा खतरा बन गया है. हालात जल्द सामान्य नहीं हुए तो दुनिया का सबसे अमीर बोर्ड बीसीसीआई (BCCI) भी हाथ खड़े कर देगा.

भारत में कोरोना की मार, क्रिकेट खिलाड़ी लाचार
एक ओर जहां इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड में कोरोना वायरस के मामले कम हो रहे हैं वहीं दूसरी ओर भारत में रोजाना इसके मामले दिनोंदिन बढ़ रहे हैं. भारत में कोरोना पीड़ितों की संख्या 10 लाख के पार पहुंच चुकी है और यही वजह है कि टीम इंडिया और दूसरे घरेलू खिलाड़ी मैदान से दूर हैं. बीसीसीआई आईपीएल के आयोजन की योजना तो बना रही है लेकिन ये बताने की स्थिति में कोई नहीं है कि आखिर भारत में क्रिकेट कब और कैसे शुरू होगा? इस मुद्दे पर जब हाल ही में पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर से सवाल पूछा गया था तो उन्होंने दो टूक कहा- जिंदगी बेश्कीमती है, हालात सामान्य होने पर ही क्रिकेट एक बार फिर शुरू होगा. अब ये कोई नहीं बता सकता कि कोरोना कब खत्म होगा. वैक्सीन पर काम चल रहा है लेकिन भारत का हर नागरिक इसे कब तक हासिल कर पाएगा, इस सवाल का जवाब कोई नहीं जानता.
आईपीएल हो जाएगा, लेकिन घरेलू क्रिकेटरों का क्या होगा


मीडिया में खबरें हैं कि भारत में चाहें हालात सामान्य ना हों लेकिन आईपीएल 2020 (IPL 2020) का आयोजन होगा. बीसीसीआई इस टूर्नामेंट का आयोजन यूएई में कर सकती है. बीसीसीआई पहले भी साउथ अफ्रीका और यूएई में इस टूर्नामेंट को आयोजित कर चुकी है और इस बार भी ऐसा संभव है. लेकिन जरा ये सोचिए कि उन क्रिकेटरों का क्या होगा जो आईपीएल में नहीं खेलते? उन युवा क्रिकेटरों का क्या होगा जो रणजी ट्रॉफी, दिलीप ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी और दूसरे टूर्नामेंट्स में खेलते हैं. जिस तरह से भारत में कोरोना का ग्राफ बढ़ रहा है उसे देखकर लगता नहीं है कि भारत के घरेलू क्रिकेटर इस साल क्रिकेट खेल पाएंगे.

घरेलू क्रिकेट ही बीसीसीआई का सबसे बड़ा सिरदर्द
बता दें बीसीसीआई के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द देश का घरेलू ढांचा है जिसमें सीनियर पुरुष, अंडर-23 पुरुष, जूनियर लड़के (अंडर-19 और अंडर-16), सीनियर महिला, अंडर-23 महिला, अंडर-19 लड़कियों के वर्ग के टूर्नामेंट शामिल हैं जिसमें सभी प्रारूपों में हजारों मैच होते हैं.

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बीसीसीआई (BCCI) का ऐसा मानना है कि रणजी ट्रॉफी के कार्यक्रम में बदलाव की जरूरत है. साथ ही बोर्ड को लगता है कि विजय हजारे, दिलीप ट्रॉफी, सैयद मुश्ताक अली का आयोजन करने के लिए रणनीति में बदलाव करना जरूरी है. खबर ये है कि बीसीसीआई इनमें से किसी एक टूर्नामेंट को रद्द भी कर सकती है. इसके अलावा जूनियर घरेलू प्रतियोगिताओं का आयोजन भी बीसीसीआई के लिए बेहद जरूरी है. सिर्फ घरेलू क्रिकेट ही नहीं आईपीएल के बाद टीम इंडिया को कई अहम बाइलेट्रल सीरीज खेलनी हैं, जिससे बीसीसीआई को काफी पैसा मिलता है, उनपर भी तलवार लटकी रहेगी. भारत में अगर कोरोना के मरीज ऐसे ही बढ़ते रहे तो यकीन मानिए भारतीय क्रिकेट को तगड़ी चोट लग सकती है.
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